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कोरोना वैक्सीन: 15 अस्पतालों में चल रहा दूसरे स्वदेशी टीके का परीक्षण

Fri, 04 Jun 2021 06:55 AM IST
देव कश्यप अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: देव कश्यप Updated Fri, 04 Jun 2021 06:55 AM IST
सार

  • देश में दूसरे स्वदेशी टीके के लिए 15 अस्पतालों में 1,268 लोगों पर किया जा रहा परीक्षण।
  • यह टीका बायोलॉजिकल ई फॉर्मा कंपनी ने भारत सरकार के डिपार्टमेंट ऑफ बायोटेक्नोलॉजी (डीबीटी) के साथ मिलकर तैयार किया है।

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Trial of second indigenous vaccine going on in 15 hospitals of India
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

विस्तार

भारत सरकार के डिपार्टमेंट ऑफ बायोटेक्नोलॉजी (डीबीटी) ने देश के दूसरे स्वदेशी टीके के लिए न केवल 100 करोड़ रुपये से ज्यादा की सहायता अनुदान के रूप में वित्तीय सहायता दी है, बल्कि अपने अधीन फरीदाबाद स्थित ट्रांसलेशनल हेल्थ साइंस टेक्नोलॉजी इंस्टीट्यूट (टीएचएसटीआई) के माध्यम से सभी परीक्षण और अध्ययनों के संचालन के लिए बायोलॉजिकल-ई के साथ भागीदारी की है।

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डीबीटी के एक वरिष्ठ वैज्ञानिक ने बताया कि अप्रैल में ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया से अनुमति मिलने के बाद तीसरे चरण का परीक्षण शुरू किया गया। इसे देश के 15 अस्पतालों में 1,268 लोगों को दिया जा रहा है जिनकी आयु 18 वर्ष या उससे अधिक है। 
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स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि कोवाक्सिन की तरह एक और स्वदेशी वैक्सीन पर शोध चल रहा था। हैदराबाद स्थित बायोलॉजिकल ई फॉर्मा कंपनी ने भारत सरकार के डिपार्टमेंट ऑफ बायोटेक्नोलॉजी (डीबीटी) के साथ मिलकर यह टीका तैयार किया है। यह एक आरबीडी प्रोटीन सब-यूनिट वैक्सीन है।  
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डीबीटी के वैज्ञानिकों ने पिछले साल ही वैक्सीन पर शोध शुरू कर दिया था। नवंबर-दिसंबर 2020 में उन्हें इस पर कामयाबी मिली जिसके बाद इसका मानव परीक्षण शुरू किया गया। इस वैक्सीन के उत्पादन के लिए वैज्ञानिकों ने फॉर्मूला बायोलॉजिकल ई कंपनी को उपलब्ध कराया है।

अमेरिका के साथ कनाडा में टीका उतारने की तैयारी में भारत बायोटेक
हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक कंपनी ने अमेरिका के साथ अब कनाडा में भी वैक्सीन ले जाने की तैयारी शुरू कर दी है। कनाडा सरकार से कंपनी ने स्वदेशी कोवाक्सिन के लिए आपातकालीन इस्तेमाल की अनुमति मांगी है। साथ ही यहां वैक्सीन आपूर्ति के लिए ओक्यूजेन कंपनी के साथ करार भी किया है। 55-45 फीसदी कारोबार को लेकर हुए इस समझौते के अनुसार कोवाक्सिन को अमेरिका और कनाडा में आपातकालीन इस्तेमाल की अनुमति मिलने के बाद ओक्यूजेन के साथ आपूर्ति की जाएगी।


बृहस्पतिवार को भारत बायोटेक कंपनी ने बयान जारी करते हुए बताया कि कोवाक्सिन के व्यवसायीकरण के लिए ओक्यूजेन कंपनी के साथ समझौते को विस्तार रूप देने के लिए संशोधन किया है। दोनों कंपनियों ने मिलकर कनाडा में आपातकालीन इस्तेमाल की अनुमति मांगी है। वहीं अमेरिका में भी अभी प्रक्रिया चल रही है। हालांकि अब तक कोवाक्सिन को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की सूची में शामिल नहीं किया गया है। जानकारी के अनुसार सूची में शामिल होने के बाद कोवाक्सिन की दुनिया भर में तेजी से मांग बढ़ सकती है क्योंकि यह कोरोना के जीवित वायरस को निष्क्त्रिस्य करने के बाद तैयार किया गया है।

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