Beed Sarpanch Murder Case: सरपंच हत्याकांड में पुलिस का बड़ा एक्शन, दो फरार आरोपियों को धुले से किया गिरफ्तार
मासाजोग के सरपंच संतोष देशमुख को नौ दिसंबर को बीड में एक ऊर्जा फर्म पर जबरन वसूली की कोशिश को विफल करने के प्रयास के लिए अपहरण के बाद हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। अब उसने फरार दो आरोपियों को भी शिकंजे में ले लिया।
विस्तार
महाराष्ट्र में बीड सरपंच हत्याकांड में पुलिस ने बड़ी कामयाबी हासिल की। दो फरार चल रहे आरोपी को धुले जिले से गिरफ्तार कर लिया गया है। इस मामले में पुलिस ने 26 वर्षीय सुदर्शन चंद्रभान घुले और 23 साल के सुधीर सांगले को शिकंजे में लिया है। दोनों आरोपी को आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) के विशेष जांच दल (एसआईटी) को सौंप दिया है।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार, सरपंच संतोष देशमुख की हत्या के पीछे एक बड़ी जबरन वसूली का मामला है। बीड जिले में पवन चक्कियां स्थापित करने वाली एक ऊर्जा कंपनी से कथित तौर पर दो करोड़ रुपये की वसूली की जा रही थी। देशमुख ने इस जबरन वसूली का विरोध किया था, जिसके बाद नौ दिसंबर को उनका अपहरण किया गया और फिर हत्या कर दी गई। उनकी मौत के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया जिसके बाद चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। वहीं, कुछ दिन पहले, महाराष्ट्र के मंत्री धनंजय मुंडे के करीबी सहयोगी वाल्मीक कराड ने पुणे में पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया था। कराड को 14 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।
ऐसे आरोपियों को दबोचा
फरार तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए कई पुलिस दलों को तैनात किया गया था। उन्हें पकड़ने के लिए एक एसआईटी का गठन किया गया था। अधिकारी ने बताया कि जांच दल ने फरार लोगों का पता लगाने के लिए तीन लोगों से पूछताछ की, मुखबिरों की मदद ली और प्रौद्योगिकी मदद से दो आरोपियों को पकड़ लिया।
'पकड़े गए दो लोग मोहरे, आका अभी भी आजाद': भाजपा विधायक
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक सुरेश धस ने दो लोगों की गिरफ्तारी के बाद महाराष्ट्र के मंत्री धनंजय मुंडे पर फिर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों लोग महज मोहरे हैं, जबकि आका खुले आम घूम रहा है। बीड जिले के आष्टी से विधायक धस ने कहा कि मामले में वांछित एक अन्य व्यक्ति को एसआईटी जल्द से जल्द पकड़े।
'धनंजय मुंडे को मंत्रिमंडल से बाहर रहना चाहिए': एनसीपी विधायक
एनसीपी विधायक प्रकाश सोलंके ने शनिवार को सुझाव दिया कि बीड सरपंच संतोष देशमुख हत्या मामले में निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए पार्टी नेता और मंत्री धनंजय मुंडे को महाराष्ट्र मंत्रिमंडल से बाहर किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब वे पांच साल तक बीड के संरक्षक मंत्री थे, तब मुंडे ने अपने करीबी सहयोगी वाल्मिक कराड को सारी शक्तियां और अधिकार सौंप दिए थे, जिन्हें जबरन वसूली के एक मामले में गिरफ्तार किया गया है। बीड में रेड एक असंवैधानिक प्राधिकरण बन गया, जहां अराजकता और जबरन वसूली आम बात हो गई और असामाजिक तत्वों ने अपना वर्चस्व स्थापित कर लिया।
उन्होंने कहा, 'मुंडे को सरपंच की हत्या की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए मंत्रिमंडल से बाहर रहना चाहिए। अगर वह ऐसा करने के लिए तैयार नहीं हैं, तो (एनसीपी) नेतृत्व को उनसे ऐसा करने के लिए कहना चाहिए। मैंने उप मुख्यमंत्री अजित पवार और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से बात की है।'
कब क्या-क्या हुआ?
