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Tripura: कोकबोरोक परीक्षा बंगाली लिपि में देने का दबाव, टिपरा मोथा चीफ प्रद्योत देबबर्मा ने कार्रवाई की धमकी

Sat, 03 Feb 2024 07:57 PM IST
ज्योति भास्कर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अगरतला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अगरतला Published by: ज्योति भास्कर Updated Sat, 03 Feb 2024 07:57 PM IST
सार

पूर्वोत्तर भारत से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। त्रिपुरा में कोकबोरोक परीक्षा बंगाली लिपि में ही लिखने के कथित दबाव के मामले में स्थानीय नेता ने धमकी दी। उन्होंने कहा कि छात्रों को मजबूर किए जाने की सूरत में उन्हें कार्रवाई करनी पड़ेगी।

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Tripura Tipra Motha Chief Kokborok Paper Bengali script threatens action if students forced
टिपरा मोथा प्रमुख प्रद्योत मानिक्य देबबर्मा (फाइल) - फोटो : Facebook/ Pradyot Manikya Debbarma

विस्तार

त्रिपुरा में छात्रों के भविष्य से जुड़े एक मामले में टिपरा मोथा पार्टी के प्रमुख प्रद्योत किशोर माणिक देबबर्मा ने कार्रवाई की धमकी दी है। पूर्वोत्तर भारत की राजनीति में अच्छी पैठ रखने वाले प्रद्योत ने कहा, त्रिपुरा बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (टीबीएसई) छात्रों को कोकबोरोक पेपर की परीक्षा बंगाली लिपि में लिखने पर मजबूर कर सकता है, ऐसा सुनने में आया है। शाही परिवार से जुड़े नेता प्रद्योत ने कहा, अगर छात्रों को मजबूर करने की कोशिश की गई तो वे 'जवाबी कार्रवाई' करेंगे।
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छात्रों पर प्राथमिकी का मामला
इससे पहले शुक्रवार को त्रिपुरा विधानसभा में विपक्षी नेता अनिमेष देबबर्मा ने टीबीएसई अध्यक्ष धनंजय गोनचौधरी को हटाने की मांग की थी। खबरों के मुताबिक टीबीएसई अध्यक्ष ने कथित तौर पर परीक्षा पर्यवेक्षकों को कोकबोरोक पेपर रोमन लिपि में लिखने पर छात्रों पर एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया था। बता दें कि परीक्षा अगले महीने के पहले हफ्ते में शुरू होने वाली है। बता दें कि 1 मार्च से शुरू होने वाली टीबीएसई की माध्यमिक परीक्षा में लगभग 40,000 छात्र शामिल होंगे। 34,000 छात्र उच्च माध्यमिक परीक्षा में बैठेंगे।
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छात्रों पर एफआईआर दर्ज करने के मामले में टीबीएसई अध्यक्ष धनंजय गोनचौधरी ने आरोपों को खारिज कर दिया। हालांकि, उन्होंने कहा कि अगर छात्र रोमन लिपि में उत्तर लिखेंगे तो टीबीएसई के पास कोकबोरोक पेपर तैयार करने या छात्रों की उत्तर पुस्तिका की जांच के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं हैं। उन्होंने कहा, 29-30 जनवरी को परीक्षा केंद्र प्रभारियों के साथ बैठक की। परीक्षा केंद्रों के पास परेशानी होने की स्थिति में पुलिस से मदद मांगने को कहा था।
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उन्होंने कहा कि पिछले साल कुछ छात्रों ने अपना कोकबोरोक पेपर रोमन लिपि में लिखा था, लेकिन उनका मूल्यांकन ठीक से नहीं किया गया था। हम राज्य के शिक्षा विभाग के दिशानिर्देशों के तहत काम करने के लिए बाध्य हैं।

टिपरा मोथा पार्टी के प्रमुख प्रद्योत किशोर माणिक देबबर्मा ने टीबीएसई प्रमुख के रुख पर निशाना साधते हुए फेसबुक पोस्ट लिखा। उन्होंने कहा, मिस्टर चौधरी आप हमारे छात्रों के खिलाफ कितनी FIR दर्ज करेंगे। आपकी कार्रवाई पर पलटवार होगा। देबबर्मा ने कहा, टीबीएसई को नहीं भूलना चाहिए कि जब भी नागरिकों पर भाषा और लिपी थोपी जाती है तो प्रतिशोध की भावनाएं पनपने लगती है।

उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि पूर्वी पाकिस्तान बांग्लादेश बन गया। वहां बंगाली भाषी लोगों पर उर्दू थोपने की कोशिश की गई। टीबीएसई प्रमुख को छात्रों के अधिकारों का समर्थन करना चाहिए। उन्हें धमकाने का प्रयास भी नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कोकबोरोक पेपर छात्रों को बांग्ला और रोमन दोनों लिपियों में लिखने का विकल्प मिलना चाहिए।


टीबीएसई प्रमुख धनंजय गोनचौधरी के रुख से नाराज ट्विप्रा स्टूडेंट्स फेडरेशन के उपाध्यक्ष ने कोकबोरोक पेपर बंगाली भाषा में देने को मजबूर करने और छात्रों के अधिकारों का उल्लंघन करने के आरोप में टीबीएसई अध्यक्ष के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। अभी तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। शिकायत की एक प्रति त्रिपुरा मानवाधिकार आयोग को भी सौंपी गई है।
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