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संसद में बोली सरकार: बंगाल में मनरेगा फंड का दुरुपयोग, तमिलनाडु को मिला उत्तर प्रदेश से ज्यादा धन
Wed, 26 Mar 2025 08:49 AM IST
ज्योति भास्कर
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Wed, 26 Mar 2025 08:49 AM IST
सार
संसद में केंद्र सरकार ने कहा है कि पश्चिम बंगाल में मनरेगा फंड का दुरुपयोग हुआ है। सरकार का दावा है कि तमिलनाडु को उत्तर प्रदेश से ज्यादा धन मिला है। केंद्रीय मंत्री पेम्मासानी ने कहा, योजना में किसी भी राज्य के साथ भेदभाव का सवाल ही नहीं पैदा होता।
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चंद्र शेखर पेम्मासानी
- फोटो : ani
विस्तार
महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) पर मचे सियासी संग्राम व विपक्षी दलों के आरोपों पर केंद्र सरकार ने मंगलवार को लोकसभा में जवाब दिया। केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री चंद्रशेखर पेम्मासानी ने कहा कि मनरेगा फंड का पश्चिम बंगाल में दुरुपयोग हो रहा है, जबकि इस योजना के तहत एक वित्त वर्ष में उत्तर प्रदेश से ज्यादा धन उससे कम आबादी वाले तमिलनाडु को जारी किया गया है।
किसी भी राज्य के साथ कोई भेदभाव नहीं
भेदभाव के आरोपों पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार ने मनरेगा योजना में किसी भी राज्य के साथ कोई भेदभाव नहीं किया। उन्होंने कहा, बंगाल में मनरेगा योजना में कई गड़बड़ियां सामने आई हैं। वहां ऐसे भी उदाहरण सामने आए जब मनरेगा का काम ठेकेदारों को दे दिया गया। हमने बंगाल में ऑडिट टीम भेजी, जिसने 44 कामों में अनियमितताएं पाईं। 34 मामलों में वसूली की गई। अब भी 10 अन्य काम पूरे होने बाकी हैं। वित्तीय गड़बड़ी 5.37 करोड़ रुपये की थी। इसमें से 2.39 करोड़ रुपये वसूले गए। पेम्मासानी ने कहा, कुछ चीजों पर अब भी ध्यान देने की जरूरत है। जैसे ही इन बातों का ध्यान रखा जाएगा, केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री (शिवराज सिंह चौहान) राज्यों के मंत्रियों के साथ बैठेंगे और सभी मुद्दों का समाधान करेंगे।
तमिलनाडु को मिल चुके 73 सौ करोड़
केंद्रीय मंत्री पेम्मासानी ने कहा, तमिलनाडु को चालू वित्त वर्ष में पहले ही 7,300 करोड़ रुपये मिल चुके हैं। इससे पहले भी सात करोड़ की आबादी वाले इस राज्य को 10,000 करोड़ रुपये से अधिक मिले थे, जबकि उत्तर प्रदेश जिसकी आबादी 20 करोड़ है, उसे भी करीब 10,000 करोड़ रुपये ही मिले। पिछले साल केरल को 3,500 करोड़ रुपये जारी हुए थे। इसमें पक्षपात का कोई सवाल ही नहीं है। केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी सरकार का बचाव करते हुए कहा कि चाहे तमिलनाडु हो या पश्चिम बंगाल, मोदी सरकार ने कभी किसी राज्य के साथ भेदभाव नहीं किया। सामग्री लागत सहित लंबित मनरेगा बकाया जल्द ही जारी किया जाएगा।
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कल्याण ने कृषि मंत्री पर की असंसदीय टिप्पणी
बंगाल को मनरेगा फंड के आवंटन को लेकर तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी ने मंगलवार को कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान पर असंसदीय टिप्पणी करते हुए उन्हें अमीरों का दलाल कह दिया। बनर्जी ने कहा, पीएम मोदी व शिवराज बंगाल के खिलाफ हैं। उनके आरोपों को खारिज करते हुए कृषि राज्यमंत्री भागीरथ चौधरी ने कहा, बनर्जी को माफी मांगनी चाहिए। एक वरिष्ठ सांसद को ऐसी भाषा का इस्तेमाल शोभा नहीं देता। मोदी सरकार सबका साथ-सबका विकास के सिद्धांत पर काम कर रही है। किसी भी राज्य के साथ भेदभाव नहीं किया जा रहा है। इससे पूर्व तृणमूल सांसदों ने बंगाल का मनरेगा फंड रोकने के खिलाफ प्रदर्शन किया। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी भी उनके साथ प्रदर्शन में शामिल हुए।
देरी होने पर ब्याज के साथ होता है मजदूरी का भुगतान : सरकार
द्रमुक सांसद कनिमोझी ने कहा कि 5 महीने से तमिलनाडु को 4,034 करोड़ रुपये मनरेगा फंड जारी नहीं हुआ है। जवाब में केंद्रीय मंत्री ने कहा, अगर भुगतान में 15 दिन से अधिक की देरी होती है, तो श्रमिकों को ब्याज सहित भुगतान होता है। कानून के अनुसार, अगर देरी होती है, तो राज्य सरकार शुरू में राशि का भुगतान करती है और केंद्र सरकार इसकी प्रतिपूर्ति करती है।
मनरेगा का बकाया धन जारी करे सरकार : प्रियंका
