तब्लीगी जमात के कारण चरम पर पहुंच सकता है कोरोना, मस्जिदों में छिपे 600 विदेशियों ने बढ़ाई चिंता
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सुरक्षा विभाग से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक इन तब्लीगी कार्यकर्ताओं की संख्या और बढ़ सकती है। अब तक दिल्ली के उत्तर पूर्वी जिले की मस्जिदों में लगभग 100 विदेशी, दक्षिण पूर्व जिले में करीबन 200 और साउथ दिल्ली जिले की मस्जिदों में 170 और पश्चिम दिल्ली जिले की मस्जिद में 7 विदेशी मिले हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने जांच में पाया है कि 1 मार्च से 18 मार्च के बीच 2100 विदेशी नागरिक मरकज के कार्यक्रम में शामिल हुए थे। जो यहां से निकलने के बाद अलग-अलग राज्यों में गए।
तब्लीगी जमात के मकरज देश के जिन-जिन इलाकों में हैं, वहां भी छापेमारी कर इन विदेशियों की तलाश की जा रही है। दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित तब्लीगी जमात के मरकज में आए कई लोगों में 259 लोगों में कोरोना वायरस होने की पुष्टि भी हुई है जबकि बाकियों की जांच रिपोर्ट अभी आनी बाकी है। इनमें कुछ की तलाश हो चुकी हैं वहीं कुछ के अभी भी छुपे होने की आशंका है। दिल्ली में बीते 24 घंटों के दौरान कोरोना वायरस संक्रमण के 91 नए मामले सामने आए इसकी वजह तब्लीगी जमात के लोग हैं।
केंद्र सरकार ने कहा है कि देश में 30 परसेंट कोरोना केस के लिए तब्लीगी जमात जिम्मेदार है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि तब्लीगी जमात से जुड़े कोरोना के मामले करीब 22 राज्यों में मिले हैं जिनमें उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, उत्तराखंड, केरल, बिहार, मेघालय, प. बंगाल, मध्यप्रदेश, अरुणाचल प्रदेश और हरियाणा समेत कुछ और राज्य शामिल हैं।
तब्लीगी जमात की करतूतों के कारण कोरोना का कहर और बढ़ सकता है। तब्लीगी जमात के कारण मरीजों की संख्या में तेज बढ़ोतरी का हवाला देते हुए आइसीएमआर के एक वरिष्ठ वैज्ञानिक ने आशंका जताई कि कोरोना से ग्रसित मरीजों की संख्या और तेज गति से बढ़ सकती है। इसका कहर अप्रैल के अंत तक साफ देखने को मिलेगा।