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सख्ती: भारत में ट्विटर को मिला सुरक्षा का अधिकार छिन गया, अब कुछ भी 'गैरकानूनी' गया तो खैर नहीं

Wed, 16 Jun 2021 09:19 AM IST
दीप्ति मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: दीप्ति मिश्रा Updated Wed, 16 Jun 2021 09:19 AM IST
सार

नए आईटी नियमों का पालन न करना ट्विटर को भारी पड़ गया है। भारत में अब ट्विटर ने कानूनी सुरक्षा का आधार गंवा दिया है। सूत्रों के मुताबिक, ट्विटर की ओर से 25 मई से लागू हुए आईटी नियमों का अनुपालन अब तक नहीं किया गया, जिसके बाद उसके खिलाफ यह कार्रवाई की गई है।

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Twitter loses its status as intermediary platform in India due to non compliance with new IT rules
ट्विटर - फोटो : social media

विस्तार

नए आईटी नियमों का पालन न करना ट्विटर को भारी पड़ गया है। भारत सरकार ने नए आईटी नियमों के तहत ट्विटर पर शिंकजा कसना शुरू कर दिया है। भारत में अब ट्विटर ने कानूनी सुरक्षा का आधार गंवा दिया है। यानी कि ट्विटर पर किसी यूजर की ओर से कोई गैरकानूनी या भड़काऊ पोस्ट की जाती है तो उस संबंध में भारत में कंपनी के प्रबंध निदेशक समेत शीर्ष अधिकारियों से अब पुलिस पूछताछ कर सकेगी। वैधानिक अधिकारी की नियुक्ति में देरी के कारण ऐसा हुआ है।

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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्विटर की ओर से 25 मई से लागू हुए आईटी नियमों का अनुपालन अब तक नहीं किया गया, जिसके बाद उसके खिलाफ यह कार्रवाई की गई है। इसी के चलते ट्विटर को मिला सुरक्षा का अधिकार छिन गया है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि कंपनी रवैया नए आईटी नियमों के अनुरूप नहीं है, जिसकी वजह से यह सुरक्षा हटाई गई है। अब किसी भड़काऊ पोस्ट के लिए अधिकारियों से पुलिस पूछताछ कर सकेगी। ट्विटर के अलावा गूगल, यूट्यूब, फेसबुक, व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम दूसरी सोशल मीडिया कंपनियों को अब भी सुरक्षा जारी रहेगी।
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बता दें कि नए आईटी नियमों के तहत कंपनियों को 25 मई तक अधिकारियों की नियुक्ति करनी थी, लेकिन कई ने लॉकडाउन और दूसरी दिक्कतों का हवाला देते हुए यह नियुक्तियां नहीं की। ट्विटर ने शुरू में कुछ नियुक्तियां की थीं, लेकिन इन्हें सरकार की ओर से खारिज कर दिया गया क्योंकि वे बाहरी कानूनी सलाहकार थे। ये लोग कंपनी से सीधे तौर पर नहीं जुडे़ थे।

बार-बार रिमांइडर पर नहीं उठाया ठोस कदम
आईटी मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि अभी तक ट्विटर की ओर से कोई ब्योरा नहीं मिला है। बार-बार रिमाइंडर दिए जाने के बाद भी कंपनी की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। सरकार ने 5 जून को ट्विटर को एक आखिरी नोटिस में कहा था कि उसे सूचना प्रौद्योगिकी कानून संबंधी नए नियमों के अनुपालन का आखिरी मौका दिया जाता है। उसे तत्काल नियमों का अनुपालन करना है। यदि वह इसमें विफल रहती है, तो उसे आईटी कानून के तहत मध्यस्थ मंच के नाते दायित्व से जो छूट मिली है, वह वापस ले ली जाएगी।

भारत में ट्विटर के एक प्रवक्ता ने बताया कि उसने एक अंतरिम मुख्य अनुपालन अधिकारी नियुक्त किया है। अभी तक इसका ब्यौरा भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के साथ साझा नहीं किया गया है। जल्द आईटी मंत्रालय के साथ ब्यौरा साझा किया जाएगा। हम प्रक्रिया के हर चरण में आईटी मंत्रालय को क्या डेवलपमेंट है उससे अवगत करा रहे हैं। ट्विटर नए दिशानिर्देशों का पालन करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। बता दें कि सरकार ने ट्विटर को कुछ दिन पूर्व दिए एक नोटिस में कहा था कि उसे नए आईटी नियमों के अनुपालन का आखिरी मौका दिया जाता है।


 
 

नए नियमों के तहत पहला केस दर्ज 

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर निवासी एक बुजुर्ग को बंधक बनाकर मारपीट करने व दाढ़ी काटने के मामले में गाजियाबाद पुलिस ने ट्विटर पर भी केस दर्ज किया है। नए आईटी नियमों के तहत किसी भी सोशल मीडिया के खिलाफ यह पहला मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि बिना सत्यता जाने घटना का वीडियो ट्विटर पर चला, यह ट्रेंड कर गया। पुलिस ने इस मामले में धार्मिक भावनाएं आहत करने की धारा लगाई है।

पुलिस के मुताबिक, इस मामले की सच्चाई कुछ और है। पीड़ित बुजुर्ग ने आरोपी को कुछ ताबीज दिए थे, जिनके परिणाम न मिलने पर नाराज आरोपी ने इस घटना को अंजाम दिया। लेकिन ट्विटर ने इस वीडियो को मैन्युप्युलेटेड मीडिया का टैग नहीं दिया। पुलिस ने यह भी बताया कि पीड़ित ने अपनी एफआईआर में जय श्री राम के नारे लगवाने और दाढ़ी काटने की बात दर्ज नहीं कराई है।
 

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