फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Union minister Rane said Shankaracharyas should bless the Ram Temple instead of criticising some aspects

Ram Mandir: 'वे PM मोदी को राजनीतिक चश्मे से..', प्राण प्रतिष्ठा पर शंकराचार्यों के रुख से खफा केंद्रीय मंत्री

Sun, 14 Jan 2024 10:40 AM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पालघर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पालघर Published by: काव्या मिश्रा Updated Sun, 14 Jan 2024 10:40 AM IST
सार

शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे के इस बयान पर कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को राम मंदिर का उद्घाटन करना चाहिए, राणे ने कहा कि वह किसी ऐसे व्यक्ति पर टिप्पणी नहीं करेंगे, जिसके पास कोई काम नहीं है और जो घर पर बैठा है।

विज्ञापन
Union minister Rane said Shankaracharyas should bless the Ram Temple instead of criticising some aspects
केंद्रीय मंत्री नारायण राणे - फोटो : पीटीआई

विस्तार

राम मंदिर के उद्घाटन को लेकर लगातार सियासी घमासान मचा हुआ है। अब केंद्रीय मंत्री नारायण राणे ने शंकाराचार्यों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘राजनीतिक चश्मे’ से देखने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि शंकराचार्यों को राम मंदिर के कुछ पहलुओं की आलोचना करने के बजाय अपना आशीर्वाद देना चाहिए। 

विज्ञापन


राम हमारे भगवान हैं
राणे ने शनिवार को कहा कि समाज और हिंदू धर्म को लेकर शंकराचार्यों को अपना योगदान बताना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘क्या उन्हें मंदिर को आशीर्वाद देना चाहिए या इसकी आलोचना करनी चाहिए? इसका मतलब है कि शंकराचार्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राजनीतिक चश्मे से देखते हैं। यह मंदिर राजनीति के आधार पर नहीं, बल्कि धर्म के आधार पर बना है। राम हमारे भगवान हैं।’
विज्ञापन


घर पर बैठे शख्स पर कोई टिप्पणी नहीं करना
वहीं, शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे के इस बयान पर कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को राम मंदिर का उद्घाटन करना चाहिए, राणे ने कहा कि वह किसी ऐसे व्यक्ति पर टिप्पणी नहीं करेंगे, जिसके पास कोई काम नहीं है और जो घर पर बैठा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


ठाकरे गुट को होने वाला है नुकसान
उन्होंने दावा किया कि ठाकरे गुट को जल्द ही और अधिक नुकसान होने वाला है, क्योंकि उसके 16 में से आठ विधायक भाजपा-नीत सत्तारूढ़ गठबंधन से संपर्क कर रहे हैं और जल्द ही इसमें शामिल होंगे। गौरतलब है, जून 2022 में तत्कालीन शिवसेना के ज्यादातर विधायकों के एकनाथ शिंदे के साथ चले जाने के बाद शिवसेना विभाजित हो गई थी और वह (शिंदे) भाजपा के समर्थन से मुख्यमंत्री बने।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed