बांग्लादेश बॉर्डर पर ट्रकों के चक्के जाम, ममता बनर्जी पर भड़का केंद्र
- पश्चिम बंगाल सरकार ने बांग्लादेश बॉर्डर पर रोकी ट्रकों की आवाजाही
- सरकार ने राज्य से लगती अंतरराष्ट्रीय सीमा पर क्रॉस बॉर्डर लैंड ट्रेड रोका
- केंद्र का आदेश, कोई भी राज्य क्रॉस बॉर्डर लैंड ट्रेड को नहीं रोकेगा
विस्तार
उस टीम की सौंपी गई जांच रिपोर्ट का मामला अभी निपटा भी नहीं था कि अब एक नया विवाद शुरू हो गया है। केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने पांच मई को पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव राजीव सिन्हा को एक पत्र भेजा है।
इसमें कहा गया है कि पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य से लगती अंतरराष्ट्रीय सीमा पर क्रॉस बॉर्डर लैंड ट्रेड रोक दिया है। इस वजह से सीमा के दोनों तरफ जरूरी सामान की सप्लाई वाले अनेक ट्रक फंस गए हैं।
सीमा के दूसरी ओर भी ट्रकों की कतार लगी हैं। वहां पर हमारे देश के ड्राइवर फंसे हैं। पश्चिम बंगाल सरकार के इस कदम से दोनों देशों के बीच संबंध खराब हो सकते हैं। इसके अलावा कोरोना की लड़ाई में भारत की मुहिम भी कमजोर पड़ने की आशंका है।
केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने अपने पत्र में कहा है कि 24 अप्रैल को भी इस बाबत राज्य सरकार को दिशा निर्देश दिए गए थे। उनसे जवाब भी मांगा गया था कि उसने केंद्रीय गृह मंत्रालय के पत्र पर क्या कार्रवाई की है। राज्य सरकार ने इस पत्र का कोई जवाब नहीं दिया।
भल्ला ने कहा था कि कोरोना की लड़ाई में इंडो नेपाल, इंडो बांग्लादेश और इंडो भूटान बॉर्डर पर व्यापार की छूट दी गई है। हमें पता चला है कि विभिन्न बॉर्डर पर ट्रकों की कतार लग गई है।
ट्रकों को न तो बांग्लादेश से भारत में आने दिया जा रहा है और न ही यहां के ट्रकों को सीमा-पार जाने की इजाजत दी जा रही है। केंद्र सरकार ने पहले ही कह दिया था कि कोई भी राज्य क्रॉस बॉर्डर लैंड ट्रेड को नहीं रोकेगा।
यह पड़ोसी देशों के साथ हुई संधि के खिलाफ है। इससे दो देशों के बीच संबंध बिगड़ सकते हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की छवि इससे धूमित हो सकती है। गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार से कहा है कि वह जल्द से जल्द सीमा पर खड़े ट्रकों की आवाजाही सुनिश्चित करे।