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा समेत केरल के सभी दलों के सांसदों ने मनरेगा मुद्दे पर संसद परिसर में प्रदर्शन किया। प्रियंका ने सरकार से मनरेगा का बकाया धन जारी करने और प्रभावित मनरेगा मजदूरों के लिए न्याय की मांग की। उन्होंने कहा, केंद्र सरकार की निष्क्रियता ने लाखों परिवारों को आजीविका से वंचित कर दिया है। वहीं, कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने मोदी सरकार पर मनरेगा योजना को समाप्त करने का आरोप लगाया।
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किसी भी राज्य के साथ कोई भेदभाव नहीं
भेदभाव के आरोपों पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार ने मनरेगा योजना में किसी भी राज्य के साथ कोई भेदभाव नहीं किया। उन्होंने कहा, बंगाल में मनरेगा योजना में कई गड़बड़ियां सामने आई हैं। वहां ऐसे भी उदाहरण सामने आए जब मनरेगा का काम ठेकेदारों को दे दिया गया। हमने बंगाल में ऑडिट टीम भेजी, जिसने 44 कामों में अनियमितताएं पाईं। 34 मामलों में वसूली की गई। अब भी 10 अन्य काम पूरे होने बाकी हैं। वित्तीय गड़बड़ी 5.37 करोड़ रुपये की थी। इसमें से 2.39 करोड़ रुपये वसूले गए। पेम्मासानी ने कहा, कुछ चीजों पर अब भी ध्यान देने की जरूरत है। जैसे ही इन बातों का ध्यान रखा जाएगा, केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री (शिवराज सिंह चौहान) राज्यों के मंत्रियों के साथ बैठेंगे और सभी मुद्दों का समाधान करेंगे।
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तमिलनाडु को मिल चुके 73 सौ करोड़
केंद्रीय मंत्री पेम्मासानी ने कहा, तमिलनाडु को चालू वित्त वर्ष में पहले ही 7,300 करोड़ रुपये मिल चुके हैं। इससे पहले भी सात करोड़ की आबादी वाले इस राज्य को 10,000 करोड़ रुपये से अधिक मिले थे, जबकि उत्तर प्रदेश जिसकी आबादी 20 करोड़ है, उसे भी करीब 10,000 करोड़ रुपये ही मिले। पिछले साल केरल को 3,500 करोड़ रुपये जारी हुए थे। इसमें पक्षपात का कोई सवाल ही नहीं है। केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी सरकार का बचाव करते हुए कहा कि चाहे तमिलनाडु हो या पश्चिम बंगाल, मोदी सरकार ने कभी किसी राज्य के साथ भेदभाव नहीं किया। सामग्री लागत सहित लंबित मनरेगा बकाया जल्द ही जारी किया जाएगा।
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कल्याण ने कृषि मंत्री पर की असंसदीय टिप्पणी
बंगाल को मनरेगा फंड के आवंटन को लेकर तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी ने मंगलवार को कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान पर असंसदीय टिप्पणी करते हुए उन्हें अमीरों का दलाल कह दिया। बनर्जी ने कहा, पीएम मोदी व शिवराज बंगाल के खिलाफ हैं। उनके आरोपों को खारिज करते हुए कृषि राज्यमंत्री भागीरथ चौधरी ने कहा, बनर्जी को माफी मांगनी चाहिए। एक वरिष्ठ सांसद को ऐसी भाषा का इस्तेमाल शोभा नहीं देता। मोदी सरकार सबका साथ-सबका विकास के सिद्धांत पर काम कर रही है। किसी भी राज्य के साथ भेदभाव नहीं किया जा रहा है। इससे पूर्व तृणमूल सांसदों ने बंगाल का मनरेगा फंड रोकने के खिलाफ प्रदर्शन किया। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी भी उनके साथ प्रदर्शन में शामिल हुए।
देरी होने पर ब्याज के साथ होता है मजदूरी का भुगतान : सरकार
द्रमुक सांसद कनिमोझी ने कहा कि 5 महीने से तमिलनाडु को 4,034 करोड़ रुपये मनरेगा फंड जारी नहीं हुआ है। जवाब में केंद्रीय मंत्री ने कहा, अगर भुगतान में 15 दिन से अधिक की देरी होती है, तो श्रमिकों को ब्याज सहित भुगतान होता है। कानून के अनुसार, अगर देरी होती है, तो राज्य सरकार शुरू में राशि का भुगतान करती है और केंद्र सरकार इसकी प्रतिपूर्ति करती है।
मनरेगा का बकाया धन जारी करे सरकार : प्रियंका
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा समेत केरल के सभी दलों के सांसदों ने मनरेगा मुद्दे पर संसद परिसर में प्रदर्शन किया। प्रियंका ने सरकार से मनरेगा का बकाया धन जारी करने और प्रभावित मनरेगा मजदूरों के लिए न्याय की मांग की। उन्होंने कहा, केंद्र सरकार की निष्क्रियता ने लाखों परिवारों को आजीविका से वंचित कर दिया है। वहीं, कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने मोदी सरकार पर मनरेगा योजना को समाप्त करने का आरोप लगाया।