अमरनाथ यात्रा: केंद्रीय गृह सचिव ने की तैयारियों की समीक्षा, सुरक्षा में 12000 अर्धसैनिक बलों के साथ पुलिस के जवान रहेंगे तैनात
कोरोना की वजह से बीते दो साल बंद रही अमरनाथ यात्रा इस बार 43 दिन की यात्रा 30 जून से शुरू होगी और 11 अगस्त तक चलेगी।
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दो साल के अंतराल के बाद शुरू हो रही अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा में 12,000 अर्ध सैनिक बलों के जवानों के साथ ही जम्मू कश्मीर पुलिस की टीम तैनात रहेगी। यात्रा के दौरान चप्पे-चप्पे नजर रखने के लिए सुरक्षा बल ड्रोन कैमरों का इस्तेमाल करेंगे।
केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने दो वर्ष के बाद शुरू होने जा रही अमरनाथ यात्रा के लिए शुक्रवार को सुरक्षा संबंधी तैयारियों की समीक्षा की। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। बाबा अमरनाथ की गुफा दक्षिण कश्मीर में 3,888 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। अमरनाथ यात्रा 30 जून से शुरू हो रही है। यह यात्रा वर्ष 2021 और 2020 में कोरोना वायरस संक्रमण के कारण नहीं हो सकी थी। वहीं, वर्ष 2019 में संविधान के अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को समाप्त करने से पूर्व इस यात्रा को तय समय से जल्दी खत्म कर दिया गया था।
अधिकारियों ने बताया कि पहलगाम और बालटाल यात्रा मार्गों में जम्मू कश्मीर पुलिस के अलावा अर्ध सैनिक बलों के 12,000 जवानों (120 कंपनी) को तैनात किए जाने की संभावना है। इस यात्रा में तीन लाख श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है। अमरनाथ यात्रा 11अगस्त को समाप्त होगी। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के डीजी और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के महानिदेशक पंकज सिंह और अन्य अधिकारी व्यक्तिगत रूप से बैठक में शामिल हुए।
वहीं, जम्मू कश्माीर के अधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए इसमें हिस्सा लिया। गौरतलब है कि जम्मू कश्मीर में हाल में निशाना बनाकर लोगों को हत्याओं की घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है,जिसे देखते हुए अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा सरकार के लिए काफी अहम है। आतंकवादियों ने बृहस्पतिवार को कश्मीरी पंडित राहुल भट्ट की बडगाम जिले में गोली मार कर हत्या कर दी थी। पिछले सात माह में भट्ट आतंकवादियों का निशाना बने दूसरे कश्मीरी पंडित हैं। आतंकवादी अन्य राज्यों के लोगों को भी निशाना बना रहे हैं।