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Kairana: भाई जेल गया तो लंदन से प्रचार का जिम्मा उठाने आई बहन, जानिए मेहनत सफल हो पाई की नहीं
Thu, 10 Mar 2022 12:39 PM IST
मेघा चौधरी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,कैराना
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,कैराना
Published by: मेघा चौधरी
Updated Thu, 10 Mar 2022 12:39 PM IST
सार
कैराना विधानसभा सीट पर नाहिद हसन की बहन इकरा हसन ने प्रचार का जिम्मा संभाला था। वह लंदन से आईं और पूरे चुनाव में जी जान से अपने भाई के लिए प्रचार करने में जुटी रहीं, लेकिन ऐसा लग रहा है कि बहन की मेहनत रंग नहीं ला पाई।
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नाहिद हसन और इकरा हसन
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
कैराना विधानसभा सीट पर नाहिद हसन के जेल जाने के बाद उनकी बहन इकरा हसन ने प्रचार का जिम्मा संभाला था। वह लंदन से आई और पूरे चुनाव में जी जान से अपने भाई के लिए प्रचार करने में जुटी रहीं, लेकिन ऐसा लग रहा है कि बहन की मेहनत रंग नहीं ला पाई। पहले जहां नाहिद हसन आगे चल रहे थे, वहीं अब वह भाजपा प्रत्याशी मृगांका सिंह ने उन्हें पीछे कर दिया है। 12:30 बजे तक आए आंकड़ों के अनुसार भाजपा की मृगांका ने उन्हें मात दे दी है।
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इकरा हसन ने उठाया था प्रचार का जिम्मा
नाहिद हसन को गैंगस्टर एक्ट मामले में फरार होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद से ही इकरा हसन ने अपने भाई के लिए प्रचार करना शुरू कर दिया था। उनका कहना था कि राजनीतिक षड्यंत्र के तहत उन पर आरोप लगाए गए हैं। वहीं, 12:30 बजे तक आए चुनाव परिणाम में नाहिद हसन भाजपा की मृगांका से पीछे हो गए हैं। मृगांका को अब तक 20,407 वोट मिल चुके हैं तो हसन को 19,917 वोट मिले है। इससे पहले हसन 10,345 वोटों के साथ आगे चल रहे थे और मृगांका सिंह 7,840 वोटों के साथ पीछे थी, लेकिन अब उन्होंने बाजी मार ली है।
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2019 में आई थी चर्चा में
इकरा दिसंबर 2019 में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग के सामने हुए विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के कारण चर्चा में आई थीं। इकरा की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई थी, जिसके बाह नाहिस हासन ने इस बात की पुष्टि की थी कि वह उनकी बहन इकरा ही है। इकरा ने सीएए के खिलाफ प्रदर्शन में हिस्सा लिया था।
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नौतना में निषाद के ऋषि त्रिपाठी आगे
इस बार अमनमणि बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के हाथी पर सवार होकर मतदाताओं को रिझाने चुनावी मैदान में उतरे थे। हालांकि इस बार चुनाव पिछले बार से काफी अलग हैं। 12 बजे तक के आए चुनावी परिणाम में भाजपा और निषाद गठबंधन से ऋषि त्रिपाठी आगे चल रहे हैं। ऋषि त्रिपाठी को अब तक 16,245 वोट मिल चुके हैं और सपा के कुंवर कौशल 11,769 वोटों के साथ दूसरे पायदान पर हैं। इसके साथ ही अमनमणि 8,111 वोट ही मिले हैं। कांग्रेस के सदा मोहन 428 वोटों के साथ चौथे नंबर चल रहे हैं। बता दें कि 2017 में अपनी पत्नी सारा की हत्या के मामले में जेल में रहने के बावजूद मोदी लहर में अमनमणि ने निर्दलीय चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। तब प्रचार का जिम्मा लंदन से आई उनकी बहन ने उठाया था।
ब्राह्मण उम्मीदवार के मैदान में होने से कटे अमनमणि के वोट
महाराजगंज की नौतनवा सीट पर एक ओर जहां अमनमणि त्रिपाठी बसपा से खड़े थे तो वहीं दूसरी ओर पूर्व विधायक कुंवर कौशल सपा के टिकट पर चुनावी मैदान में थे। वहीं, भाजपा और निषाद गठबंधन ने भाजपा के जिला महामंत्री ऋषि त्रिपाठी को चुनावी मैदान में उतारा था। तीनों ही प्रत्याशी जोर शोर से प्रचार करने में जुटे हुए थे। भाजपा ने निषाद के साथ मिलकर ब्राह्मण उम्मीदवार को मैदान में उतारा था। ऐसे में अमनमणि के वोट कटना लाजमी था।