अब विज्ञापनों में नहीं दिखेंगी कामुक अंदाज में महिलाएं
टीवी ऑन करते ही या अखबार/मैग्जीन का पन्ना पलटते ही अर्धनग्न महिलाओं के तस्वीरें तमाम विज्ञापनों में दिखाई देना आम है। कंपनियां हर कीमत पर उपभोक्ता/ग्राहक को आकर्षित करने के लिए विज्ञापनों में सेक्स परोस रही हैं।
डियोड्रेंट से लेकर सीमेंट तक के एड में कामुक लड़कियां दिखाई देती हैं। भारत समेत दुनिया भर में इन विज्ञापनों के जरिए कंपनियां पुरुष उपभोक्ताओं से मोटा मुनाफा ऐंठने में सफल भी हो रही हैं। वर्षों के इसी ढर्रे पर चल रही दिग्गज कंपनी यूनिलीवर ने अब फैसला किया है अपने विज्ञापनों में सेक्स नहीं परोसेगी।
यूनिलीवर दुनियाभर से अपने सेक्सिट विज्ञापनों को हटाएगी। यूनिलीवर अपने डियोड्रेंट ब्रांड एक्स के विज्ञापन से भी अर्धनग्न औरतों को हटाने जा रही है। डियोड्रेंट का संस्कारी विज्ञापन जल्द ही भारत में भी देखा जा सकेगा।
कंपनी की ग्लोबल मार्केटिंग की ईवीपी एलीन सैंटोस ने टाइम्स ऑफ इंडिया को ई-मेल के जरिए बताया कि कंपनी अपने विज्ञापनों मे आकर्षण लाने के लिए आधुनिक और वास्तविक दुनिया का सहारा लेगी। ऐसी चीजें दिखाई जाएंगी जो हकीकत में लोगों के बीच होती हैं। बनावटीपन से दूरी रखी जाएगी।
इसी साल मार्च के महीने में ग्लोबल रेस्टोरेंट चैन नैडों ने ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए विज्ञापन में अश्लील शब्दों का सहारा लिया। कंपनी ने एड में लिखा "वी डोंट माइंड इफ यू टच अवर बन्स ऑर ब्रेस्ट ऑर ईवन अवर थाईज।'' इस विज्ञापन की घोर निंदा हुई और कंपनी को सार्वजनिक तौर पर माफी मांगनी पड़ी।
मार्केटिंग के जानकार इस बदलाव को विवेक और जरूरत, इन दो वजहों पर आंक देख रहे हैं।
वहीं, विज्ञापन की कुछ और एजेंसिया भी सावधानी बरत रही हैं। मैकेन वर्ल्डग्रुप एशिया पेसिफिक के चेयरमैन प्रसून जोशी कहते हैं कि हम अपनी टीमों को ट्रेनिंग के दौरा शुरु में ही समझा देते हैं कि किसी भी तरह के संवेदनहीन चित्रण से बचें।
विज्ञापन इंडस्ट्री के एक वरिष्ठ अधिकारी ने जेके सीमेंट के विज्ञापन की निंदा करते हुए कहा कि सीमेंटे के एड में समंदर से बिकनी पहने हुए महिला निकलती है, जो समझ से परे हैं और इसे सेल्फ रेगुलेशन करना होगा।
Published By Rohit Kumar Porwal