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Hindi News ›   India News ›   Union Health Secy Rajesh Bhushan writes to  Telangana Maharashtra Karnataka Kerala Tamil Nadu over increasing number of COVID19 cases

Corona Alert: केंद्र ने पांच राज्यों के स्वास्थ्य सचिवों को लिखी चिट्ठी, कोरोना को काबू करने को लेकर दी हिदायत

Fri, 03 Jun 2022 10:53 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Fri, 03 Jun 2022 10:53 PM IST
सार

कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच केंद्र सरकार अलर्ट हो गई है। कुछ राज्यों के संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच केंद्र ने उन्हें चिट्ठी लिखी है।

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Union Health Secy Rajesh Bhushan writes to  Telangana Maharashtra Karnataka Kerala Tamil Nadu over increasing number of COVID19 cases
Covid19 and Omicron updates - फोटो : ANI

विस्तार

केंद्र सरकार ने कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच पांच राज्यों को चिट्ठी लिखी है। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने तेलंगाना, महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु को चिट्ठी लिखी है। केंद्र ने यह खत इन राज्यों में कोरोना के बढ़ते मामलों की वजह से लिखा है। इसमें बताया गया है कि राज्य अपने यहां हालात पर पैनी नजर रखें और संक्रमण पर काबू पाने के लिए जरूरी कदम उठाएं।

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इन-इन को लिखा खत

  • तेलंगाना स्वास्थ्य सचिव
  • महाराष्ट्र अतिरिक्त प्रमुख सचिव (स्वास्थ्य)
  • कर्नाटक प्रमुख सचिव (स्वास्थ्य)
  • केरल प्रमुख सचिव (स्वास्थ्य)
  • तमिलनाडु प्रमुख सचिव (स्वास्थ्य)

बढ़ते मामलों ने बढ़ाई चिंता
पत्र में उन्होंने कोविड के मामलों में पिछले तीन महीनों में देश में काफी कमी आने का जिक्र किया है। हालांकि, 27 मई को पूरे हुए सप्ताह में 15,708 नए मामले सामने आने और तीन जून को पूरे हो रहे सप्ताह में बढ़ कर 21,055 हो जाने के साथ कोविड के मामलों में हल्की वृद्धि देखी गई है। साथ ही 27 मई 2022 को समाप्त हुए सप्ताह में रही 0.52 प्रतिशत की संक्रमण दर तीन जून को समाप्त हुए सप्ताह में बढ़ कर 0.73 प्रतिशत हो गई।
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राज्यों को दी हिदायत
पत्र में राज्यों को कोविड-19 के त्वरित एवं प्रभावी प्रबंधन के लिए आवश्यक उपायों की निगरानी एवं क्रियान्वयन जारी रखने की सलाह दी गई है। पत्र के मुताबिक, तमिलनाडु में साप्ताहिक नए मामलों में वृद्धि हुई है। यहां 27 मई को समाप्त हुए सप्ताह में सामने आए 335 मामले तीन जून को समाप्त हुए सप्ताह में बढ़कर 659 हो गए और ये तीन जून को समाप्त हुए भारत के नये मामलों का 3.13 प्रतिशत है।
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केरल में भी बढ़े मामले
केरल में नए मामलों में वृद्धि हुई है और यहां 27 मई को समाप्त हुए सप्ताह में 4,139 नए मामले सामने आए, जबकि तीन जून को समाप्त हुए सप्ताह में इनकी संख्या 6,556 रही। यह तीन जून को समाप्त हुए सप्ताह में भारत में सामने आए मामलों का 31.14 प्रतिशत है। भूषण ने पत्र में इस बात का जिक्र किया है कि राज्य में पिछले सप्ताह संक्रमण दर 5.2 प्रतिशत से बढ़ कर 7.8 प्रतिशत हो गई। 

महाराष्ट्र ने भी बढ़ाई चिंता
महाराष्ट्र में 27 मई को समाप्त हुए सप्ताह में 2,471 नए मामले सामने आए जबकि तीन जून को समाप्त हुए सप्ताह में यह संख्या 4,883 रही, जो तीन जून को समाप्त हुए सप्ताह में भारत में सामने आए कोविड के मामलों का 23.19 प्रतिशत है। इसके अलावा, तेलंगाना और कर्नाटक में भी उक्त अवधि में साप्ताहिक संक्रमण के मामलों में वृद्धि हुई है।

मंडाविया ने वैक्सीनेशन की रफ्तार बढ़ाने को कहा
इस बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने अधिकारियों के साथ बातचीत में वैक्सीन को प्रोत्साहित करने के लिए हर घर दस्तक 2.0 में कोरोना टीकाकरण अभियान पर संदेश को सुदृढ़ करने की आवश्यकता को दोहराया।

पीएमबीजेके की संख्या 10 हजार तक बढ़ाने पर जोर
सरकार ने मार्च 2024 तक प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्रों (पीएमबीजेके) की संख्या को 10,000 तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। इससे आम आदमी, खासकर गरीबों के लिए सस्ती दर पर गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी। फार्मास्युटिकल्स एंड मेडिकल डिवाइसेस ब्यूरो ऑफ इंडिया (पीएमबीआई) के सीईओ रवि दधीच ने कहा कि जन औषधि केंद्र लाभार्थियों को 50 से 90 प्रतिशत लागत प्रभावी दवाएं प्रदान कर रहा है।


दधीच ने कहा कि दवाएं बहुत अच्छी गुणवत्ता की हैं और वे बहुत सस्ती हैं। जब आप इन दवाओं की कीमतों की तुलना ब्रांडेड दवाओं से करते हैं तो वे 50 से 90 प्रतिशत सस्ती होती हैं। प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना के पीछे के उद्देश्य के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना (पीएमबीजेपी) का उद्देश्य नागरिकों को सस्ती दवाएं उपलब्ध कराना है। जैसा कि हम सभी जानते हैं, दवाओं पर जेब से खर्च एक है। उन परिवारों पर भारी बोझ पड़ता है जिनके घर में कोई भी व्यक्ति बीमार पड़ गया है।
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