{"_id":"699d893214aa11cd100d9a9b","slug":"union-cabinet-takes-seva-sankalp-at-first-meet-at-seva-teerth-pm-modi-new-pmo-complex-know-what-in-resolution-2026-02-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Seva Sankalp: सेवा तीर्थ में कैबिनेट की पहली बैठक में लिया गया 'सेवा संकल्प', जानें इसमें क्या-क्या शामिल","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Seva Sankalp: सेवा तीर्थ में कैबिनेट की पहली बैठक में लिया गया 'सेवा संकल्प', जानें इसमें क्या-क्या शामिल
Tue, 24 Feb 2026 04:49 PM IST
देवेश त्रिपाठी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: देवेश त्रिपाठी
Updated Tue, 24 Feb 2026 04:49 PM IST
सार
केंद्रीय कैबिनेट की मंगलवार को पहली बार नए पीएमओ कार्यालय सेवा तीर्थ में बैठक हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुई बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। इसी के साथ इस बैठक में सेवा संकल्प प्रस्ताव भी रखा गया। आइए जानते हैं कि ये प्रस्ताव क्या है...
विज्ञापन
सेवा तीर्थ
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने नए प्रधानमंत्री कार्यालय परिसर, सेवा तीर्थ में अपनी पहली बैठक में संकल्प लिया कि नए भवन में लिया गया प्रत्येक निर्णय 1.4 अरब नागरिकों के प्रति सेवा की भावना से प्रेरित होगा और राष्ट्र निर्माण के व्यापक लक्ष्य से जुड़ा होगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह भी संकल्प लिया गया कि मंत्रिमंडल के लिए संवैधानिक मूल्य उस नैतिक प्रतिबद्धता की अभिव्यक्ति हैं, जो शासन को प्रत्येक नागरिक की गरिमा, समानता और न्याय से जोड़ती है।
ये भी पढ़ें: दिल्ली में अरुणाचल की महिलाओं से नस्लीय दुर्व्यवहार: गौरव गोगोई ने की निंदा; बोले- तुरंत कार्रवाई करे प्रशासन
विज्ञापन
जनता की आकांक्षाओं के प्रति जवाबदेह होगा हर निर्णय
इस संकल्प के अनुसार सेवा तीर्थ में कार्य संस्कृति उस भावना से निर्देशित होगी, जहां प्रत्येक नीति संविधान के मूलभूत लोकाचार के अनुरूप होगी। प्रत्येक निर्णय जनता की आकांक्षाओं के प्रति जवाबदेह होगा। यह बैठक और यह इमारत 'सेवा संकल्प' प्रस्ताव के अनुसार नए भारत के पुनर्निर्माण की प्रत्यक्ष अभिव्यक्ति हैं।
सेवा संकल्प प्रस्ताव में कहा गया है, 'इस शुभारंभ के साथ हम उस भविष्य का स्वागत करते हैं जिसकी नींव सदियों के प्रयासों से रखी गई है। स्वतंत्रता के बाद, कई दशकों तक, सरकारों ने साउथ ब्लॉक स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय से कार्य किया, विरासत को संरक्षित किया और भविष्य की परिकल्पना की।'
ये भी पढ़ें: RSS: अगले महीने आरएसएस की शीर्ष निर्णय लेने वाली इकाई की बैठक, तैयार होगी सालाना कार्ययोजना
सेवा संकल्प प्रस्ताव में क्या कहा गया?
