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दो दिग्गज उद्योगपतियों ने सोशल मीडिया पर समझाया कोरोना काल का फलसफा

Tue, 12 May 2020 05:49 AM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: संजीव कुमार झा Updated Tue, 12 May 2020 05:49 AM IST
सार

  • रतन टाटा ने कहा-संकट के समय में पहले भी उद्यमियों ने दिखाई है रचनात्मकता
  • आनंद महिंद्रा ने कहा-लॉकडाउन और बढ़ाना साबित होगा ‘आर्थिक हाराकिरी’
  • उन्होने कहा- जिंदगियां तो बचीं, पर आगे बढ़ाना कमजोर वर्ग के लिए होगा घातक 


 

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Two veteran industrialists Ratan tata and anand mahindra explained the corona-period result on social media
रतन टाटा और आनंद महिंद्रा

विस्तार

महिंद्रा समूह के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने कहा कि लॉकडाउन ने लाखों जिंदगियां बचाई हैं, पर इसे और बढ़ाना भारत के लिए ‘आर्थिक हाराकिरी’ यानी घरेलू अर्थव्यवस्था के लिए आत्मघाती साबित होगा। इससे समाज के कमजोर तबके की मुश्किलें और बढ़ेंगी। पिछले कुछ दिनों में संक्रमण की दर भले ही कम हुई, लेकिन नए मरीजों की संख्या बढ़ी हैं।

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उन्होंने आगे कहा कि ज्यादा जांच के साथ संक्रमण में वृद्धि रोकना नामुमकिन जैसा होगा। दूसरे देशों की तुलना में आबादी देखते हुए हम सुगमता से ग्राफ के समतल होने की उम्मीद नहीं कर सकते हैं। पर इसके मायने यह नहीं कि लॉकडाउन से मदद नहीं मिली।
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भारत ने अपनी सामूहिक लड़ाई में लाखों मौतों को टाला है। भारत में प्रति 10 लाख लोगों पर मृत्यु की दर 1.4 है, जबकि, वैश्विक औसत 35 और अमेरिका में तो यह 228 की दर से है।  
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उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा कि, मेरे एक साथी ने सच ही कहा है, हमें वायरस के साथ ही रहना होगा। यह (वायरस) पर्यटक वीजा पर किसी अंतिम तिथि तक के लिए नहीं आया है।  

दौड़ में बने रहने को तलाशने होंगे रास्ते, यही बनेंगे मानकः रतन टाटा

टाटा संस के मानद अध्यक्ष रतन टाटा ने कहा कि महामारी के इस वक्त में आंत्रप्रेन्योर को अपने स्टार्टअप्स को सक्षम बनाने के लिए नए तरीके अपनाने होंगे। संकट से उबरकर दौड़ में बने रहने के लिए नए रास्ते तलाशने होंगे। ये नए तरीके आने वाले कल के लिए बेंचमार्क या नए मानक बनेंगे। 

मौजूदा वक्त की चुनौतियों व कठिनाइयों को मैं कम करके नहीं आंकना चाहता। यह कोरे कागज पर नई इबारत लिखने जैसा हो सकता है, जिसमें काम के ऐसे तरीकों पर ध्यान देना होगा जिसके बारे में पहले कभी सोचा नहीं गया होगा। इससे पहले भी बुरे समय में आत्रप्रेन्योर्स ने दूरदर्शिता दिखाई, ऐसी चीजें तैयार की हैं, जिनके बारे में सोचा भी नहीं जा सकता था।

आज वे चीजें बेहद अहम हैं और नई तकनीक के नाम से जानी जाती हैं। अतीत में कठिन समय में उद्यमियों ने अविश्वसनीय दूरदर्शिता और रचनात्मकता का प्रदर्शन किया है। वे आज इनोवेशन व नई तकनीक के ध्वजवाहक बन गए हैं। 

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