फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   union Govt to discuss with state on enforcement of Prevention of Atrocities Act in Jammu and Kashmir

जम्मू कश्मीर में अत्याचार निरोधक कानून लागू करने के सुझाव पर राज्य प्रशासन से विचार करेगी सरकार

Wed, 03 Jul 2019 07:59 PM IST
अमर शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अमर शर्मा Updated Wed, 03 Jul 2019 07:59 PM IST
विज्ञापन
union Govt to discuss with state on enforcement of Prevention of Atrocities Act in Jammu and Kashmir
राज्यसभा में गृहमंत्री अमित शाह - फोटो : PTI
अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़े वर्गों के लोगों के विरुद्ध अपराधों को रोकने के लिये देश के सभी राज्यों में लागू अत्याचार निरोधक कानून को जम्मू कश्मीर में भी लागू करने के सुझाव पर केंद्र सरकार राज्य प्रशासन के साथ विचार विमर्श कर कोई फैसला करेगी। 
विज्ञापन


गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार केा राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान एक सवाल के जवाब में बताया, ‘‘इस सुझाव पर जम्मू कश्मीर के प्रशासन से चर्चा करने के बाद कोई फैसला किया जायेगा।’’ उन्होंने कांग्रेस के पी एल पुनिया के उस पूरक प्रश्न के जवाब में यह बात कही जिसमें उन्होंने सरकार से सिर्फ जम्मू कश्मीर में ही यह कानून लागू नहीं होने का हवाला देते हुये पूछा था कि राज्य में अभी राष्ट्रपति शासन लागू है, क्या सरकार इस कानून को वहां लागू करने पर विचार करेगी। 
विज्ञापन


इससे पहले गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़े वर्गों के लोगों के विरुद्ध आपराधिक मामलों के निस्तारण का ब्योरा देते हुये बताया कि इस तरह के मामलों में पूरे देश में दोषसिद्धि की दर 46 प्रतिशत है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


सदन के पटल पर पेश 2014 से 2016 तक के आंकड़ों के मुताबिक बिहार में अनुसूचित जातियों के खिलाफ आपराधिक मामले घटे हैं जबकि उत्तर प्रदेश में इजाफा दर्ज किया गया। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed