यूपी बोर्ड: फेल होने से आहत छात्र-छात्रा ने लगा ली फांसी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यूपी बोर्ड हाईस्कूल परीक्षा में फेल होने से आहत उत्तर प्रदेश के बस्ती जिला अंतर्गत नगर थानाक्षेत्र के राजघाट निवासी छात्रा शालू ने पेड़ से लटककर अपनी जान दे दी। राहगीरों ने सूनसान जगह पर स्थित इमली के पेड़ में फंदा लगाते देख शोर मचाया लेकिन जब तक लोग उसके पास पहुंचते,वह फंदे से झूल गई। आनन-फानन में गांव के लोगों ने उसे पेड़ से उतारा लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। नगर कस्बे में स्थित सूर्य कुमारी बालिका विद्यालय में पढ़ने वाली बहरैची निषाद की पुत्री शालू रविवार को गांव के बाकी लड़के-लड़कियों के साथ नगर बाजार स्थित साइबर कैफे में अपना रिजल्ट देखने पहुंची। दुर्भाग्य से वह फेल थी। जब उसे इसकी जानकारी हुई तो रोते हुए घर पहुंची। घर के लोगों ने बताया कि कुछ देर तक वह एकांत में उदास बैठी रही। करीब ढाई बजे दोपहर में एकाएक शालू घर से निकली और ग्राम देवता के स्थान के पास एकांत में स्थित इमली के पेड़ से लटक गई। प्रभारी निरीक्षक नगर केडी सिंह का कहना है कि एहतियातन शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए भेजा जा रहा है।
छोटी थी,इसलिए सबकी दुलारी थी शालू
राजघाट निवासी शालू के पिता बहरैची काफी दिन तक खाड़ी देशों में रहकर नौकरी करते रहे। बावजूद इसके घर की माली हालत ठीक नहीं है। दो भाई अनिल (27 ) व विजय ( 25) के अलावा तीन बहनों पूनम ( 23) व नीलम (21) के बाद शालू सबसे छोटी थी। घर में छोटी होने की वजह से वह घर की सबसे दुलारी थी। उसके इस तरह आत्महत्या कर लेने से पूरा परिवार बदहवास है।
हाईस्कूल में फेल बदायूं के छात्र ने उठाया आत्मघाती कदम
वहीं यूपी के ही बंदायूं में हाईस्कूल की परीक्षा में फेल होने पर कक्षा 10 के छात्र जितेंद्र ने अवसाद में आकर फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। उसका शव गांव के बाहर पेड़ पर लटका मिला। छात्र के इस कदम से परिवार और गांव के लोग हतप्रभ हैं। उसकी जेब से इंटरनेट से निकाली गई हाईस्कूल की मार्कशीट मिली है। इसमें वह छह में से पांच विषय में फेल है। उघैती थाने के गांव खुशहालपुर निवासी शिशुपाल का 16 वर्षीय बेटा जितेंद्र रुदायन के दुर्गा देवी इंटर कॉलेज में कक्षा 10 का छात्र था। उसने कला संवर्ग में परीक्षा दी थी।
रविवार को जितेंद्र घर से रिजल्ट देखने इंटरनेट कैफे गया था। इसके बाद वह घर नहीं लौटा। शाम तीन बजे परिवार वालों को खबर मिली कि गांव से कुछ दूरी पर तिलक सिंह के खेत में पेड़ पर जितेंद्र की लाश लटकी है। बदहवास परिवार वाले पहुंचे, जितेंद्र की मौत हो चुकी थी। गांव वालों ने शव पेड़ से उतारने के बाद पुलिस को खबर दी।
जितेंद्र के पिता शिशुपाल हरियाणा में रहकर नौकरी करते हैं। पांच भाइयों में वह तीसरे नंबर का था। घटना के बाद मां गीता देवी बदहवास है। जितेंद्र के खुदकुशी करने की सूचना शिशुपाल को दे दी गई है। परिवार वाले भी मान रहे हैं कि उसने फेल होने की वजह से खुदकुशी की है। जितेंद्र की जेब से हाईस्कूल की इंटरनेट से निकाली गई फेल की मार्कशीट मिली है। जिसमें वह छह विषय में से पांच में फेल है।