{"_id":"68bd59781390c028b40f59ec","slug":"tribunal-awards-rs-27-lakh-payout-to-six-victims-of-2019-car-accident-2025-09-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Thane: छह साल बाद हादसे के पीड़ितों को मिले मुआवजे के 27 लाख; 2019 में बेंगलुरु-पुणे हाईवे पर हुई थी दुर्घटना","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Thane: छह साल बाद हादसे के पीड़ितों को मिले मुआवजे के 27 लाख; 2019 में बेंगलुरु-पुणे हाईवे पर हुई थी दुर्घटना
Sun, 07 Sep 2025 03:38 PM IST
शिव शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ठाणे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ठाणे
Published by: शिव शुक्ला
Updated Sun, 07 Sep 2025 03:38 PM IST
विज्ञापन
कोर्ट का फैसला
- फोटो : FreePik
2019 में बेंगलुरु-पुणे राजमार्ग पर हुए एक सड़क हादसे के मामले में ठाणे स्थित मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (एमएसीटी) ने 27 लाख रुपये का सामूहिक मुआवजा देने का आदेश दिया है। यह राशि दुर्घटना के छह पीड़ितों को दी जाएगी।
विज्ञापन
आर.वी. मोहिते की अध्यक्षता वाले न्यायाधिकरण ने चार सितंबर को हादसे से जुड़े पांच अपीलों पर निर्णय दिया था। हालांकि इस आदेश की प्रति शनिवार को सामने आई। इन पांच दावों में दो दावे मृत्यु के थे तथा तीन दावे कार चालक की पत्नी और दो बच्चों को लगी चोटों से संबंधित थे।
विज्ञापन
आठ जून 2019 को हुआ था हादसा
ये हादसा 8 जून, 2019 को बेंगलुरु-पुणे राजमार्ग पर कराड गांव के पास तब हुआ था जबकि कार से सफर के दौरान चालक जहिंद्र शिवप्पा कुंभार ने वाहन पर से नियंत्रण खो दिया। मामले की सुनवाई के दौरान दावेदारों के वकील ने न्यायाधिकरण को बताया कि जब हादसा हुआ तब कार पहले डिवाइडर से टकराई और फिर एक पेड़ से टकरा गई। इस हादसे में दो लोगों की मौत हो गई थी और तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
विज्ञापन
मामले की सुनवाई के बाद फैसले में न्यायाधिकरण ने बीमा कंपनी की दलीलों को खारिज कर दिया। बीमा कंपनी का कहना था कि यह एक 'हिट एंड रन' का मामला था और पॉलिसी की शर्तों का उल्लंघन हुआ था। वहीं, एमएसीटी ने कहा कि इन तर्कों को पुष्ट करने के लिए बीमा कंपनी की ओर से कोई सबूत पेश नहीं किया गया।
एफआईआर के अनुसार, जहिंद्र कार चला रहा था और कार गोटे गांव के पास सड़क के किनारे एक डिवाइडर और फिर एक पेड़ से टकरा गई। न्यायाधिकरण ने कहा कि अत्यधिक गति के कारण वह कार पर नियंत्रण नहीं रख सका। दुर्घटना मे कार में सवार सभी लोग गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें आईसीयू (इंटेंसिव केयर यूनिट) में भर्ती कराया गया। इसलिए कार में सवार लोगों या ड्राइवर से यह अपेक्षा नहीं की जाती कि वे दुर्घटना की सूचना तुरंत पुलिस को देते।
अपने फैसले में एमएसीटी ने जहिंद्र की पत्नी को 4,34,645 रुपये, उनके दो बेटों को उनकी चोटों के लिए 4,79,910 रुपये और 4,69,233 रुपये, एक व्यक्ति को उसकी पत्नी की मृत्यु के लिए 8,25,172 रुपये और दुर्घटना में उनकी दादी की मृत्यु के लिए दो व्यक्तियों को 4,99,726 रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया।