त्र्यंबकेश्वर मंदिर में प्रवेश को लेकर हिरासत में तृप्ति देसाई
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महाराष्ट्र में स्थित शनि शिंगणापुर के प्रसिद्ध शनि मंदिर में महिलाओं के प्रवेश की मांग को लेकर चर्चा में आई भूमाता ब्रिगेड की अध्यक्ष तृप्ति देसाई शुक्रवार को नासिक के त्र्यंबकेश्वर मंदिर पहुंच गई। प्रतिबंध के बावजूद उन्होंने त्र्यंबकेश्वर मंदिर में प्रवेश किया और पूजा की। हालांकि बाद में पुलिस ने तृप्ति को हिरासत में ले लिया।
तृप्ति के मंदिर परिसर में पहुंचने पर स्थानीय महिलाओं ने उनके विरोध में नारेबाजी की। हालांकि इससे पहले ही तृप्ति मंदिर में प्रवेश कर गई थीं। उस समय मंदिर में भगवान त्र्यंबकेश्वर को नैवेद्य चढ़ाया जा रहा था। इसलिए मंदिर के गर्भगृह का पट बंद था, जिसकी वजह से उन्हें गर्भगृह के बाहर ही पूजा अभिषेक कर मंदिर से बाहर आना पड़ा।
बाहर आने पर तृप्ति ने कहा कि मैंने भगवान शिव की पूजा की और कामना की है कि मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर लगा प्रतिबंध खत्म हो।
पहले भी गिरफ्तार हो चुकी हैं तृप्ति
मंदिर में प्रतिबंध के मुद्दे पर त्र्यंबकेश्वर मंदिर के एक ट्रस्टी ने कहा कि मंदिर के गर्भगृह में हाल के दिनों में कोई रोक नहीं लगाई गई है। यह पुरानी परंपरा है। हालांकि महिलाओं को कुछ दूर से दर्शन की इजाजत है। उनका कहना है कि गर्भगृह में महिलाओं के पूजा-पाठ पर प्रतिबंध पेशवाओं के समय में लगाया गया था। कुंभ के समय में साध्वियों को गर्भगृह से बाहर रहकर पूजा करने की इजाजत दे दी जाती है।
मंदिर के पुरोहितों का कहना है कि खुद महिलाएं भी इस परंपरा को तोड़ना नहीं चाहती हैं। इससे पहले भी सात मार्च को भी भूमाता ब्रिगेड की महिलाओं ने तृप्ति देसाई के नेतृत्व में मदिर में प्रवेश करने की कोशिश की थी, लेकिन पुलिस ने उन्हें काफी दूर ही एहतियातन हिरासत में ले लिया था।
भूमाता ब्रिगेड की अध्यक्ष तृप्ति का कहना है कि वह र्त्यंबकेश्वर मंदिर के गर्भगृह में जाकर सदियों पुरानी परंपरा को तोड़ना चाहती है जबकि मंदिर प्रशासन इसकी इजाजत नहीं दे रहा।