Tripura By Poll: सीपीएम ने लगाए धांधली के आरोप, मतगणना के बहिष्कार का किया ऐलान
वाम मोर्चा संयोजक नारायण कर ने आरोप लगाते हुए कहा कि मतदान शुरू होते ही हमने चुनाव आयोग को धांधली की सूचना दी। बावजूद इसके आयोग ने चुनाव रोकने के लिए कोई सख्त कदम नहीं उठाया।
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त्रिपुरा उपचुनाव में सीपीएम ने धांधली के आरोप लगाए हैं। सीपीएम नेताओं ने बुधवार रात को ऐलान किया कि वे मतगणना का बहिष्कार करेंगे। उन्होंने चुनाव आयोग पर भी आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि आयोग ने बड़े पैमाने पर हो रही धांधली को रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाया।
पढ़िए क्या है सीपीएम के आरोप
त्रिपुरा के सिपाहीजला जिले की धनपुर और बॉक्सानगर विधानसभा सीटों पर उपचुनाव हुआ था, जिसके लिए मंगलवार को मतदान हुआ था। दोनों सीटों पर औसतन 86.50 फीसदी मतदान हुए। वामदल ने आरोप लगाए हैं कि मतदान के दौरान बड़े पैमाने पर धांधली हुई है। वाम मोर्चा संयोजक नारायण कर ने आरोप लगाते हुए कहा कि मतदान शुरू होते ही हमने चुनाव आयोग को धांधली की सूचना दी। बावजूद इसके आयोग ने चुनाव रोकने के लिए कोई सख्त कदम नहीं उठाया। बता दें, सीपीएम ने चुनाव आयोग से मांग की कि नए सिरे से मतदान कराएं जाएं लेकिन आयोग ने इस मांग को खारिज कर दिया। नारायण ने कहा कि आयोग का मकसद स्पष्ट है तो आठ सितंबर को होने वाली मतगणना में शामिल होने का क्या फायदा। इसलिए हमने मतगणना के बहिष्कार का ऐलान किया है।
जानिए, दोनों सीटों पर क्यों हुए उपचुनाव
सीपीआई (एम) विधायक समसुल हक के निधन के बाद बॉक्सानगर निर्वाचन क्षेत्र में उपचुनाव आवश्यक हो गया था। वहीं, धनपुर सीट से केंद्रीय मंत्री प्रतिमा भौमिक ने इस्तीफा दिया था, जिस वजह से मंगलवार को वहां भी उपचुनाव हुआ था। बॉक्सनागर सीट पर भाजपा की ओर से तफज्जल हुसैन तो वहीं, सीपीएम के मिजान हुसैन आमने-सामने खड़े हैं। यहां कुल 43,087 मतदाता उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे। इसके अलावा, वामपंथियों का गढ़ माने जाने वाले धनपुर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के बिंदू देबनाथ और सीपीएम के कौशिक देबनाथ के बीच संघर्ष है। धनपुर में 50,346 मतदाता हैं, जो उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे। बता दें, टिपरा मोथा और कांग्रेस ने दोनों सीटों पर अपने उम्मीदवार नहीं उतारे थे।