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दार्जिलिंग में आगजनी जारी, तृणमूल कांग्रेस दफ्तर फूंका
रीता तिवारी/दार्जिलिंग
Updated Wed, 19 Jul 2017 05:50 PM IST
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darjeeling unrest
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अलग गोरखालैंड राज्य की मांग में बेमियादी बंद के 35वें दिन बुधवार को भी दार्जिलिंग पर्वतीय क्षेत्र में भारी तनाव कायम रहा। गोरखा मोर्चा समर्थकों ने कर्सियांग स्थित एक कम्युनिटी हाल और दार्जिलिंग में तृणमूल कांग्रेस का एक दफ्तर फूंक दिया। अलग राज्य की मांग के समर्थन में स्थानीय लोगों ने इलाके में जगह-जगह रैलियां भी निकालीं। दूसरी ओर, गोरखालैंड मांग समन्वय समिति ने केंद्र सरकार की उदासीनता को देखते हुए अब अपने आंदोलन को दिल्ली ले जाने का फैसला किया है।
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सरकारी सूत्रों ने बताया कि आंदोलनकारियों ने बीती रात कर्सियांग के राज राजेश्वरी कम्युनिटी हाल और दार्जिलिंग स्थित तृणमूल कांग्रेस के दफ्तर में मंगलवार को देर रात आग लगा दी। इससे दोनों इमारतें जल कर राख हो गईं। सूत्रों ने बताया कि इन दोनों घटनाओं में कोई घायल नहीं हुआ। पुलिस फिलहाल दोषियों की शिनाख्त का प्रयास कर रही है। उधर, गोरखा मोर्चा ने इन दोनों घटनाओं में अपने समर्थकों का हाथ होने से इंकार किया है।
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मोर्चा के नेता विनय तामंग ने कहा कि इलाके में सांप्रदायिक तनाव बढ़ाने के मकसद से ऊंचे राजनीतिक संपर्कों वाले तत्वों ने इस आगजनी को अंजाम दिया है। मोर्चा समर्थकों ने कर्सियांग में सरकारी टूरिस्ट लाज में भी आग लगा दी। लेकिन फायर ब्रिगेड स्टेशन नजदीक होने की वजह से आग पर शीघ्र काबू पा लिया गया। मालूम हो कि मिरिक इलाके में गोरखा मोर्चा और तृणमूल कांग्रेस समर्थकों के बीच सोमवार को रात भर हुई हिंसक झड़पों के दौरान एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और आठ अन्य घायल हो गए थे।
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मोर्चा का दावा है कि उसके समर्थक आशीष तामंग की मौत पुलिस की गोली से हुई। लेकिन पुलिस ने फायरिंग के आरोपों का खंडन किया है। बेमियादी बंद की वजह से इलाके में तमाम बाजार और दुकानें बंद हैं। पर्वतीय क्षेत्र के बोर्डिंग स्कूल भी 23 जून से ही बंद हैं। गर्मी की छुट्टी के बाद स्कूलों को चार जून को ही खुलना था। लेकिन बेमियादी बंद जारी रहने और आंदोलनकारियों की ओर से फिलहाल बंद रखने की सलाह मिलने के बाद प्रबंधन ने स्कूलों को हालात सामान्य नहीं होने तक दोबारा नहीं खोलने का फैसला किया है।