{"_id":"591d31d04f1c1b2d0bf23723","slug":"triple-talaq-hearing-in-supreme-court-on-18-may-2017","type":"story","status":"publish","title_hn":"ट्रिपल तलाक: सुप्रीम कोर्ट में खत्म हुईं दलीलें, पर्सनल लॉ बोर्ड ने अपनाया नरम रुख","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
ट्रिपल तलाक: सुप्रीम कोर्ट में खत्म हुईं दलीलें, पर्सनल लॉ बोर्ड ने अपनाया नरम रुख
amarujala.com, Presented By: हर्षित गौतम
Updated Thu, 18 May 2017 04:28 PM IST
विज्ञापन
ट्रिपल तलाक
- फोटो : twitter
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ट्रिपल तलाक के मामले में चीफ जस्टिस जेएस खेहर की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ के समक्ष सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई पूरी हुई। इस मामले में मुख्य याचिकाकर्ता सायरा बानो के वकील अमित चड्ढा गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ के सामने पेश हुए। चड्ढा ने कोर्ट में पक्ष रखते हुए कहा कि मेरी नजर में ट्रिपल तलाक पाप है। इस सुनवाई के बाद ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के रुख में नर्मी आई है और उसने कहा है कि तीन तलाक से बचा जाए।
विज्ञापन
मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में केंद्र की दलीलों का जवाब देते हुए सिब्बल ने कहा था कि तीन तलाक एक खत्म होती परंपरा है। इसलिए इस परंपरा को चुनौती देने से यह परंपरा फिर से जिंदा हो सकती है। इस पर केंद्र की ओर से अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने सती प्रथा और छुआछूत का उदाहरण दिया।
विज्ञापन
सिब्बल ने मुस्लिम समुदाय की तुलना उन छोटे पक्षियों से की जिन्हें गिद्ध अपना शिकार बना लेते हैं। उन्होंने कहा, ‘मुस्लिम समुदाय के ‘घोंसले’ को सुप्रीम कोर्ट की सुरक्षा मिलनी ही चाहिए। सुप्रीम कोर्ट पर पिछले 67 सालों से मुस्लिम समुदाय का मजबूत भरोसा है।
विज्ञापन
यही विश्वास देश को जीवंत बनाता है। सिब्बल ने कहा कि इसी भरोसे के साथ मुस्लिम समुदाय कोर्ट से अपने पर्सनल कानून और परंपराओं के संरक्षण की गुहार लगा रहा है।’ सिब्बल ने कहा कि बोर्ड सभी सुझावों का विनम्रता से स्वागत करता है और उन पर विचार भी करेगा।