एक सप्ताह के अंदर दूसरी बैंक हड़ताल: कर्मचारी सड़क पर उतरे, बैंकिंग सेवाएं प्रभावित
एक सप्ताह में दूसरी बैंक हड़ताल, 10 लाख कर्मचारी सड़क पर
बता दें कि आज सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के करीब 10 लाख कर्मचारी हड़ताल पर हैं। कर्मचारियों के हड़ताल पर होने की वजह से कामकाज प्रभावित हो रहा है, वहीं ग्राहक काफी परेशान दिखाई दे रहे हैं। यह हड़ताल विजया बैंक और देना बैंक के बैंक आफ बड़ौदा में प्रस्तावित विलय के खिलाफ बुलाई गई है। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक कर्मचारियों की यूनियन ने हड़ताल का आह्वान किया है।एक सप्ताह से भी कम समय में यह दूसरी बैंक हड़ताल है। इससे पहले, 21 दिसंबर को बैंक अधिकारियों ने हड़ताल की थी। बैंक कर्मचारियों की देशव्यापी हड़ताल से पैसे जमा करने और निकालने, चेक क्लीयरेंस और डिमांड ड्राफ्ट जैसी बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।
विजया, देना और बैंक ऑफ बड़ौदा का हो रहा है विलय
सरकार ने सितंबर में सार्वजनिक क्षेत्र के विजया बैंक और देना बैंक का बैंक ऑफ बड़ौदा में विलय करने की घोषणा की थी। इससे देश का तीसरा सबसे बड़ा बैंक अस्तित्व में आएगा। यूनियन दावा कर रही हैं कि यह विलय बैंकों या उनके ग्राहकों के हित में नहीं, बल्कि दोनों के लिये हानिकारक होगा।
#MadhyaPradesh: United Forum of Bank Union (UFBU) protesting against the proposed merger of Vijaya Bank and Dena Bank with Bank of Baroda, in Bhopal pic.twitter.com/R0zP2P6BWp
— ANI (@ANI) December 26, 2018
हड़ताल का आह्वान यूएफबीयू ने किया
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) ने हड़ताल का आह्वान किया है। यूएफबीयू नौ बैंक यूनियनों का संगठन है। इसमें ऑल इंडिया बैंक आफिसर्स कनफेडरेशन (एआईबीओसी), आल इंडिया बैंक एम्पलाइज एसोसिएशन (एआईबीईए), नेशनल कनफेडरेशन आफ बैंक एम्प्लायज (एनसीबीई) और नेशनल आर्गेनाइजेशन आफ बैंक वर्कर्स (एनओबीडब्ल्यू) आदि यूनियनें शामिल हैं। यूएफबीयू का दावा है कि उसके सदस्यों की संख्या 10 लाख से अधिक है।
एआईबीईए के महासिचव सी एच वेंकटचलम ने कहा कि अतिरिक्त मुख्य श्रम आयुक्त ने बैठक बुलायी थी लेकिन उससे कोई हल नहीं निकला। इसीलिए सभी यूनियनों ने हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि बैठक के दौरान न तो सरकार और न ही संबंधित बैंकों ने आगे आकर यह भरोसा नहीं दिलाया कि वे विलय के बारे में सोचेंगे।
यूएफबीयू ने कहा कि सरकार विलय के जरिये बैंकों का आकार बढ़ाना चाहती है लेकिन यदि देश के सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को भी मिलाकर एक कर दिया जाए तो भी विलय के बाद बनने वाली संयुक्त इकाई को दुनिया के शीर्ष दस बैंकों में स्थान नहीं मिलेगा। बता दें कि यूएफबीयू नौ बैंक यूनियनों का संगठन है। इसमें आल इंडिया बैंक आफिसर्स कन्फेडरेशन, द आल इंडिया बैंक एम्पलाइज एसोसिएशन और नेशनल आर्गेनाइजेशन आफ बैंक वर्कर्स समेत अन्य यूनियन शामिल हैं।
Tamil Nadu: Visuals of bank strike from Coimbatore. Nine bank associations are protesting against the proposed merger of Vijaya Bank and Dena Bank with Bank of Baroda pic.twitter.com/nqCvQXrGcU
— ANI (@ANI) December 26, 2018