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इस साल बेरोजगारी बढ़ी, रोज खत्म हो रही 550 नौकरियां
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 18 Oct 2016 12:40 PM IST
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हाल में आए दो अलग-अलग रिसर्चों से पता चलता है कि साल 2015-16 के दौरान भारत में बेरोजगारी दर बढ़ कर पांच फीसदी तक पहुंच गई है। यह बीते पांच सालों में सबसे ज्यादा है। एक अन्य रिसर्च में कहा गया है कि बीते चार साल में साढ़े पांच सौ नौकरियां खत्म हुई हैं।
श्रम ब्यूरो की ओर से रोजगार पर कराए गए सालाना सर्वेक्षण में बताया गया है कि साल 2015-16 के दौरान देश में बेरोजगारी की दर बीते पांच वर्षों के उच्चतम स्तर तक पहुंच गई है। वहीं, महिलाओं की बेरोजगारी दर 8.7 फीसदी तक पहुंच गई है। देश के 68 फीसदी घरों की मासिक आय महज 10 हजार रुपए है। श्रम ब्यूरो ने अपनी इस रिपोर्ट के लिए अप्रैल 2015 से दिसंबर 2015 के बीच 1.6 लाख घरों का सर्वेक्षण किया था।
सर्वेक्षण के मुताबिक, ग्रामीण इलाकों में लगभग 42 फीसदी कामगारों को साल में 12 महीने काम नहीं मिलता। नतीजतन खेती के मौसमी रोजगार पर उनकी निर्भरता बढ़ी है।
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इस सर्वेक्षण में कहा गया है कि 15 साल से ज्यादा उम्र वाले पांच फीसदी लोगों में बेरोजगारी की दर बढ़ी है। बताते चलें कि साल 2011 की जनगणना के मुताबिक देश में 15 साल से ज्यादा उम्र वाले कामगरों की तादद 45 करोड़ थी। वहीं, 35 फीसदी ऐसे लोग हैं, जिन्हें पूरे साल नियमित रोजगार नहीं मिलता।
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श्रम ब्यूरो की ओर से रोजगार पर कराए गए सालाना सर्वेक्षण में बताया गया है कि साल 2015-16 के दौरान देश में बेरोजगारी की दर बीते पांच वर्षों के उच्चतम स्तर तक पहुंच गई है। वहीं, महिलाओं की बेरोजगारी दर 8.7 फीसदी तक पहुंच गई है। देश के 68 फीसदी घरों की मासिक आय महज 10 हजार रुपए है। श्रम ब्यूरो ने अपनी इस रिपोर्ट के लिए अप्रैल 2015 से दिसंबर 2015 के बीच 1.6 लाख घरों का सर्वेक्षण किया था।
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सर्वेक्षण के मुताबिक, ग्रामीण इलाकों में लगभग 42 फीसदी कामगारों को साल में 12 महीने काम नहीं मिलता। नतीजतन खेती के मौसमी रोजगार पर उनकी निर्भरता बढ़ी है।
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इस सर्वेक्षण में कहा गया है कि 15 साल से ज्यादा उम्र वाले पांच फीसदी लोगों में बेरोजगारी की दर बढ़ी है। बताते चलें कि साल 2011 की जनगणना के मुताबिक देश में 15 साल से ज्यादा उम्र वाले कामगरों की तादद 45 करोड़ थी। वहीं, 35 फीसदी ऐसे लोग हैं, जिन्हें पूरे साल नियमित रोजगार नहीं मिलता।
रोजाना घट रही हैं नौकरियां
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दिल्ली स्थित सिविल सोसायटी ग्रुप प्रहार की रिपोर्ट में कहा गया है कि देश में बीते चार से रोजाना साढ़े पांच सौ नौकरियां घट रही हैं। यही स्थिति जारी रही तो साल 2050 तक 70 लाख नौकरियां गायब हो जाएंगी।
श्रम ब्यूरो की एक रिपोर्ट के हवाले इस अध्ययन में कहा गया है कि देश में वर्ष 2015 के दौरान रोजगार के महज 1.35 लाख नए मौके पैदा हुए।
श्रम ब्यूरो की एक रिपोर्ट के हवाले इस अध्ययन में कहा गया है कि देश में वर्ष 2015 के दौरान रोजगार के महज 1.35 लाख नए मौके पैदा हुए।