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कोरोना संक्रमण: जून के दूसरे सप्ताह से धीरे-धीरे खुलने लगेंगे बाजार और चलने लगेंगी आर्थिक गतिविधियां

Mon, 24 May 2021 06:29 PM IST
Harendra Chaudhary शशिधर पाठक, अमर उजाला, नई दिल्ली
शशिधर पाठक, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Mon, 24 May 2021 06:29 PM IST
सार

केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय तथा नेशनल कोविड टास्क फोर्स के सदस्यों का अनुमान है कि जून महीने में संक्रमण की दर काफी घट जाएगी। जुलाई महीने से काफी राहत मिल सकती है। सूत्रों का कहना है कि जून के दूसरे सप्ताह से देश के बाजार धीरे-धीरे खुलना शुरू हो सकते हैं...

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Unlock will be start soon from second week of June, states will gradually give permission to start economic activities
कोविड अस्पताल में भर्ती मरीज - फोटो : अमर उजाला (फाइल)

विस्तार

कोरोना के मामले तेजी से कम हो रहे हैं। कोरोना संक्रमितों के आंकड़ों में गिरावट की दर संतोषजनक है। एम्स के महामारी विभाग के चिकित्सक डा. आनंद कृष्णन कहते हैं कि करोना की दूसरी लहर, पहले वाली से कम समय लेगी, यह लंबी नहीं खिंचेगी। केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय तथा नेशनल कोविड टास्क फोर्स के सदस्यों का अनुमान है कि जून महीने में संक्रमण की दर काफी घट जाएगी। जुलाई महीने से काफी राहत मिल सकती है। सूत्रों का कहना है कि जून के दूसरे सप्ताह से देश के बाजार धीरे-धीरे खुलना शुरू हो सकते हैं।

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हालांकि कोरोना की दूसरी लहर में केन्द्र सरकार ने लॉकडाउन के निर्णय को राज्य सरकारों पर छोड़ दिया था। इसलिए लॉकडाउन में ढील देने का निर्णय राज्य सरकारों को ही लेना है। एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि बाजार को धीरे-धीरे खोलने का निर्णय भले ही लिया जाए, लेकिन कोरोना व्यवहार के सख्ती से पालन का नियम चलता रहेगा। डा. आनंद कृष्णन और डा. एनके अरोड़ा दोनों का भी कहना है कि अभी आगे भी कोरोना व्यवहार का सख्ती से पालन करना जरूरी है।

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अभी देश में कितने हैं कोरोना संक्रमित?

केन्द्र सरकार के सचिव स्तर के अधिकारी की मानें तो देश में आर्थिक गतिविधियों को लेकर सरकार में चिंता बढ़ रही है। रेल, हवाई यात्रा, सड़क परिवहन से लेकर औद्योगिक उत्पादन समेत अन्य पर काफी प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। इसलिए सरकार संक्रमण की दर घटने के बाद धीरे-धीरे जनसेवा से लेकर अन्य क्षेत्रों को क्रमबद्ध तरीके से आरंभ करने की रणनीति बनाने में जुट गई है।  

केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार देश में संक्रमितों की संख्या 27 लाख 20 हजार 716 हैं। इसमें तेजी से गिरावट आ रही है। पिछले 24 घंटे के दौरान तुलना में करीब 84 हजार लोग कम संक्रमित हुए हैं। इसके समानांतर 2372811 संक्रमितों की रिपोर्ट निगेटिव आ चुकी है। वह स्वस्थ हो चुके हैं। लेकिन कोरोना संक्रमितों की मृत्यु दर 1.14 फीसदी पर पहुंच गई है। पिछले 24 घंटे के भीतर 4454 लोगों की मृत्यु हुई है। इस तरह से संक्रमण के चलते अब तक 303720 लोग मृत्यु का शिकार हो चुके हैं।

कोरोना संक्रमितों की मौत के मामले बढ़ सकते हैं

उत्तर प्रदेश, वैशाली में मैक्स अस्पताल के चिकित्सक डा. अश्विन चौबे कहते हैं कि जो संक्रमित पहले से अस्पतालों में हैं, उनमें गंभीर मरीजों की संख्या अभी अस्पताल में है। डा. चौबे अस्पताल के आईसीयू, वेंटिलेटर वार्ड से जुड़े हैं। उनका कहना है कि आईसीयू और वेंटिलेटर पर आने के बाद औसतन मरीज सात से 12 दिन तक रहता है। इस दौरान स्वस्थ हो गया तो उसे सामान्य वार्ड में लाया जाता है और धीरे-धीरे छुट्टी दे दी जाती है। उनका कहना है कि इस स्थिति को देखते हुए आने वाले समय में कोरोना संक्रमितों की संख्या भले घटे, लेकिन करोना संक्रमण से होने वाली मृत्युदर बढ़ सकती है। वह बताते हैं कि पहली लहर के दौरान भी ऐसा हुआ था।

नए घातक वैरियंटट का अंदेशा कम है

सीएसआईआर के इंस्टीट्यूट ऑफ जिनोमिक्स एंड इंटीग्रेटेड बॉयलोजी (आईजीआईबी) के निदेशक अनुराग अग्रवाल का कहना है कि कोरोना वायरस के तेजी से वैरियंट आ रहे हैं, लेकिन अभी घातक वैरियंट केवल दो (बी.1.617 और बी.1.617.2) ही हैं। इसके अलावा यूके का वैरियंट और वायरस के पुराने संस्करण हैं। वह कहते हैं कि देश में मौजूद वर्तमान वैरियंट भी दुनिया के 44 देशों में पहुंच चुका है, लेकिन अभी कोई और घातक वैरियंट नहीं मिला है। आईजीआईबी के ही एक अन्य वैज्ञानिक का कहना है कि फिलहाल अभी भारत में कोई नया घातक वैरियंट मिलने की संभावना कम नजर आ रही है, लेकिन कुछ निश्चित तौर पर कहा भी नहीं जा सकता। क्योंकि यह एक वायरस है और प्रसार करके संक्रमण फैलाना इसका स्वभाव है।

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