फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Union Law Minister Kiren Rijiju said that Not satisfied with performance of fast track special courts

Fast Track Courts: फास्ट ट्रैक विशेष अदालतों के मौजूदा प्रदर्शन से संतुष्ट नहीं, सम्मेलन में बोले कानून मंत्री

Thu, 02 Mar 2023 04:39 PM IST
Jeet Kumar पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: Jeet Kumar Updated Thu, 02 Mar 2023 04:39 PM IST
सार

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) द्वारा आयोजित एक सम्मेलन में केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने गुरुवार को कहा कि वह देश के विभिन्न हिस्सों में स्थापित फास्ट ट्रैक विशेष अदालतों के मौजूदा प्रदर्शन से बहुत संतुष्ट नहीं हैं।

विज्ञापन
Union Law Minister Kiren Rijiju said that Not  satisfied with performance of fast track special courts
किरेन रिजिजू - फोटो : Twitter

विस्तार

देश की अदालतों में लंबित पड़े करोड़ों मामलों को लेकर कानून मंत्री से लेकर सुप्रीम कोर्ट के जजों ने चिंता जाहिर की है। मामले जल्द से जल्द निपट जाएं इसके लिए फास्ट ट्रैक विशेष अदालतों में मामलों को सुना गया लेकिन केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने गुरुवार को कहा कि वह देश के विभिन्न हिस्सों में स्थापित फास्ट ट्रैक विशेष अदालतों के मौजूदा प्रदर्शन से बहुत संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने जांच एजेंसियों और फोरेंसिक प्रयोगशालाओं को मजबूत करने की वकालत की।

विज्ञापन

उन्होंने यहां राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) द्वारा आयोजित एक सम्मेलन में अपने संबोधन में किसी राज्य का नाम लिए बिना कहा कि कुछ उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीश और कुछ राज्यों के मुख्यमंत्रियों को और भी बहुत कुछ करना चाहिए। फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट्स योजना की देखरेख न्याय विभाग द्वारा की जा रही है। आगे कहा कि मुझे यह सुनिश्चित करना है कि जो भी विधायी कार्रवाई की जाए, उसे धरातल पर उतारा जाए। 

विज्ञापन


उन्होंने फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट्स योजना के बारे में कहा कि यह एक केंद्र प्रायोजित योजना है और इसे शुरू में 2019 में एक वर्ष के लिए शुरू किया गया था जिसे बढ़ा दिया गया है, और योजना का और विस्तार प्रक्रियाधीन है। मैं अपना आश्वासन दे सकता हूं कि हम इसे आगे बढ़ाएंगे। रिजिजू ने एफटीएससी पर डेटा भी साझा किया और कहा कि मार्च 2018 में लंबित मामलों के आधार पर, 389 विशेष POCSO अदालतों सहित कुल 1,023 फास्ट ट्रैक विशेष अदालतों को न्याय विभाग द्वारा लागू करने के लिए निर्धारित किया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


कानून मंत्री ने कहा कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए समाज को एक साथ आना होगा। उन्होंने उल्लेख किया कि हाल ही में, उन्होंने उच्च न्यायालयों के सभी मुख्य न्यायाधीशों और मुख्यमंत्रियों को लिखा था कि हमें इन फास्ट ट्रैक विशेष अदालतों पर बहुत कुछ करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि 12 साल से कम उम्र की नाबालिग बच्चियों से बलात्कार और सामूहिक बलात्कार की जघन्य घटनाओं और महिलाओं के खिलाफ इसी तरह के अपराधों ने अंतरात्मा को झकझोर कर रख दिया जिसके कारण विभिन्न प्रावधानों में बदलाव किया गया।


केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मैं उन प्रावधानों और कदमों के विवरण में नहीं जा रहा हूं, लेकिन मुझे यह उल्लेख करना होगा कि मैं व्यक्तिगत रूप से हमारे देश के विभिन्न हिस्सों में स्थापित फास्ट ट्रैक विशेष अदालतों के वर्तमान प्रदर्शन से बहुत संतुष्ट नहीं हूं। आगे कहा कि मुख्य न्यायाधीशों और मु

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed