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Covid-19: राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को गाइडलाइन जारी, भारत आने वाली प्रत्येक उड़ान में 2 प्रतिशत यात्रियों की होगी स्क्रीनिंग
Wed, 29 Jun 2022 09:56 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: निर्मल कांत
Updated Wed, 29 Jun 2022 09:56 PM IST
सार
स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कोविड के संबंध में राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को दिशानिर्देश जारी किए हैं। ये दिशानिर्देश मामलों का शीघ्र पता लगाने, परीक्षण और समय से प्रबंधन पर ध्यान देने के साथ निगरानी के लिए संशोधित रणनीति प्रदान करेंगे।
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कोरोना का नया वैरिएंट खतरनाक
- फोटो : self
विस्तार
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कोविड के संबंध में राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को दिशानिर्देश जारी किए हैं। ये दिशानिर्देश संदिग्ध और कन्फर्म मामलों का शीघ्र पता लगाने, परीक्षण और समय से प्रबंधन पर ध्यान देने के साथ निगरानी के लिए संशोधित रणनीति प्रदान करते हैं।
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केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने 9 जून को केंद्र द्वारा जारी 'कोविड-19 के संदर्भ में संशोधित निगरानी रणनीति के लिए परिचालन दिशानिर्देश' का हवाला देते हुए राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को एक पत्र के जरिए से एडवायजरी जारी की।
भूषण ने उस संशोधित रणनीति को लागू करने के लिए कहा जो संदिग्ध और कन्फर्म मामलों का शीघ्र पता लगाने और समय पर प्रबंधन और नए कोरोना वायरस वेरिएंट के प्रकोप की रोकथाम पर केंद्रित है।
भूषण ने कहा कि मौजूदा एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (IDSP) तंत्र के तहत कोविड-19 निगरानी को पूरी तरह से एकीकृत करने के लिए दीर्घकालिक दृष्टि के साथ 9 जून की रणनीति जारी की गई थी।
भूषण ने राज्यों से कहा कि उन्हें "आने वाले अंतर्राष्ट्रीय यात्रियों की निगरानी सुनिश्चित करनी चाहिए, जिसमें आरटी-पीसीआर द्वारा भारत में आने वाली प्रत्येक उड़ान में 2 प्रतिशत यात्रियों की स्क्रीनिंग शामिल होगी"।
उन्होंने राज्यों से कहा कि सभी सकारात्मक नमूनों को जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए भेजा जाना चाहिए और ऐसे यात्रियों को मौजूदा दिशानिर्देशों के अनुसार आइलोलेशन और चिकित्सकीय प्रबंधकों को सलाह दी जानी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि सभी स्वास्थ्य सुविधाओं को इन्फ्लुएंजा जैसी बीमारी (आईएलआई) के मामलों की रिपोर्ट करनी चाहिए और जिला निगरानी अधिकारी (डीएसओ) डाटा का विश्लेषण करने के लिए जिम्मेदार होगा। उन्होंने कहा कि आईएलआई के पांच फीसदी मामलों की जांच आरटी-पीसीआर के जरिए की जाएगी।
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केंद्र ने बुधवार को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से प्रत्येक आने वाली उड़ान में से करीब दो प्रतिशत यात्रियों की आरटी-पीसीआर स्क्रीनिंग सुनिश्चित करने और जीनोमिक सिक्वेंसिंग के लिए सभी सकारात्मक नमूने भेजने को कहा।Union Health Secy writes to States/UT's on MoHfw welfare 'Operational Guidelines for Revised Surveillance Strategy in context of COVID.These guidelines provide revised strategy for surveillance with focus on early detection, testing, and timely mgmt of suspected & confirmed cases pic.twitter.com/yWrY2zDABT
— ANI (@ANI) June 29, 2022विज्ञापन
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केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने 9 जून को केंद्र द्वारा जारी 'कोविड-19 के संदर्भ में संशोधित निगरानी रणनीति के लिए परिचालन दिशानिर्देश' का हवाला देते हुए राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को एक पत्र के जरिए से एडवायजरी जारी की।
भूषण ने उस संशोधित रणनीति को लागू करने के लिए कहा जो संदिग्ध और कन्फर्म मामलों का शीघ्र पता लगाने और समय पर प्रबंधन और नए कोरोना वायरस वेरिएंट के प्रकोप की रोकथाम पर केंद्रित है।
भूषण ने कहा कि मौजूदा एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (IDSP) तंत्र के तहत कोविड-19 निगरानी को पूरी तरह से एकीकृत करने के लिए दीर्घकालिक दृष्टि के साथ 9 जून की रणनीति जारी की गई थी।
भूषण ने राज्यों से कहा कि उन्हें "आने वाले अंतर्राष्ट्रीय यात्रियों की निगरानी सुनिश्चित करनी चाहिए, जिसमें आरटी-पीसीआर द्वारा भारत में आने वाली प्रत्येक उड़ान में 2 प्रतिशत यात्रियों की स्क्रीनिंग शामिल होगी"।
उन्होंने राज्यों से कहा कि सभी सकारात्मक नमूनों को जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए भेजा जाना चाहिए और ऐसे यात्रियों को मौजूदा दिशानिर्देशों के अनुसार आइलोलेशन और चिकित्सकीय प्रबंधकों को सलाह दी जानी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि सभी स्वास्थ्य सुविधाओं को इन्फ्लुएंजा जैसी बीमारी (आईएलआई) के मामलों की रिपोर्ट करनी चाहिए और जिला निगरानी अधिकारी (डीएसओ) डाटा का विश्लेषण करने के लिए जिम्मेदार होगा। उन्होंने कहा कि आईएलआई के पांच फीसदी मामलों की जांच आरटी-पीसीआर के जरिए की जाएगी।