- 28 मई 2024 को विंड मिल कंपनी के कर्मचारियों का अपहरण किया गया। बदले में दो करोड़ रुपये की फिरौती मांगी गई। कहा गया कि अगर काम दोबारा से चालू करना है तो पैसे दे दो। यह कंपनी अपने विंड मिल प्रोजेक्ट के लिए जमीन अधीग्रहण करने वाली थी।
- 6 दिसंबर 2024 को घुले की अगुवाई में मासाजोग गांव में स्थित कंपनी की इस साइट पर लोग पहुंचे। इन लोगों ने वहां मौजूद गार्ड और कर्मचारियों पर हमला किया। इसकी सूचना जब सरपंच देशमुख को मिली तो वो भी कुछ गांव वालों को लेकर मौके पर पहुंचे। इसके बाद दोनों गुटों में झड़प हुई। इसके बाद धुले को गिरफ्तार किया गया। जो बाद में जमानत पर बाहर आ गया।
- 9 दिसंबर 2024 को धुले ने अपने साथियों के साथ मिलकर पहले सरपंच देशमुख की कार रोकी और बाद में उनका अपहरण किया। इसके कुछ घंटे बाद ही सरपंच देशमुख का शव मिला।
- 10 दिसंबर 2024 को मासाजोग गांव के लोग ने इस हत्या को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू किया। उनके इस प्रदर्शन को मराठा आरक्षण की मांग कर रहे मनोज जारंग का भी साथ मिला।
- 11 दिसंबर 2024 को पुलिस ने इस पूरे मामले को लेकर मामला दर्ज किया और अपनी जांच शुरू की। बाद में इस मामले में कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया गया।
वाल्मिक कराड की पत्नी से भी हुई थी पूछताछ
इस मामले में वाल्मिक कराड की पत्नी मंजिली कराड से भी पुलिस ने इस मामले को लेकर पूछताछ की है। सीआईडी ने मंजिली कराड, उनके दो बॉडीगार्ड, अजित पवार गुट के बीड जिला अध्यक्ष समेत कई लोगों के खिलाफ जांच की है। पुलिस ने बीड के जिला अध्यक्ष संध्या सोनावणे से भी पूछताछ की है। इस पूरे मामले में संध्या सोनावाणे और तीन अन्य की जांच सीआईडी ने की है। इन लोगों से रविवार को आठ घंटे से भी ज्यादा देर तक पूछताछ की गई है। इस पूछताछ के बाद संध्या सोनावणे ने मीडिया को बताया कि राजनीति में रहते हुए हर किसी से संपर्क हो जाता है। उन्होंने आगे कहा कि मुझे आगे जब भी पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा मैं आगे भी पूछताछ में सहयोग करूंगी।
कांग्रेस ने की सीबीआई जांच की मांग
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के वरिष्ठ नेता विजय वडेट्टीवार ने बीड सरपंच संतोष देशमुख की हत्या की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है। वडेट्टीवार ने कहा कि सरकार बीड में भ्रष्टाचार और बिगड़ती कानून व्यवस्थी की स्थिति को लेकर अपनी आंख मूंदे हुए है। कराड को राजनीतिक आशीर्वाद प्राप्त है। मैं सिर्फ इतना चाहता हूं कि इस पूरे मामले में सरपंच देशमुख के परिवार को न्याय मिलना चाहिए।
हम गुंडा राज बर्दाश्त नहीं करेंगे: सीएम देवेंद्र फडणवीस
इस पूरे मामले को लेकर सूबे के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस मामले को लेकर कहा है कि बीड के सरपंच की हत्या मामले में शामिल सभी लोगों पर मुकदमा चलाया जाएगा। हम गुंडा राज बर्दाश्त नहीं करेंगे। जो लोग कानून को अपने हाथ में लेने या निवासियों से जबरन वसूली करने की कोशिश करेंगे, उन्हें सख्त परिणाम भुगतने होंगे। पुलिस फिलहाल उन संदिग्धों की तलाश कर रही है जो फरार हैं। किसी को भी बख्सा नहीं जाएगा। हम उन्हें ढूंढ़ निकालेंगे और सरपंच संतोष देशमुख को न्याय जरूर दिलाएंगे।