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सीबीआई बिना इजाजत महाराष्ट्र में नहीं कर सकती जांच, उद्धव ठाकरे ने वापस ली सहमति
Thu, 22 Oct 2020 01:16 AM IST
गौरव पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Thu, 22 Oct 2020 01:16 AM IST
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मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (फाइल फोटो)
- फोटो : पीटीआई
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केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई को अब महाराष्ट्र में बिना इजाजत एंट्री नहीं मिलेगी। उद्धव ठाकरे की सरकार ने सीबीआई को दी गई आम सहमति बुधवार को वापस ले ली। इससे अब सीबीआई महाराष्ट्र में किसी मामले की जांच बिना महाराष्ट्र सरकार की अनुमति लिए नहीं कर सकेगी। इससे पहले राजस्थान, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल ने भी सीबीआई को बिना अनुमति केस की जांच पर रोक लगाई है।
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महाराष्ट्र सरकार में गृह विभाग के उपसचिव कैलाश गायकवाड की ओर से सीबीआई जांच के संबंध में यह आदेश जारी किया गया है। लेकिन यह अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत मामले की जांच में लागू नहीं होगी। क्योंकि यह जांच सुप्रीम कोर्ट के आदेश से हो रही है। दरअसल, महाराष्ट्र सरकार नहीं चाहती कि टीआरपी मामले की जांच सीबीआई करे। इसलिए ठाकरे सरकार का यह निर्णय टीआरपी स्कैम जांच के बीच में सीबीआई के दखल के तौर पर देखा जा रहा है। इस महीने की शरूआत में टीआरपी में हेराफेरी को लेकर रिपब्लिक टीवी के खिलाफ जांच शुरू करने के बाद यह विवाद शुरू हुआ है। मंगलवार को उत्तर प्रदेश पुलिस ने भी एक विज्ञापन कंपनी के प्रमोटर की शिकायत पर इस मामले में एफआईआर दर्ज किया था। उसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने मामला सीबीआई को सौंप दिया है।
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गौरतलब है कि टीआरपी का घोटाला तब सामने आया था जब रेटिंग एजेंसी ब्राडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (बार्क) ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। इसके आधार पर मुंबई पुलिस ने टीआरपी में हेरफेर में धांधली की जांच शुरू की। मुंबई पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह ने प्रेस वार्ता कर रिपब्लिक टीवी सहित फक्त मराठी और बॉक्स मराठी पर टीआरपी में हेरफेर का आरोप लगाया था। मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच इस मामले में अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।
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बता दें कि गैर भाजपा शासित तीन राज्य (राजस्थान, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल) पहले ही अपने अधिकार क्षेत्र में सीबीआई को जांच के लिए दी गई आम सहमति वापस ले चुके हैं। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि महाराष्ट्र सरकार का यह फैसला अभी चल रही अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले की जांच के प्रभावित नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि यह जांच सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर कराई जा रही है और इसलिए इसमें राज्य से अनुमति लेने की कोई आवश्यकता नहीं है।
यह आदेश उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा टीआरपी मामले के एक पहलू पर एफआईआर दर्ज करने और मामले को सीबीआई के हवाले करने के एक दिन बाद लिया गया है। महाराष्ट्र सरकार, यूपी सरकार के इस कदम को ऐसे प्रयास के रूप में देख रही है जिससे रिपब्लिक टीवी के खिलाफ चल रही मुंबई पुलिस की जांच को सीबीआई के हवाले की जा सके। सत्ता पक्ष के नेताओं का कहना है कि टीआरपी मामले में सीबीआई द्वारा मामला दर्ज किया जाना रिपब्लिक टीवी के खिलाफ मामले को हल्का करने की कोशिश है।