खालिस्तानियों से निपटने को तैयार ब्रिटेन: 'भारतीय उच्चायोग की सुरक्षा के लिए उठाएंगे कदम', बोले सुरक्षा मंत्री
ब्रिटिश सुरक्षा मंत्री टुगेनहॉट कोलकाता में जी20 भ्रष्टाचार विरोधी मंत्रिस्तरीय बैठक में भाग लेने के लिए 10-12 अगस्त तक तीन दिवसीय यात्रा पर भारत आए हुए थे। उन्होंने विदेश मंत्री एस जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से बातचीत की।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
खालिस्तानियों द्वारा लगातार भारतीयों को निशाना बनाया जा रहा है। ऐसे में ब्रिटिश सुरक्षा मंत्री टॉम टुगेनहॉट ने साफ कर दिया है कि ब्रिटेन लंदन में भारतीय उच्चायोग और उसके स्टाफ सदस्यों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठा रहा है।
दिल्ली में विदेश मंत्री से की मुलाकात
गौरतलब है, ब्रिटिश सुरक्षा मंत्री टुगेनहॉट कोलकाता में जी20 भ्रष्टाचार विरोधी मंत्रिस्तरीय बैठक में भाग लेने के लिए 10-12 अगस्त तक तीन दिवसीय यात्रा पर भारत आए हुए थे। उन्होंने दिल्ली में विदेश मंत्री एस जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से बातचीत की।
सख्ती से निपटेगी सरकार
अब वरिष्ठ मंत्री टुगेनहॉट ने कहा कि ब्रिटिश सरकार खालिस्तान समर्थक तत्वों की गतिविधियों पर भारत की चिंताओं पर बात कर रही है। ब्रिटेन में लोगों को कट्टरपंथी बनाने के किसी भी प्रयास से अधिकारी निपटेंगे। उन्होंने कहा कि मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि ब्रिटेन में किसी भी नागरिक को कोई परेशानी होगी तो वो किसी एक देश की चिंता नहीं है बल्कि एक ब्रिटिश समस्या है। ब्रिटेन के अगर किसी भी नागरिक को कट्टरपंथी बनाने का प्रयास किया जाएगा तो सरकार सख्ती से निपटेगी। उन्होंने आगे कहा कि हमारे पास इन सबसे निपटने के लिए रोकथाम कार्यक्रम है। इसका उपयोग विभिन्न समुदायों में कट्टरपंथ की चुनौतियों का सामना करने के लिए कर रहे हैं।
माल्या-नीरव मोदी जैसे भगोड़ों की शरणगाह नहीं बनेगा ब्रिटेन
ब्रिटेन के सुरक्षा मंत्री टॉम टुगेंडहट ने कहा है कि उनका देश कानून से बचकर भागने वालों के लिए सुरक्षित शरणगाह नहीं बनेगा। हालांकि उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रत्यर्पण से जुड़े मामलों में कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए। टुगेंडहट ने किसी खास मामले का जिक्र तो नहीं किया, लेकिन उनके बयान को अरबपति विजय माल्या और नीरव मोदी के संदर्भ में अहम माना जा रहा है। भारत दोनों के प्रत्यर्पण को लेकर लगातार दबाव बनाए हुए है।
ब्रिटिश सुरक्षा मंत्री टॉम टुगेंडहट ने एक साक्षात्कार में इस बात पर जोर दिया कि प्रत्यर्पण से जुड़े मामलों में कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत और ब्रिटेन दोनों देशों की अपनी कानूनी प्रक्रियाएं हैं और उनका पालन होना चाहिए। हालांकि ब्रिटेन सरकार एक बात को लेकर एकदम स्पष्ट है कि वह अपने देश को भगोड़ों की शरणगाह नहीं बनने देना चाहती। ब्रिटिश सुरक्षा मंत्री माल्या और नीरव मोदी जैसे कई भगोड़ों के संदर्भ में पूछे गए एक सवाल का जवाब दे रहे थे। टुगेंडहट कोलकाता में जी-20 भ्रष्टाचार-विरोधी मंत्रिस्तरीय बैठक में हिस्सा लेने के लिए 10 से 12 अगस्त तक भारत में थे।
मार्च ंमें हुआ था हमला
बता दें, मार्च में कुछ खालिस्तान समर्थकों ने लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग से तिरंगा उतारने की कोशिश की और खालिस्तान के समर्थन में नारेबाजी की। घटना के बाद भारतीय विदेश मंत्रालय ने ब्रिटेन की उच्चायुक्त को तलब किया और नाराजगी जाहिर की थी।
लंदन में भारतीय लोग सुरक्षित
ब्रिटिश मंत्री ने दिल्ली में हुई मुलाकात को लेकर कहा कि हाल के दिनों और हफ्तों में, मैं अपने दोस्तों और विशेष रूप से भारतीय उच्चायोग के लोगों के साथ मिलकर काम कर रहा हूं। ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि एक-दूसरे का समर्थन कर रहे हैं। लंदन में भारतीय लोग सुरक्षित हैं और जो कोई भी उन्हें धमकी देता है तो उससे कानून के तहत निपटा जाएगा। बता दें, ब्रिटिश मंत्री ने शुक्रवार खालिस्तान समर्थकों से निपटने के लिए ब्रिटेन की क्षमता बढ़ाने को 95,000 पाउंड यानी करीब 1 करोड़ रुपये की नई फंडिंग की घोषणा की।