अगस्ता डील: त्यागी ने घसीटा मनमोहन सिंह का नाम
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अगस्ता वेस्टलैंड डील मामले में गिरफ्तार पूर्व वायुसेना प्रमुख एसपी त्यागी ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को भी मामले में घसीट लिया है। शनिवार को त्यागी को चार दिन की सीबीआई कस्टडी में भेज दिया गया।
एसपी त्यागी के बचाव पक्ष ने दावा करते हुए कहा कि 2005 में हेलिकॉप्टर खरीदने की शर्तों के बदलाव के फैसले में पीएम ऑफिस भी शामिल था। उस वक्त मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे।
हेलीकॉप्टर कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिये प्रधानमंत्री कार्यालय ने शर्तों में फेरबदल किया था। बचाव पक्ष के अधिक्ता ने कहा कि वीवीआईपी लोगों के लिये यह हेलीकॉप्टर खरीदे जाने थे। पीएमओ ने उड़ान क्षमता छह हजार से कम करने का सुझाव दिया था।
बचाव पक्ष के वकील एन हरीहरन ने कहा कि जो हेलिकॉप्टर सौदे के नियमों में बदलाव का फैसला अकेले का नहीं था, बल्कि ये सामूहिक फैसला था। बचाव पक्ष ने ये भी कहा कि ये त्यागी के वायु सेना प्रमुख बनने से पहले लिया गया था। त्यागी कभी भी हेलिकॉप्टरों के लिए खरीद प्रक्रिया में शामिल नहीं थे।
4 दिन की रिमांड पर भेजे गए पूर्व वायुसेना प्रमुख
आपको बता दें कि 3600 करोड़ के वीवीआईपी चोपर डील घोटाला मामले में पूर्व वायु सेना अध्यक्ष एसपी त्यागी, उनके भाई संजीव त्यागी उर्फ जूली त्यागी व अधिवक्ता गौतम खेतान से पूछताछ के लिये चार दिन का रिमांड दिया है। सीबीआई ने इन आरोपियों को शनिवार को कोर्ट में पेश कर दस दिन का रिमांड मांगा था।
एजेंसी ने इन आरोपियों को पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया था। पटियाला हाउस अदालत के ड्यूटी मजिस्ट्रेट सुजीत सौरव ने करीब तीन घंटे तक सीबीआई व बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद पूर्व एयरचीफ मार्शल शिशुंदर पाल त्यागी, उनके भाई संजीव त्यागी व अधिवक्ता गौतम खेतान से पूछताछ के लिये 14 दिसंबर तक सीबीआई हिरासत में भेज दिया।
एजेंसी ने आरोपियों का रिमांड मांगते हुये कहा कि यह बहुत गहरी साजिश है। इसका पर्दाफाश करने और आरोपियों से आमने सामने पूछताछ करने और घूस के पैसे का स्रोत पता करने के लिये आरोपियों से पूछताछ करना जरूरी है। इसलिये आरोपियों से पूछताछ के लिये दस दिनों का रिमांड दिया जाये।