फैसला: टीएमसी ने सुष्मिता देव को राज्यसभा के लिए किया नामांकित, जमकर की ममता की तारीफ
सुष्मिता देव ने 16 अगस्त को टीएमसी का दामन थामा था। अब पार्टी ने जानकारी दी है कि उन्हें राज्यसभा के लिए नामांकित किया गया है।
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तृणमूल कांग्रेस ने हाल ही में पार्टी में शामिल सुष्मिता देव को राज्यसभा के लिए नामांकित किया है। टीएमसी ने ट्वीट किया- महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में ममता बनर्जी का दृष्टिकोण महिलाओं का अधिक संख्या में राजनीति में भागीदारी को सुनिश्चित करता है ताकि हमारा समाज अधिक से अधिक लाभान्वित हो सके।
Trinamool Congress nominates Sushmita Dev to Rajya Sabha.
"Mamata Banerjee's vision to empower women and ensure their maximum participation in politics shall help our society to achieve much more!" tweets TMC.विज्ञापन
(File pic) pic.twitter.com/UwrdZHZXIH — ANI (@ANI) September 14, 2021
इस पर सुष्मिता देव ने कहा कि मैं अपनी नेता ममता बनर्जी की आभारी हूं जिन्होंने मुझे राज्यसभा से नामांकित होने का मौका दिया। इससे एक बार फिर साबित होता है कि तृणमूल कांग्रेस का विजन महिलाओं को संसद में अधिक भागीदारी देने का है।
ये उत्तर-पूर्व के लोगों के लिए मजबूत संदेश है। उत्तर-पूर्व से किसी को राज्यसभा सीट देना, जिसके लिए प. बंगाल के सांसद वोट देंगे, बताता है कि उनके पास यहां के लोगों के लिए गंभीर योजना है। मैं असम में रहने वाली एक बंगाली हूं। मैं भरोसा दिलाती हूं कि उन्हें निराश नहीं करूंगी।
16 अगस्त को टीमएमसी में हुई थीं शामिल
ऑल इंडिया महिला कांग्रेस की अध्यक्ष रहीं सुष्मिता देव 16 अगस्त को टीएमसी में शामिल हो गई थीं। उन्हें ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी व डेरेक ओ ब्रायन ने पार्टी की सदस्यता दिलाई थी।
सुष्मिता देव ने इसी दिन कांग्रेस से इस्तीफा दिया था। दरअसल, सुष्मिता देव 2014 के लोकसभा चुनाव में असम की सिल्चर सीट से कांग्रेस पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़कर सांसद बनी थीं। इसके बाद उन्हें ऑल इंडिया महिला कांग्रेस का कार्यभार भी दिया गया था। लेकिन, असम विधानसभा चुनाव में हार के बाद सुष्मिता देव का इस्तीफा कांग्रेस के लिए और भी मुसीबत बन गया।
इस्तीफा देने से पहले सुष्मिता देव ने कांग्रेस पार्टी का वाट्सएप ग्रुप भी छोड़ दिया था। वहीं उन्होंने ट्विटर से अपना बायो भी हटा लिया। उन्होंने खुद को बायो में कांग्रेस पार्टी का पूर्व नेता बताया। यह कदम सुष्मिता देव ने तब उठाया, जब ट्विटर ने उनके अकाउंट को निलंबित कर दिया था। सुष्मिता भी उन नेताओं में से एक थीं, जिनका ट्विटर अकाउंट राहुल गांधी के साथ निलंबित किया गया था।