प्रस्ताव में कहा गया है, 'हमने एक ऐसे भारत की कल्पना की जिसकी विचारधारा स्वदेशी हो, जिसका स्वरूप आधुनिक हो और जिसकी क्षमता असीमित हो। आज, सेवा तीर्थ उसी परिकल्पना का साकार रूप है, जो लोकतंत्र की जननी के रूप में भारत के गौरव को और बढ़ाएगा। इस अवसर पर हम इस स्थान के इतिहास को भी याद करते हैं। ब्रिटिश काल की अस्थायी बैरकों के स्थान पर 'सेवा तीर्थ' का निर्माण किया गया है। उस स्थान पर राष्ट्रीय शासन की एक सक्रिय संस्था की स्थापना भी नए भारत के रूपांतरण का प्रतीक है।'
सेवा संकल्प प्रस्ताव पर क्या बोले पीएम मोदी?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर लिखा, 'आज युगाब्द 5127, विक्रम संवत 2082, फाल्गुन शुक्ल अष्टमी के दिन नवनिर्मित सेवा तीर्थ में केंद्रीय कैबिनेट की प्रथम बैठक हुई। इसमें देश के लिए कई अभूतपूर्व निर्णय लिए गए। इस दौरान, कैबिनेट ने ये संकल्प भी लिया कि स्वदेशी सोच, आधुनिक स्वरूप और 140 करोड़ देशवासियों के अनंत सामर्थ्य की बुनियाद पर बना सेवा तीर्थ राष्ट्रसेवा के कर्तव्य-यज्ञ को निरंतर आगे बढ़ाएगा। इस राष्ट्रयज्ञ में हमारा मंत्र है - यद् भद्रं तन्न आ सुव॥ अर्थात्, जो कुछ शुभ और कल्याणकारी है, जो भी नए विचार हैं, वो हमें अनवरत प्राप्त होते रहें।'
अन्य वीडियो
विज्ञापन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह भी संकल्प लिया गया कि मंत्रिमंडल के लिए संवैधानिक मूल्य उस नैतिक प्रतिबद्धता की अभिव्यक्ति हैं, जो शासन को प्रत्येक नागरिक की गरिमा, समानता और न्याय से जोड़ती है।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: दिल्ली में अरुणाचल की महिलाओं से नस्लीय दुर्व्यवहार: गौरव गोगोई ने की निंदा; बोले- तुरंत कार्रवाई करे प्रशासन
विज्ञापन
जनता की आकांक्षाओं के प्रति जवाबदेह होगा हर निर्णय
इस संकल्प के अनुसार सेवा तीर्थ में कार्य संस्कृति उस भावना से निर्देशित होगी, जहां प्रत्येक नीति संविधान के मूलभूत लोकाचार के अनुरूप होगी। प्रत्येक निर्णय जनता की आकांक्षाओं के प्रति जवाबदेह होगा। यह बैठक और यह इमारत 'सेवा संकल्प' प्रस्ताव के अनुसार नए भारत के पुनर्निर्माण की प्रत्यक्ष अभिव्यक्ति हैं।
सेवा संकल्प प्रस्ताव में कहा गया है, 'इस शुभारंभ के साथ हम उस भविष्य का स्वागत करते हैं जिसकी नींव सदियों के प्रयासों से रखी गई है। स्वतंत्रता के बाद, कई दशकों तक, सरकारों ने साउथ ब्लॉक स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय से कार्य किया, विरासत को संरक्षित किया और भविष्य की परिकल्पना की।'
ये भी पढ़ें: RSS: अगले महीने आरएसएस की शीर्ष निर्णय लेने वाली इकाई की बैठक, तैयार होगी सालाना कार्ययोजना
सेवा संकल्प प्रस्ताव में क्या कहा गया?
प्रस्ताव में कहा गया है, 'हमने एक ऐसे भारत की कल्पना की जिसकी विचारधारा स्वदेशी हो, जिसका स्वरूप आधुनिक हो और जिसकी क्षमता असीमित हो। आज, सेवा तीर्थ उसी परिकल्पना का साकार रूप है, जो लोकतंत्र की जननी के रूप में भारत के गौरव को और बढ़ाएगा। इस अवसर पर हम इस स्थान के इतिहास को भी याद करते हैं। ब्रिटिश काल की अस्थायी बैरकों के स्थान पर 'सेवा तीर्थ' का निर्माण किया गया है। उस स्थान पर राष्ट्रीय शासन की एक सक्रिय संस्था की स्थापना भी नए भारत के रूपांतरण का प्रतीक है।'
सेवा संकल्प प्रस्ताव पर क्या बोले पीएम मोदी?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर लिखा, 'आज युगाब्द 5127, विक्रम संवत 2082, फाल्गुन शुक्ल अष्टमी के दिन नवनिर्मित सेवा तीर्थ में केंद्रीय कैबिनेट की प्रथम बैठक हुई। इसमें देश के लिए कई अभूतपूर्व निर्णय लिए गए। इस दौरान, कैबिनेट ने ये संकल्प भी लिया कि स्वदेशी सोच, आधुनिक स्वरूप और 140 करोड़ देशवासियों के अनंत सामर्थ्य की बुनियाद पर बना सेवा तीर्थ राष्ट्रसेवा के कर्तव्य-यज्ञ को निरंतर आगे बढ़ाएगा। इस राष्ट्रयज्ञ में हमारा मंत्र है - यद् भद्रं तन्न आ सुव॥ अर्थात्, जो कुछ शुभ और कल्याणकारी है, जो भी नए विचार हैं, वो हमें अनवरत प्राप्त होते रहें।'
अन्य वीडियो
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन