कल होगा केंद्रीय कैबिनेट में फेरबदल, बंडारू दत्तात्रेय समेत 12 की छुट्टी, 6 की तरक्की
मोदी मंत्रिपरिषद का बहुप्रतीक्षित विस्तार और फेरबदल रविवार को होगा। करीब डेढ़ दर्जन नए चेहरों को जगह मिलेगी और लगभग एक दर्जन मंत्रियों की विदाई भी होगी। अरसे से खाली पड़े पदों को भरने के साथ ही कई मंत्रियों के विभाग भी बदले जाएंगे।
पीयूष गोयल और धर्मेंद्र प्रधान सहित छह राज्यमंत्रियों को कैबिनेट मंत्री के रूप में तरक्की भी मिल सकती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने इसके लिए मंत्रियों के तीन साल के कामकाज और चुनावी राज्यों के समीकरण को आधार बनाया है।
मई, 2014 में सत्ता संभालने के बाद से मोदी सरकार का यह तीसरा और 2019 के आम चुनाव से पहले संभवत: अंतिम कैबिनेट विस्तार होगा।
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प्रधानमंत्री पूर्वाह्न 10 बजे मंत्रिपरिषद फेरबदल के बाद ब्रिक्स सम्मेलन में शिरकत करने के लिए चीन रवाना हो जाएंगे। विस्तार और फेरबदल पर बृहस्पतिवार को देर रात पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के साथ विचार-विमर्श कर चुके पीएम संभवत: शनिवार को एक बार फिर उनसे इस मामले पर चर्चा करेंगे।
मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा खुद प्रधानमंत्री ने की है। विस्तार में भाजपा के नए साथी जदयू को दो पद और शिवसेना को एक अतिरिक्त पद दिया जाएगा। अन्नाद्रमुक के दोनों गुटों के बीच विलय प्रक्रिया पूरी न होने के कारण उसके कोटे से किसी को मंत्रिपरिषद में शामिल किए जाने पर फिलहाल संशय है। अंत समय में सहमति बनी तो अन्नाद्रमुक को तीन पद दिए जाएंगे।
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विस्तार से पहले 7 मंत्री इस्तीफा दे चुके हैं, जबकि पांच अन्य को भी इस्तीफा देने का निर्देश दे दिया गया है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक कौशल विकास मंत्री राजीव प्रताप रूडी, जल संसाधन मंत्री उमा भारती, जल संसाधन राज्य मंत्री संजीव बालियान, मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री महेंद्रनाथ पांडे, स्वास्थ्य राज्य मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते पहले ही इस्तीफा सौंप चुके हैं। इसी बीच केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री बंडारू दत्तात्रेय ने कैबिनेट विस्तार से पहले शुक्रवार की शाम अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
Bandaru Dattatreya, Minister of State for Labour & Employment (Independent Charge) resigns from his post ahead of Sept 3 cabinet reshuffle. pic.twitter.com/EjwXBLe58X
— ANI (@ANI) September 1, 2017
हालांकि, निर्मला सीतारमण, कलराज मिश्र, राधामोहन सिंह, जेपी नड्डा, बंडारू दत्तात्रेय सहित कुछ अन्य मंत्रियों को भी ऐसी ही स्थिति का सामना करने के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया गया है।
चार मंत्रियों के पास अतिरिक्त प्रभार
वित्त मंत्री अरुण जेटली के पास रक्षा मंत्रालय का भी प्रभार है। इसी तरह हर्षवर्धन के पास पर्यावरण मंत्रालय, नरेंद्र सिंह तोमर के पास शहरी विकास मंत्रालय और स्मृति ईरानी के पास सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार है।
हिमाचल से धूमल या अनुराग
चुनावी राज्य हिमाचल प्रदेश को साधने के लिए पूर्व सीएम प्रेम कुमार धूमल या उनके सांसद पुत्र अनुराग सिंह ठाकुर को मंत्रिपरिषद में जगह दिए जाने की चर्चा है। सूत्रों के मुताबिक अगर 73 वर्षीय धूमल के नाम पर सहमति बनी तो उन्हें कृषि मंत्री बनाया जाएगा।
ऐसी स्थिति में विधानसभा चुनाव संपन्न होने के बाद धूमल स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा की जगह उच्च सदन में प्रवेश करेंगे। पार्टी नेतृत्व पहले ही नड्डा को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार पेश करने का मन बना चुका है।
गडकरी को यातायात व्यवस्था का संपूर्ण प्रभार
पिछले महीने एक के बाद एक तीन रेल हादसों के बाद इस्तीफे की पेशकश कर चुके रेल मंत्री सुरेश प्रभु को पर्यावरण मंत्रालय की जिम्मेदारी दिए जाने की चर्चा है। सरकार की इच्छा रेलवे, सड़क, जल और हवाई यातायात से जुड़े सभी मंत्रालयाें का विलय कर इसकी जिम्मेदारी नितिन गडकरी को देने की है। इस फार्मूले के तहत रेलवे में दो, सड़क परिवहन में एक और नागरिक उड्डयन विभाग के एक-एक राज्य मंत्री होंगे।
अंतिम विस्तार के कारण ज्यादा माथापच्ची
मोदी मंत्रिमंडल का संभावित अंतिम विस्तार होने के कारण सरकार और पार्टी के बीच जबरदस्त माथापच्ची हो रही है। चूंकि इस साल हिमाचल प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक तो अगले साल मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में विधानसभा चुनाव होने हैं। लिहाजा, मंत्रियों के कामकाज के अलावा इन राज्यों के राजनीतिक गणित को भी आधार बनाया गया है।
शाह ने की संघ नेतृत्व से चर्चा, ये हो सकते हैं नए चेहरे
बृहस्पतिवार देर रात तक विस्तार पर पीएम से सलाह-मशविरा करने के बाद शाह तत्काल संघ की तीन दिवसीय समन्वय बैठक में शिरकत करने मथुरा रवाना हो गए। वहां उन्होंने संघ नेतृत्व से भी मंत्रिपरिषद फेरबदल पर व्यापक चर्चा की।
अधिकतम 81 मंत्री
फिलहाल पीएम को मिलाकर केंद्रीय मंत्रिपरिषद में 73 सदस्य हैं। इनमें से 24 कैबिनेट, 12 राज्य मंत्री और 36 स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री हैं। कानूनन मंत्रिपरिषद में कुल लोकसभा सांसदों (545) के 15 प्रतिशत यानी अधिकतम 81 सदस्य हो सकते हैं।
ये हो सकते हैं नए चेहरे
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भूपेंद्र यादव या ओम माथुर
प्रहलाद जोशी
विनय सहस्त्रबुद्धे
प्रह्लाद पटेल
हरीश द्विवेदी
सत्यपाल सिंह
सुरेश अंगड़ी
चंदूलाल साहू
अश्विनी चौबे
हेमंत विश्वशर्मा
भारती स्याल
प्रेम कुमार धूमल या अनुराग ठाकुर
आरसीपी सिंह (जदयू)
संतोष कुशवाहा (जदयू)
एम थंबीदुरई (अन्नाद्रमुक)
वी मैत्रेयन (अन्नाद्रमुक)