{"_id":"58cafcea4f1c1b992132a683","slug":"train-female-attended-removed-to-gatiman-express","type":"story","status":"publish","title_hn":"देश की सबसे तेज रफ्तार ट्रेन सालभर में ही हुई खस्ता हाल, हटाई गईं परिचारिकाएं","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
देश की सबसे तेज रफ्तार ट्रेन सालभर में ही हुई खस्ता हाल, हटाई गईं परिचारिकाएं
धर्मेंद्र यादव/ अमर उजाला, आगरा
Updated Fri, 17 Mar 2017 02:30 AM IST
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देश की सबसे तेज रफ्तार से चलने वाली ट्रेन गतिमान एक्सप्रेस में अब यात्रियों को वीआईपी अहसास नहीं हो पा रहा है। एग्जिक्यूटिव क्लास हो या चेयरकार, सेवा का स्तर गिरता जा रहा है। कई दिन से ट्रेन से परिचारिकाएं भी हटा दी गई हैं। कैटरिंग फर्म के बदलने के बाद भोजन की क्वालिटी में भी गिरावट आई है।
दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन स्टेशन से आगरा कैंट के बीच 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ने वाली गतिमान एक्सप्रेस यात्री सुविधाओं के मामले में पिछड़ रही है। गतिमान के एग्जिक्यूटिव क्लास और चेयरकार में अब सेवा का स्तर गिरता जा रहा है।
पहले तो परिचारिकाओं की संख्या भी दस से घटाकर चार कर दी गई है। पिछले तीन दिन से ये परिचारिकाएं भी ड्यूटी पर नहीं आ रही हैं। दिल्ली से ट्रेन से आए एक यात्री ने बताया कि ट्रेन में खाने की क्वालिटी में भी खासा अंतर आ गया है। ट्रेन में कैटरिंग कंपनी बदलने से मेन्यू में भी बदलाव आ गया है।
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यात्रियों को थाली के नाम पर साउथ इंडिया और नॉर्थ इंडियन खाना परोसा जाता है। फ्रूट जूस के स्थान पर कोल्ड ड्रिंक दी जा रही है। आगरा से दिल्ली लौटते वक्त नारियल पानी के स्थान पर नींबू पानी दिया जा रहा है। वाईफाई और मनोरंजन पर भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इस बाबत कई यात्री आगरा में शिकायत कर चुके हैं। आगरा के एडीआरएम दिलीप कुमार सिंह से गतिमान एक्सप्रेस में परिचारिकाएं हटाने की जानकारी से इनकार किया है।
एक साल भी शताब्दी एक्सप्रेस जैसी नहीं मिल पा रही तरजीह
गतिमान एक्सप्रेस को एक साल बाद भी शताब्दी एक्सप्रेस जैसी तरजीह नहीं मिल पा रही है। अब भी विदेशी सैलानियों की पहली पसंद शताब्दी एक्सप्रेस है।
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दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन स्टेशन से आगरा कैंट के बीच 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ने वाली गतिमान एक्सप्रेस यात्री सुविधाओं के मामले में पिछड़ रही है। गतिमान के एग्जिक्यूटिव क्लास और चेयरकार में अब सेवा का स्तर गिरता जा रहा है।
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पहले तो परिचारिकाओं की संख्या भी दस से घटाकर चार कर दी गई है। पिछले तीन दिन से ये परिचारिकाएं भी ड्यूटी पर नहीं आ रही हैं। दिल्ली से ट्रेन से आए एक यात्री ने बताया कि ट्रेन में खाने की क्वालिटी में भी खासा अंतर आ गया है। ट्रेन में कैटरिंग कंपनी बदलने से मेन्यू में भी बदलाव आ गया है।
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यात्रियों को थाली के नाम पर साउथ इंडिया और नॉर्थ इंडियन खाना परोसा जाता है। फ्रूट जूस के स्थान पर कोल्ड ड्रिंक दी जा रही है। आगरा से दिल्ली लौटते वक्त नारियल पानी के स्थान पर नींबू पानी दिया जा रहा है। वाईफाई और मनोरंजन पर भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इस बाबत कई यात्री आगरा में शिकायत कर चुके हैं। आगरा के एडीआरएम दिलीप कुमार सिंह से गतिमान एक्सप्रेस में परिचारिकाएं हटाने की जानकारी से इनकार किया है।
एक साल भी शताब्दी एक्सप्रेस जैसी नहीं मिल पा रही तरजीह
गतिमान एक्सप्रेस को एक साल बाद भी शताब्दी एक्सप्रेस जैसी तरजीह नहीं मिल पा रही है। अब भी विदेशी सैलानियों की पहली पसंद शताब्दी एक्सप्रेस है।