Budget 2022: आयुर्वेद रिसर्च को मिलेगा बढ़ावा, 800 करोड़ रुपये के निवेश से उन्नत होंगे देश के आयुष अस्पताल
India Budget 2022: केंद्रीय होम्योपैथी अनुसंधान परिषद को 143.70 करोड़ और केंद्रीय यूनानी चिकित्सा अनुसंधान परिषद को 175.80 करोड़ दिये हैं। इस बजट से आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति के वैधीकरण के लिये वैज्ञानिक अनुसंधान शुरू किये जायेंगे। इससे नई औषधियों की खोज, उसके सर्वेक्षण और उस पर शोध को बढ़ावा मिलेगा...
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केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को केंद्रीय बजट में आयुष मंत्रालय में शोध को बढ़ावा देने, किफायती आयुष सेवाओं का विस्तार करने, राज्यों के साथ मिलकर आयुष को बढ़ावा देने तथा पूर्वोत्तर क्षेत्रों में आयुष के विशेष विकास पर बल देने के लिए आयुष मंत्रालय को 3050 करोड़ का बजट आवंटित किया है, जो कि पिछली बार करीब 2600 करोड़ रुपये का था। इस बार पिछले बजट की तुलना में चार सौ करोड़ रुपयों की बढ़ोतरी की गई है, ताकि आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को नया आयाम मिल सके।
शोध को मिलेगा बढ़ावा
केंद्रीय मंत्री ने आयुष मंत्रालय में शोध को बढ़ावा देने के लिये सबसे बड़ा बजट जारी किया है। बजट में अनुसंधान को कुल 682 करोड़ की सौगात दी गई है। इसमें केंद्रीय आयुर्वेदिक विज्ञान अनुसंधान परिषद को सबसे बड़ा बजट रिसर्च के लिये दिया है। परिषद को 358.50 करोड़ का बजट अलॉट किया गया है। वहीं केंद्रीय होम्योपैथी अनुसंधान परिषद को 143.70 करोड़ और केंद्रीय यूनानी चिकित्सा अनुसंधान परिषद को 175.80 करोड़ दिये हैं। इस बजट से आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति के वैधीकरण के लिये वैज्ञानिक अनुसंधान शुरू किये जायेंगे। इससे नई औषधियों की खोज, उसके सर्वेक्षण और उस पर शोध को बढ़ावा मिलेगा। इसके तहत औषधीय पादप अनुसंधान, चिकित्सा-नृजातीय वानस्पतिक सर्वेक्षण, औषधीय मानकीकरण और अनुसंधान के शोध के प्रकाशन को नई दिशा मिलेगी।
आयुष की परियोजनाओं और स्कीमों पर खोला दिल
केंद्रीय मंत्री ने कोरोना महामारी को मात देने के लिए शुरू की गई आयुष मंत्रालय की स्कीमों और योजनाओं पर दिल खोल कर धनवर्षा की है। इस बार आयुष मंत्रालय की परियोजनाओं और स्कीमों को पंख देते हुए 306 करोड़ का बजट अलॉट किया है। दूसरा सबसे बड़ा और सबसे ज्यादा फोकस मंत्रालय की लोक कल्याणकारी योजनाओं पर किया गया है, ताकि आमजन को आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा का भरपूर लाभ मिल सके। पिछली बार इसके लिये 235 करोड़ का बजट दिया गया था।
पूर्वोत्तर क्षेत्रों और राज्यों सरकारों के अनुदान को डबल सेंचुरी बजट में इस बार पूर्वोत्तर क्षेत्रों और राज्य सरकार को दी जाने वाली सहायता अनुदान धनराशि को करीब दोगुना कर दिया गया है। पिछली बार जहां पूर्वोत्तर क्षेत्र को बजट में 102.47 करोड़ दिये गये थे, वहीं इस बार इसे बढ़ाकर 181.97 करोड़ कर दिया गया है। इसी तरह राज्य सरकारों को दी जाने वाली सहायता अनुदान धनराशि में बढ़ोतरी करते हुए 610 करोड़ कर दिया गया है, जबकि पिछली बार यह धनराशि 422.40 करोड़ थी।
विश्व के पहले ग्लोबल सेंटर फॉर ट्रेडिशनल मेडिसिन को भी मिला बजट देश में विश्व के पहले डब्ल्यूएचओ ग्लोबल सेंटर फॉर ट्रेडिशनल मेडिसिन की स्थापना की जा रही है। यह विश्व का पारंपरिक चिकित्सा के लिये पहला और एकमात्र डब्ल्यूएचओ ग्लोबल सेंटर होगा। इसका सीधा असर देश में पारंपरिक चिकित्सा क्षेत्र के निवेश में देखने को मिलेगा। इससे देश ग्लोबल सेंटर ट्रेडिशनल मेडिसिन से जुड़े ग्लोबल वेलनेस और रिसर्च के तौर पर उभरेगा। केंद्रीय बजट में इसके लिये भी पर्याप्त बजट का प्रावधान किया गया है।
बजट में राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत आयुष अस्पतालों और औषधालयों के विस्तार के लिये 800 करोड़ अलॉट किये गये हैं, ताकि किफायती आयुष सुविधाएं लोगों तक पहुंचाई जा सकें। साथ ही अस्पतालों को उन्नत कर प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाओं को और बेहतर किया जा सके।