फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   trade flop in kashmir because of violence

कश्मीर हिंसा की आग में खाक हुआ व्यापार, मजदूरों का पलायन तेज

Tue, 13 Sep 2016 06:09 AM IST
ब्यूरो/शिशिर चौरसिया/अजय मीनिया
ब्यूरो/शिशिर चौरसिया/अजय मीनिया Updated Tue, 13 Sep 2016 06:09 AM IST
विज्ञापन
trade flop in kashmir because of violence
kashmir - फोटो : PTI

कश्मीर घाटी खूबसूरत वादियों में हिंसा का दावानल बुझने का नाम नहीं ले रहा और इसमें कारोबार व रोजगार इस कदर झुलसते जा रहे हैं कि पर्यटक वहां जाने से कतराने लगे हैं तो रोजी-रोटी की तलाश में रोजाना सैकड़ों कश्मीरी वहां से पलायन करने लगे हैं।

विज्ञापन


जम्मू कश्मीर के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, पर्यटकों ने होटलों, शिकारे और विमान की बुकिंग रद्द करनी तेज कर दी है। जो लोग यहां रोजी-रोटी कमाने आए हैं या जिनका गुजारा पर्यटन से चलता है, वे सब धीरे-धीरे पलायन करने लगे हैं। यहां तक कि स्कूल-कॉलेज बंद रहने के कारण स्थानीय लोगों ने अपने बच्चों को बाहर भेजना शुरू कर दिया है।
विज्ञापन


राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में करीब 30 फीसदी हिस्सेदारी रखने वाले पर्यटन क्षेत्र में अब कुशल कामगारों का भी संकट हो जाएगा क्योंकि लोग वहां से पलायन करने लगे हैं। ऐसा आखिर क्यों न हो, जब पिछले कई टूरिस्ट सीजन में यहां काम ठीक  नहीं चल रहा हो।

विज्ञापन
विज्ञापन

हिंसा में ही निकल गया टूरिस्ट सीजन

trade flop in kashmir because of violence
kashmir - फोटो : PTI

​पिछले साल कश्मीर का सबसे पीक सीजन 2014 में आई बाढ़ की वजह से प्रभावित रहा था। इस साल वहां के कारोबारी उम्मीद लगाकर बैठे थे लेकिन श्रीनगर में चल रही हिंसा की घटनाओं की वजह से अप्रैल, मई और जून का भी टूरिस्ट सीजन यूं ही निकल गया।

इसके बाद अगस्त, सितंबर और अक्तूबर का मौसम भी बिना पर्यटकों के निकल रहा है। इस मौसम में वहां सेब की तुड़ाई होती है जबकि वादी में फूल भी खिलने का यही मौसम है जिसे पर्यटक बड़े चाव से देखते हैं।

हाउसबोट आनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष गुलाम रसूल शिया ने बताया कि इस साल गर्मी के मौसम में शिकारे की रिकार्डतोड़ बुकिंग हुई थी लेकिन अधिकतर बुकिंग कैंसिल हो गई। अभी तो और बुरे हालात हैं क्योंकि शत-प्रतिशत बुकिंग रद्द हो रही है।

कश्मीर में हो रहा बलवा तो कौन घूमना चाहेगा

trade flop in kashmir because of violence

उनके मुताबिक पर्यटक जब गुलमर्ग, पहलगाम, सोनमर्ग आदि घूमने की बात करते हैं तो उन्हें घुमाने से मना कर दिया जाता है। अम्बे वर्ल्ड ट्रैवल्स के प्रबंध निदेशक अनिल कलसी का कहना है कि कश्मीर में जब वहां बलवा हो रहा हो तो कौन वहां घूमना चाहेगा।

कश्मीर में करीब 70 होटलों में बुकिंग देने वाले होटल एग्रीगेटर ओयो के चीफ ग्रोथ आफिसर कविक्रूत का कहना है कि उनके यहां हुई बुकिंग अब बड़ी तेजी से कैंसिल हो रही हैं। पलायन करने वालों का कहना है कि रोजगार के लिए घर से बाहर निकलते हैं तो सुरक्षा बल नहीं छोड़ते।

कोई काम करने लगें तो प्रदर्शनकारी नहीं छोड़ते। पुलवामा जिले के लेठपोरा के रहने वाले मोहम्मद इकबाल ने जम्मू एयरपोर्ट पर बताया कि दो महीने से कश्मीर घाटी पूरी तरह से बंद है। वह मेहनत मजदूरी कर अपना घर चलाते हैं, लेकिन लगातार बंद से अब खाने-पीने के लाले हैं। वह इसलिए जम्मू आ गए हैं।

कश्मीर से बाहर जाकर लोग कर रहे गुजारा

trade flop in kashmir because of violence

​कश्मीर चैंबर आफ कामर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष मुश्ताक वानी का कहना है कि 5 लाख से अधिक दिहाड़ी मजदूर कश्मीर संभाग में हैं। इनमें सिर्फ हथकरघा के ही साढ़े तीन लाख हैं, 30 हजार के करीब हाउसबोट और शिकारों से जुड़े हुए लोग हैं।

इनमें से ज्यादातर लोगों का पलायन होने लगा है। कश्मीर ट्रांसपोर्ट सर्विस यूनियन के प्रधान बशीर अहमद मट्टा का कहना है कि छोटे बड़े ट्रांसपोर्ट के 10 हजार से अधिक चालक और कंडक्टर दो महीने से बेकार बैठे हुए हैं।

संभव है कि यह लोग कश्मीर से बाहर जाकर वाहन चलाकर अपना गुजारा कर रहे होंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed