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NPS: एनपीएस कर्मियों को एक अप्रैल से इस तरह करना होगा लॉग-इन, इसलिए लागू हुआ टू फैक्टर वेरिफिकेशन

Jitendra Bhardwaj जितेंद्र भारद्वाज
Updated Sat, 23 Mar 2024 04:24 PM IST
सार

पीएफआरडीए द्वारा पिछले दिनों जारी सर्कुलर में कहा गया है कि एनपीएस के नए लॉगिन मानदंडों के अनुसार, सीआरए प्रणाली को दो-कारक प्रमाणीकरण के जरिए अधिक सुरक्षित बनाया गया है। पहली अप्रैल, 2024 से एनपीएस की सीआरए प्रणाली में लॉग इन करने वाले सभी पासवर्ड-आधारित उपयोगकर्ताओं के लिए नई सुरक्षा प्रणाली अनिवार्य कर दी गई है...

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two factor aadhaar authentication will become mandatory from 1st april for nps
NPS - फोटो : Amar Ujala/ Rahul Bisht

विस्तार

पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) ने अपने एनपीएस खाता धारकों की सुरक्षा के मद्देनजर पहली अप्रैल से 'आधार' वेरीफिकेशन कराना अनिवार्य कर दिया है। द्विस्तरीय दृष्टिकोण के माध्यम से सीआरए प्रणाली के अनधिकृत उपयोग के जोखिम को कम किया जा सकता है। पीएफआरडीए ने इसके लिए सीआरए प्रणाली को टू फैक्टर प्रमाणीकरण प्लेटफार्म तैयार किया है। इसे सुलभ बनाने के मकसद से आधार बेस्ड लॉग-इन प्रमाणीकरण को वर्तमान उपयोगकर्ता आईडी और पासवर्ड-आधारित लॉग-इन प्रक्रिया के साथ एकीकृत करेंगे। आधार बेस्ड लॉग इन वेरिफिकेशन को एनपीएस अभिदाता, अपने यूजर आईडी से जोड़ेंगे। इसके बाद आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी आएगा। इसे दर्ज करने के बाद ही एनपीएस खाते को लॉग-इन किया जा सकेगा।

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पीएफआरडीए द्वारा पिछले दिनों जारी सर्कुलर में कहा गया है कि एनपीएस के नए लॉग-इन मानदंडों के अनुसार, सीआरए प्रणाली को दो-कारक प्रमाणीकरण के जरिए अधिक सुरक्षित बनाया गया है। पहली अप्रैल, 2024 से एनपीएस की सेंट्रल रिकॉर्ड कीपिंग एजेंसी (सीआरए) प्रणाली में लॉग इन करने वाले सभी पासवर्ड-आधारित उपयोगकर्ताओं के लिए नई सुरक्षा प्रणाली अनिवार्य कर दी गई है। सीआरए प्रणाली तक पहुंचने में सुरक्षा उपायों को बढ़ाने और ग्राहकों एवं हितधारकों के हितों की रक्षा के लिए, सीआरए प्रणाली में लॉग-इन के लिए आधार-आधारित प्रमाणीकरण के माध्यम से अतिरिक्त सुरक्षा सुविधाएं लाने का निर्णय लिया गया है। नई सुरक्षा प्रणाली के तहत, एनपीएस ग्राहक आधार-आधारित प्रमाणीकरण और अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर पर भेजे गए ओटीपी दर्ज करने के बाद ही अपने खातों तक पहुंच सकते हैं।

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पीएफआरडीए परिपत्र के अनुसार, पीआरएओ/डीटीए/पीएओ/डीटीओ/डीडीओ सहित सरकारी और कॉर्पोरेट नोडल कार्यालयों को राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) से संबंधित कार्यों के संचालन, गतिविधियों के निष्पादन और विभिन्न रिपोर्ट को तैयार करने के लिए केंद्रीय अभिलेखपालन अभिकरण (सीआरए) प्रणाली का उपयोग करने की अनुमति दी गई है। सीआरए सिस्टम में लॉग इन करने वाले सभी पासवर्ड आधारित उपयोगकर्ताओं के लिए एक अतिरिक्त सुरक्षा स्तर, द्विस्तरीय आधार आधारित प्रमाणीकरण, को अनिवार्य रूप से लागू किया जा रहा है।

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2FA द्विस्तरीय प्रमाणीकरण के लाभ  

सुरक्षा में बढ़ोतरी: द्विस्तरीय दृष्टिकोण के माध्यम से सीआरए प्रणाली के अनधिकृत उपयोग के जोखिम को कम किया जा सकता है।

संवर्धित सुरक्षा: इस अतिरिक्त स्तर से एनपीएस लेनदेन सुरक्षित होता है। अभिदाताओं और हितधारकों के हितों की रक्षा होती है।

अतिरिक्त सुरक्षा सुविधा: वर्तमान में केंद्र और राज्य सरकारों के तहत नोडल कार्यालय, उनके अंतर्निहित स्वायत्त निकायों सहित, एनपीएस लेनदेन के लिए सीआरए का उपयोग करने की खातिर पासवर्ड आधारित लॉग-इन प्रयोग करते हैं। सुरक्षा विशेषताओं को बढ़ाने और अभिदाताओं और हितधारकों के हितों की रक्षा करने के मद्देनजर सीआरए प्रणाली लॉग-इन के लिए आधार आधारित प्रमाणीकरण के माध्यम से अतिरिक्त सुरक्षा सुविधाओं को शुरू करने का निर्णय लिया गया है। यह आधार आधारित लॉग-इन प्रमाणीकरण वर्तमान यूजर आईडी और पासवर्ड आधारित लॉग-इन प्रक्रिया के साथ एकीकृत किया जाएगा। इसके माध्यम से सीआरए प्रणाली का उपयोग करने के लिए द्विस्तरीय प्रमाणीकरण को सक्षम करेगा।

आधार मैपिंग: सरकारी क्षेत्र (केंद्रीय/राज्य/सीएबी/एसएबी) के अंतर्गत नोडल कार्यालयों की यूजर आईडी को आधार ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) के माध्यम से द्विस्तरीय प्रमाणीकरण का उपयोग करते हुए सीआरए सिस्टम (सीआरए और एनपीएससीएन) में लॉग-इन करने की अनुमति दी जाएगी। निरीक्षण कार्यालय (पीआरएओ/डीटीए) को प्रारंभ में अपने आधार को संबंधित सीआरए यूजर आईडी से जोड़ना होगा, जिससे अंतर्निहित उपयोगकर्ता आधार मैपिंग का उपयोग कर सकें। इसी प्रकार पीएओ/डीटीओ भी अपने आधार को संबंधित सीआरए यूजर आईडी से जोड़ेंगे, जिससे अंतर्निहित डीडीओ को आधार लिंकिंग शुरू करने की अनुमति मिल सके।

एनपीएस गतिविधियों का प्रदर्शन: सरकारी क्षेत्र के तहत सभी कार्यालयों और स्वायत्त निकायों को एनपीएस से संबंधित सभी गतिविधियों को पूरा करने के लिए सीआरए प्रणाली में आधार आधारित लॉग-इन और प्रमाणीकरण की अतिरिक्त सुविधा के लिए आवश्यक ढांचे को स्थापित करना आवश्यक है।

मानक संचालन प्रक्रिया: संलग्न दस्तावेज प्रोटियन सीआरए से जुड़े नोडल कार्यालयों के लिए उनके आधार को जोड़ने और सीआरए प्रणाली का उपयोग कर कार्यात्मक गतिविधियों के साथ आगे बढ़ने की प्रक्रिया की रूपरेखा तैयार करता है। इसमें कई प्वाइंट शामिल हैं। जैसे, नोडल कार्यालय उपयोगकर्ता आईडी के लिए आधार संख्या का एक बारगी पंजीकरण, नोडल कार्यालय उपयोगकर्ता आईडी के लिए आधार मैपिंग का प्रमाणीकरण, आधार मैपिंग की अवस्थिति और सीआरए प्रणाली तक नियमित (आधार आधारित) उपयोग की प्रक्रिया। स्वायत्त निकायों सहित सरकारी और कॉपोरेट नोडल कार्यालयों से अनुरोध किया गया है कि वे नए आधार आधारित लॉग-इन और प्रमाणीकरण के लिए आवश्यक ढांचा स्थापित करें। एनपीएस से संबंधित सभी गतिविधियों का निर्बाध निष्पादन सुनिश्चित करें।

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