फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Two people died and 40 injured in Sivaganga district of Tamil Nadu in Jallikattu

Jallikattu: तमिलनाडु के शिवगंगा जिले में दो लोगों की मौत, 40 घायल, एसपी ने की पुष्टि

Thu, 18 Jan 2024 02:17 AM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई Published by: जलज मिश्रा Updated Thu, 18 Jan 2024 02:17 AM IST
सार

जल्लीकट्टू तमिलनाडु के ग्रामीण इलाकों में खेला जाने वाला पारंपरिक खेल है, जिसमें बैलों की इंसानों से लड़ाई होती है। विजेता का फैसला इस बात से तय होता है कि एक टैमर बैल के कूबड़ पर कितने समय तक रहता है।

विज्ञापन
Two people died and 40 injured in Sivaganga district of Tamil Nadu in Jallikattu
तमिलनाडु में जल्लीकट्टू - फोटो : PTI

विस्तार

तमिलनाडु में जल्लीकट्टू के दौरान दो लोगों की मौत हो गई। वहीं 40 लोग घायल हो गए। पुलिस अधीक्षक ने मौत की पुष्टि की है। घटना राज्य के शिवगंगा जिले की है। बता दें, जल्लीकट्टू एक सदियों पुराना कार्यक्रम है, जो तमिलनाडु में पोंगल के अवसर पर आयोजित किया जाता है। 

विज्ञापन

एहतियात के बाद भी हादसा
जल्लीकट्टू तमिलनाडु के ग्रामीण इलाकों में खेला जाने वाला पारंपरिक खेल है, जिसमें बैलों की इंसानों से लड़ाई होती है। विजेता का फैसला इस बात से तय होता है कि एक टैमर बैल के कूबड़ पर कितने समय तक रहता है। जल्लीकट्टू को तमिलनाडु के गौरव और संस्कृति का प्रतीक माना जाता है। यह आमतौर पर तमिलनाडु में मट्टू पोंगल के हिस्से के रूप में प्रचलित है, जो चार दिवसीय फसल उत्सव के तीसरे दिन होता है। तमिल शब्द 'मट्टू' का अर्थ बैल होता है, और पोंगल का तीसरा दिन मवेशियों को समर्पित होता है, जो खेती में एक प्रमुख भागीदार हैं।

विज्ञापन

हालांकि इस आयोजन के दौरान कई बार लोग गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट ने जल्लीकट्टू के आयोजन के लिए दिशा-निर्देश जारी किए थे। हालांकि सभी इंतजामों के बावजूद काफी लोग जल्लीकट्टू के दौरान घायल हो जाते हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

सुप्रीम कोर्ट से भी कार्यक्रम को हरी झंडी
जल्लीकट्टू को लेकर कई लोगों का मानना है कि इसे रोका जाना चाहिए। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट की ओर से जल्लीकट्टू के आयोजन को अनुमति दे दी है। सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल मई में तमिलनाडु सरकार के उस कानून को वैध करार दिया था, जिसमें जलीकट्टू को एक खेल के तौर पर मान्यता दी गई है। कोर्ट ने कहा था कि तमिलनाडु का जानवरों के साथ क्रूरता कानून (संशोधन), 2017 जानवरों को होने वाले दर्द और पीड़ा को काफी हद तक कम कर देता है। तमिलनाडु के कानून मंत्री एस रघुपति ने सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को ऐतिहासिक बताया था और कहा था कि हमारी परंपराओं और संस्कृति की रक्षा हुई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed