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पीओके में लोगों की समस्या हल करने को संयुक्त राष्ट्र से हस्तक्षेप की मांग

Thu, 17 Mar 2016 11:28 PM IST
एजेंसी / वाशिंगटन
एजेंसी / वाशिंगटन Updated Thu, 17 Mar 2016 11:28 PM IST
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UN intervention in PoK

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में गिलगित बाल्टिस्तान के लोगों की समस्याओं को हल करने के लिए संयुक्त राष्ट्र के हस्तक्षेप की मांग की गई है। इंस्टीट्यूट फॉर गिलगित-बाल्टिस्तान स्टडीज के अध्यक्ष सेनगे सेरिंग ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के 31वें नियमित सत्र को संबोधित करते हुए पीओके में विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों के संवैधानिक अधिकारों और शैक्षणिक सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाया। उन्होंने गिलगित बाल्टिस्तान के लोगों की समस्याओं को हल करने के लिए मामले में संयुक्त राष्ट्र के हस्तक्षेप करने की मांग की।

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बुधवार को स्विट्जरलैंड के जेनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद को संबोधित करते हुए सेरिंग ने कहा कि संवैधानिक अधिकारों, स्वायत्तता और जवाबदेही प्रशासनिक ढांचे की कमी के चलते शैक्षणिक प्रयास और गिलगित-बाल्टिस्तान का सतत विकास चुनौती पूर्ण बना हुआ है।
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उन्होंने कहा, ‘हम संयुक्त राष्ट्र के मिशनों और विशेषज्ञों से बाल अधिकार, सांस्कृतिक अधिकार, शैक्षणिक अधिकार और स्थानीय लोगों के अधिकार पर विशेष गौर करने की अपील करते हैं। इन समस्याओं का समाधान करके गिलगित-बाल्टिस्तान के लोगों का समर्थन किया जाना चाहिए।’
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उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के दूसरे क्षेत्रों में मूलभूत शिक्षा में सुधार हो रहा है, लेकिन गिलगित-बाल्टिस्तान में बाधाएं पैदा हो रही है। ऐसे में इस क्षेत्र में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लक्षित और ठोक कार्रवाई करने की जरूरत है। गिलगित-बाल्टिस्तान से पाक को हर साल अरबों का राजस्व भी प्राप्त होता है।

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