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वर्दी वाले बारातियों का खर्च उठाने में असमर्थ दूल्हा छह महीने से नहीं कर पा रहा शादी
Sat, 27 Feb 2021 02:07 AM IST
Amit Mandal
राजीव सिन्हा, नई दिल्ली।
राजीव सिन्हा, नई दिल्ली।
Published by: Amit Mandal
Updated Sat, 27 Feb 2021 02:07 AM IST
सार
- सुप्रीम कोर्ट से शादी के लिए मिल चुकी अंतरिम जमानत
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तिहाड़ जेल
- फोटो : ANI
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विस्तार
तिहाड़ जेल में उम्रकैद की सजा काट रहा दोषी शादी करना चाहता है। लड़की भी तैयार है, लेकिन समस्या है कि वह बारातियों का खर्च उठाने में असमर्थ है। ये बाराती कोई और नहीं बल्कि पुलिसकर्मी हैं। सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत मिलने के बावजूद बीते छह महीने से दूल्हे को शादी का इंतजार है। दरअसल, पुलिस ने दोषी विशाल को शादी के लिए जाने से पहले ढाई लाख रुपये जमा कराने के लिए कहा है। ढाई लाख रुपये की राशि उसके साथ दो दिन तक साये की तरह रहने वाले छह पुलिसकर्मियों पर होने वाला खर्च है।
जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस एमआर शाह की पीठ ने शुक्रवार को मामले की सुनवाई की। पीठ ने हत्या में उम्रकैद की सजा काट रहे विशाल को कहा कि उसे ढाई लाख रुपये जमा कराने होंगे। इस पर विशाल के वकील ने कहा, उनका मुवक्किल इतनी राशि खर्च करने की स्थिति में नहीं है। विशाल पर निगरानी रखने के लिए दो पुलिसकर्मी ही पर्याप्त हैं और वह उनका खर्च उठाने को तैयार है। लेकिन पीठ ने उसे किसी तरह की राहत देने से इनकार कर दिया। पीठ ने पाया कि विशाल पर कई और आपराधिक मामले दर्ज हैं। पीठ ने कहा, यह हम कैसे तय कर सकते हैं कि एक या दो पुलिसकर्मी ही काफी हैं। पुलिसकर्मियों का खर्च तो उसे वहन करना ही होगा।
कोर्ट ने सितंबर में दी थी शादी की इजाजत
विशाल ने शीर्ष अदालत में याचिका दायर कर कहा था कि वह अपनी प्रेमिका से शादी करना चाहता है। कोर्ट ने 15 सितंबर को उसे शादी के लिए दो दिन की अंतरिम जमानत दी थी। साथ ही इस दौरान सादी वर्दी में पुलिसवालों को साथ रहने का आदेश दिया था। कोर्ट ने पुलिसकर्मियों का खर्च भी वहन करने का आदेश दिया था। इसके बाद पुलिस ने उसे ढाई लाख रुपये का अग्रिम बिल थमा दिया था, जिसके खिलाफ उसने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था।
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जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस एमआर शाह की पीठ ने शुक्रवार को मामले की सुनवाई की। पीठ ने हत्या में उम्रकैद की सजा काट रहे विशाल को कहा कि उसे ढाई लाख रुपये जमा कराने होंगे। इस पर विशाल के वकील ने कहा, उनका मुवक्किल इतनी राशि खर्च करने की स्थिति में नहीं है। विशाल पर निगरानी रखने के लिए दो पुलिसकर्मी ही पर्याप्त हैं और वह उनका खर्च उठाने को तैयार है। लेकिन पीठ ने उसे किसी तरह की राहत देने से इनकार कर दिया। पीठ ने पाया कि विशाल पर कई और आपराधिक मामले दर्ज हैं। पीठ ने कहा, यह हम कैसे तय कर सकते हैं कि एक या दो पुलिसकर्मी ही काफी हैं। पुलिसकर्मियों का खर्च तो उसे वहन करना ही होगा।
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कोर्ट ने सितंबर में दी थी शादी की इजाजत
विशाल ने शीर्ष अदालत में याचिका दायर कर कहा था कि वह अपनी प्रेमिका से शादी करना चाहता है। कोर्ट ने 15 सितंबर को उसे शादी के लिए दो दिन की अंतरिम जमानत दी थी। साथ ही इस दौरान सादी वर्दी में पुलिसवालों को साथ रहने का आदेश दिया था। कोर्ट ने पुलिसकर्मियों का खर्च भी वहन करने का आदेश दिया था। इसके बाद पुलिस ने उसे ढाई लाख रुपये का अग्रिम बिल थमा दिया था, जिसके खिलाफ उसने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था।
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