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Amit Shah: सहकारी समितियों के बोर्ड में महिलाओं के लिए दो सीट आरक्षित, राहुल के सवाल का अमित शाह ने दिया जवाब
Tue, 19 Aug 2025 06:59 PM IST
राहुल कुमार
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: राहुल कुमार
Updated Tue, 19 Aug 2025 06:59 PM IST
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गृह मंत्री अमित शाह
- फोटो : ANI
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गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को संसद को बताया कि एक से अधिक राज्य में संचालित होने वाली सहकारी समितियों के बोर्ड में महिलाओं के लिए दो सीट और अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (एससी-एसटी) के लिए एक सीट आरक्षित की गई है। अमित शाह ने यह जानकारी कांग्रेस सासंद राहुल गांधी की ओर से पूछे गए एक सवाल के जवाब में दी है।
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राहुल ने मांगी थी जानकारी
अमित शाह ने बताया कि सरकार ने सभी राज्यों में प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पैक्स) के लिए आदर्श उप-नियमों में इसी तरह के प्रावधान शामिल किए हैं। इन उपायों का उद्देश्य महिलाओं और अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति समुदायों के लिए पर्याप्त प्रतिनिधित्व सुनिश्चित कर पैक्स की सदस्यता को और अधिक समावेशी बनाना है। दरअसल राहुल ने सहकारी समितियों के गठन में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की भागीदारी बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा की गई की पहल की जानकारी मांगी थी।
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राहुल गांधी ने यह भी पूछा था कि क्या सरकार ने सहकारिता मंत्रालय द्वारा कार्यान्वित प्रमुख योजनाओं, विशेष रूप से इथेनॉल संयंत्रों की स्थापना के लिए वित्तीय सहायता के लिए अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति उप-योजना के तहत अनिवार्य आवंटन में छूट दी है। इस पर अमित शाह ने बताया कि मंत्रालय कई योजनाएं क्रियान्वित कर रहा है, जिनमें पैक्स का कम्प्यूटरीकरण, सहकारी चीनी मिलों को मजबूत करने के लिए राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (एनसीडीसी) को अनुदान सहायता तथा सहकारी समितियों के लिए आईटी सहायता शामिल हैं।
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अमित शाह ने लिखित सवाल का दिया जवाब
सहकारिता मंत्री ने बताया, इन योजनाओं से सहकारी समितियों के कृषक सदस्यों को लाभ मिल रहा है, जिनमें अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के किसान भी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि सहकारी समितियों के माध्यम से योजना कार्यान्वयन की प्रकृति को ध्यान में रखते हुए छूट दी गई है।
सहकारी चीनी मिलों को मजबूत करने के लिए अनुदान सहायता योजना के तहत, सरकार ने वित्त वर्ष 2022-23 और वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान 500 करोड़ रुपये की दो किस्तों में एनसीडीसी को 1,000 करोड़ रुपये का एकमुश्त अनुदान प्रदान किया। इस वित्तपोषण से एनसीडीसी को अतिरिक्त बाजार उधारी का लाभ उठाने और सहकारी चीनी मिलों को 10,000 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करने में मदद मिली।
इस सहायता में इथेनॉल संयंत्र, सह-उत्पादन संयंत्र स्थापित करना, कार्यशील पूंजी आवश्यकताओं को पूरा करना, या इन सभी उद्देश्यों का संयोजन शामिल है। इस योजना के परिणामस्वरूप एनसीडीसी ने 109 ऋण स्वीकृत किए हैं, जिससे 56 सहकारी चीनी मिलों को कुल 10,005 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता का लाभ मिला है।