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बड़ी तैयारी: अस्पतालों में बच्चों को जन्म के समय ही मिल जाएगा आधार, कुछ ऐसी है यूआईडीएआई की योजना
Thu, 16 Dec 2021 10:41 PM IST
गौरव पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Thu, 16 Dec 2021 10:41 PM IST
सार
यूआईडीएआई एक योजना पर काम कर रहा है जो अगर सफल रही तो जल्द ही अस्पतालों में जन्म लेने वाले बच्चों को जन्म के समय ही आधार मिल जाएगा। पढ़िए पूरी रिपोर्ट...
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
विस्तार
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) जल्द ही अस्पतालों में जन्म लेने वाले नवजातों को आधार उपलब्ध बनाने की तैयारी में है। यूआईडीएआई के सीईओ सौरभ गर्ग ने बताया है कि नवजातों को आधार नंबर देने के लिए प्राधिकरण जन्म रजिस्ट्रार के साथ गठजोड़ करने की कोशिश कर रहा है।
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समाचार एजेंसी एएनआई की एक रिपोर्ट के अनुसार गर्ग ने कहा कि देश की 99.7 फीसदी वयस्त आबादी का आधार पंजीकरण किया जा चुका है। हमने 131 करोड़ लोगों का पंजीकरण किया है और अब हमारी कोशिश नवजातों को आधार से जोड़ने की है। देश में हर साल दो से ढाई करोड़ बच्चे जन्म लेते हैं।
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केवल तस्वीर खींच कर ही दिया जाएगा नवजात को आधार
गर्ग ने कहा कि नवजातों को आधार कार्ड उनके जन्म के समय उनकी तस्वीर खींचकर दिया जाएगा। हम पांच साल से कम आयु के बच्चों का बायोमीट्रिक डाटा नहीं लेते हैं। लेकिन उनका आधार उनके माता या पिता के आधार से जोड़ा जाएगा। उपयुक्त आयु होने पर उनका बायोमीट्रिक डाटा लिया जाएगा।
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देश की पूरी आबादी को आधार उपलब्ध कराना है लक्ष्य
यूआईडीएआई के सीईओ ने आगे कहा कि हम कोशिश कर रहे हैं कि देश की पूरी आबादी को आधार उपलब्ध कराया जाए। पिछले साल हमने दूरदराज के इलाकों में 10 हजार से अधिक शिविर लगाए थे। इस दौरान यह पता चला की कई लोगों के पास आधार नहीं है और 30 लाख लोगों का पंजीकरण हुआ।
2010 में जारी हुआ था पहला आधार, अब अपडेट पर ध्यान
सौरभ गर्ग ने आगे कहा कि हमने पहला आधार 2010 में जारी किया था। तब हमारा उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों का पंजीकरण कराने का था और अब हमारा ध्यान आधार अपडेट पर है। अब तक करीब 10 करोड़ लोग आधार हर साल अपने आधार में नाम, पता और मोबाइल नंबर को अपडेट कर रहे हैं।