महाराष्ट्र: बाल ठाकरे की जयंती पर उद्धव ठाकरे ने कहा- मैंने हिंदुत्व का मुद्दा नहीं छोड़ा
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दिवंगत शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे की जयंती पर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने भी हिंदुत्व की बात कही। उन्होंने राज ठाकरे को जवाब दिया कि मैंने भगवा नहीं छोड़ा है। मेरा रंग भी भगवा और अंतरंग भी भगवा है। इससे पहले राज ठाकरे ने गोरेगांव के नेस्को ग्राउंड में उद्धव पर तंज कसा था कि मैने झंडा बदला है लेकिन रंग बदलकर सरकार में शामिल नहीं होंगे।
गुरुवार को बांद्रा-कुर्ला कांप्लेक्स में आयोजित बचनपूर्ति समारोह में शिवसैनिकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मैंने बाल ठाकरे को बचन दिया था कि एक दिन शिवसैनिक महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री बनेगा। उस बचन को पूरा किया है। उद्धव ने कहा कि भाजपा ने जो बचन दिया था उसे निभाने की बजाए हमें ही झूठा ठहराने की कोशिश की। इसलिए मैंने अलग रास्ता चुना।
शिवसेना के अयोध्या दौरे में कांग्रेस-एनसीपी को भी न्योता: संजय राउत
शिवसेना ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की मार्च में प्रस्तावित अयोध्या दौरे में सहयोगी पार्टी कांग्रेस-एनसीपी को भी आमंत्रित किया है। गुरुवार को संजय राउत ने कहा कि उद्धव सरकार के 100 दिन पूरे होने के उपलक्ष्य में प्रस्तावित अयोध्या दौरे में कांग्रेस-एनसीपी का भी स्वागत है।
उन्होंने कहा कि जिस सामान्य न्यूनतम कार्यक्रम के तहत महाराष्ट्र में महाविकास आघाड़ी की सरकार बनी है। उससे भगवान राम की पूजा-अर्चना का उस सामान्य न्यूनतम कार्यक्रम से कोई लेनादेना नहीं है।
राउत ने कहा कि हमने अपने सहयोगियों समेत सभी को आमंत्रित किया है। हर कोई अपने घर में भगवान राम की पूजा करता है। इसलिए वे भी हमारे साथ मिलकर पूजा-अर्चना कर सकते हैं। अक्तूबर 2019 में हुए राज्य विधानसभा चुनाव के बाद शिवसेना ने भाजपा से नाता तोड़कर कांग्रेस-एनसीपी से हाथ मिला लिया था। इसके बाद महाविकास आघाड़ी अस्तित्व में आई और 28 नवंबर को उद्धव ठाकरे राज्य के मुख्यमंत्री बने।
हाल ही में उद्धव सरकार के 50 दिन पूरे होने के बाद संजय राउत ने ट्वीट किया था कि सरकार भगवान राम के आशीर्वाद से पांच साल का कार्यकाल पूरा करने के लिए काम कर रही है। सत्ता में 100 दिन पूरे होने के मौके पर उद्धव ठाकरे भगवान राम का आशीर्वाद लेने और अपनी भविष्य की रणनीति तैयार करने के लिए अयोध्या जाएंगे।
इससे पहले लोकसभा चुनाव के बाद ठाकरे अपने 18 सांसदों के साथ अयोध्या गए थे और रामलला की पूजा-अर्चना की थी। उसके बाद 24 नवंबर को अयोध्या जाने का कार्यक्रम रद्द कर दिया था।