फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   UK court Says Indian official had not acted corruptly by liquor baron gives clean to Rakesh Asthana 

माल्या के प्रत्यर्पण की खबर ने राकेश अस्थाना को दिया जश्न का मौका

Tue, 11 Dec 2018 01:52 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 11 Dec 2018 01:52 AM IST
विज्ञापन
UK court Says Indian official had not acted corruptly by liquor baron gives clean to Rakesh Asthana 
सीबीआई के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना - फोटो : PTI

भगोड़ा शराब कारोबारी विजय माल्या के लंदन से भारत प्रत्यर्पण की खबर ने विवादों में घिरे सीबीआई के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना को जश्न का मौका दिया है। ब्रिटिश अदालत ने कहा कि शराब कारोबारी माल्या के बचाव पक्ष ने भारतीय अधिकारी पर ‘भ्रष्ट तरीके से’ काम करने का आरोप लगाया था, जबकि ऐसा नहीं है।

विज्ञापन


गुजरात कैडर के 1984 बैच के अधिकारी अस्थाना ने माल्या के 2016 में भारत से भागने के बाद सीबीआई के विशेष जांच दल का नेतृत्व किया था। उन्होंने ब्रिटेन से माल्या के प्रत्यर्पण के मामले को गंभीरता से आगे बढ़ाया। हैदराबाद के कारोबारी सतीश सना से जुड़े एक मामले में कथित रूप से रिश्वत लेने को लेकर सीबीआई की ओर से अस्थाना के खिलाफ मामला दर्ज करने के बाद सरकार ने उन्हें और सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा को छुट्टी पर भेज दिया था। 
विज्ञापन


सितंबर में वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट अदालत के माल्या के प्रत्यर्पण पर आदेश सुरक्षित रखने के बाद अस्थाना और वर्मा का विवाद सामने आया। हालांकि, माल्या के बचाव दल ने अपने गवाह प्रोफेसर लॉरेंस सेज को पेश किया था, जिन्होंने अस्थाना के चरित्र और पेशेवर ईमानदारी को लेकर गंभीर आरोप लगाए थे। सोमवार को ब्रिटिश कोर्ट ने कहा, उन्हें ऐसा कोई साक्ष्य नहीं मिला कि अभियोजन भ्रष्ट या राजनीति से प्रेरित है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

माल्या को भारत लाने में लग सकता है लंबा वक्त

लंदन की अदालत ने विजय माल्या के प्रत्यर्पण का रास्ता भले साफ कर दिया हो, लेकिन उसे भारत लाने के लिए सरकार को अभी भी लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। माल्या को इस प्रत्यर्पण आदेश के खिलाफ लंदन के विभिन्न उच्च अदालतों में अपील करने का अधिकार है, जिसके निपटारे में छह से आठ महीने का वक्त लग सकता है। 

सीबीआई ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि एजेंसी माल्या के प्रत्यर्पण पर महीनों से काम कर रही है। सीबीआई की कोशिश है कि उसे जल्द से जल्द भारत लाया जा सके। सीबीआई के संयुक्त सचिव साई मनोहर की अगुवाई में एक टीम लंदन में पहले से मौजूद है। सीबीआई के प्रवक्ता अभिषेक दयाल ने कहा कि एजेंसी की अपनी मजबूत कार्यप्रणाली है। सीबीआई ने काफी पुख्ता सबूत और दलील अदालत के सामने रखे हैं। माल्या को वहां की कोर्ट ऑफ अपील (सीओए) में इस फैसले के खिलाफ अर्जी देने के लिए 14 दिन का वक्त मिला है। 

सूत्रों के मुताबिक, सीओए में अपील करने और उस पर फैसला आने में कम से कम एक महीने का वक्त लगेगा। सीओए में अगर फैसला माल्या के खिलाफ आता है तो उसे वहां की सुप्रीम कोर्ट में भी अपील करने का अधिकार है। इसके लिए वह पहले ब्रिटिश सुप्रीम कोर्ट में अपील की अनुमति की अर्जी देगा।

इस अर्जी पर हरी झंडी मिलने के बाद वह प्रत्यर्पण के इस फैसले के खिलाफ अपनी दलील पेश करेगा। माल्या का फौरन भारत आना तभी संभव है जब वह किसी भी अदालत में अपील ना कर भारत आने को तैयार हो जाए। सीबीआई की लंदन में मौजूद टीम इस कोशिश में लगी है कि वहां के कानूनी अड़चनों को दूर कर उसे बिना समय गंवाए भारत लाया जाए।  

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed