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वैश्विक अनिश्चितता के बीच बढ़ा निर्यात, भारत ने कुछ ऐसे उठाया अवसरों का फायदा, जाने क्या है आंकड़े
Tue, 15 Jul 2025 08:24 PM IST
राहुल कुमार
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: राहुल कुमार
Updated Tue, 15 Jul 2025 08:24 PM IST
सार
मंगलवार को वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की तरफ से जारी आंकड़ों से पता चलता है कि, अप्रैल से जून के बीच भारत का वस्तु व सेवाओं का निर्यात 210.31 अरब डॉलर का रहा है, जो बीते वित्तीय वर्ष की समान अवधि में 198.52 अरब डॉलर का रहा था।
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निर्यात
- फोटो : Istock
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विस्तार
भू-राजनीतिक तनाव और व्यापार अनिश्चितताओं के बीच भारत से होने वाले निर्यात में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। चालू वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही निर्यात में करीब छह बढ़ा है। वर्ष 2016 के बाद एक तिमाही में निर्यात के अंदर सर्वाधिक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मंगलवार को वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की तरफ से जारी आंकड़ों से पता चलता है कि, अप्रैल से जून के बीच भारत का वस्तु व सेवाओं का निर्यात 210.31 अरब डॉलर का रहा है, जो बीते वित्तीय वर्ष की समान अवधि में 198.52 अरब डॉलर का रहा था।
इस तरह से निर्यात में 12 अरब डॉलर से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जून में निर्यात में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बीते महीने 67.98 अरब डॉलर का निर्यात किया गया है। जबकि जून 2024 में 63.84 बिलियन डॉलर की वस्तुओं व सेवाओं का निर्यात किया गया है। आयात के लिहाज से बात करें तो बीते महीने 71.50 अरब डॉलर का आयात किया गया जो जून 2024 में 71.14 अरब डॉलर का रहा था।
इस तरह से आयात में बीते वर्ष की समान अवधि की तुलना में मामूली वृद्धि दर्ज की गई है। व्यापार घाटे की बात करें तो जून में 3.51 बिलियन डॉलर का रहा है। अगर सामान के निर्यात की बात करें तो जून 35.14 अरब डॉलर का रहा है और आयात 53.92 अरब डॉलर का रहा है। इसलिए सामान (माल) के क्षेत्र में निर्यात घाटा 18.78 अरब डालर का रहा है लेकिन दूसरी तरफ सेवा क्षेत्र में निर्यात 32.84 अरब डॉलर का रहा है, जबकि आयात महज 17.58 अरब डॉलर का रहा है।
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मंत्रालय का कहना है कि, निर्यात बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए विभिन्न कदमों में इलेक्ट्रॉनिक सामान, दूरसंचार, ईवी बैटरी आदि सहित 14 क्षेत्रों में उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना शामिल है। इन योजनाओं ने भारत के निर्यात में वृद्धि करने, भारतीय निर्माताओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने, निवेश आकर्षित करने, निर्यात बढ़ाने, भारत को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में एकीकृत करने और आयात पर निर्भरता कम करने में मदद की है। सरकार ने चालू वित्त वर्ष 2026 में एक ट्रिलियन डॉलर के निर्यात का लक्ष्य रखा है। विभिन्न देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौतों से निर्यात को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
अप्रैल–जून के बीच निर्यात के लिहाज से 10 शीर्ष देश देश का नाम
अप्रैल–जून 2024 अप्रैल–जून 2025
अमेरिका 20.89 25.52
संयुक्त अरब अमीरात 8.52 9.04
नीदरलैंड 7.19 5.65
चीन 3.74 4.41
यूनाइटेड किंगडम 3.99 3.32
सिंगापुर 3.53 3.29
जर्मनी 2.50 2.77
बांग्लादेश 2.77 2.60
सऊदी अरब 2.90 2.51
ऑस्ट्रेलिया 1.90 2.17
नोट - संख्या अरब अमेरिकी डॉलर में है।
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इस तरह से निर्यात में 12 अरब डॉलर से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जून में निर्यात में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बीते महीने 67.98 अरब डॉलर का निर्यात किया गया है। जबकि जून 2024 में 63.84 बिलियन डॉलर की वस्तुओं व सेवाओं का निर्यात किया गया है। आयात के लिहाज से बात करें तो बीते महीने 71.50 अरब डॉलर का आयात किया गया जो जून 2024 में 71.14 अरब डॉलर का रहा था।
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इस तरह से आयात में बीते वर्ष की समान अवधि की तुलना में मामूली वृद्धि दर्ज की गई है। व्यापार घाटे की बात करें तो जून में 3.51 बिलियन डॉलर का रहा है। अगर सामान के निर्यात की बात करें तो जून 35.14 अरब डॉलर का रहा है और आयात 53.92 अरब डॉलर का रहा है। इसलिए सामान (माल) के क्षेत्र में निर्यात घाटा 18.78 अरब डालर का रहा है लेकिन दूसरी तरफ सेवा क्षेत्र में निर्यात 32.84 अरब डॉलर का रहा है, जबकि आयात महज 17.58 अरब डॉलर का रहा है।
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मंत्रालय का कहना है कि, निर्यात बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए विभिन्न कदमों में इलेक्ट्रॉनिक सामान, दूरसंचार, ईवी बैटरी आदि सहित 14 क्षेत्रों में उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना शामिल है। इन योजनाओं ने भारत के निर्यात में वृद्धि करने, भारतीय निर्माताओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने, निवेश आकर्षित करने, निर्यात बढ़ाने, भारत को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में एकीकृत करने और आयात पर निर्भरता कम करने में मदद की है। सरकार ने चालू वित्त वर्ष 2026 में एक ट्रिलियन डॉलर के निर्यात का लक्ष्य रखा है। विभिन्न देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौतों से निर्यात को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
अप्रैल–जून के बीच निर्यात के लिहाज से 10 शीर्ष देश देश का नाम
अप्रैल–जून 2024 अप्रैल–जून 2025
अमेरिका 20.89 25.52
संयुक्त अरब अमीरात 8.52 9.04
नीदरलैंड 7.19 5.65
चीन 3.74 4.41
यूनाइटेड किंगडम 3.99 3.32
सिंगापुर 3.53 3.29
जर्मनी 2.50 2.77
बांग्लादेश 2.77 2.60
सऊदी अरब 2.90 2.51
ऑस्ट्रेलिया 1.90 2.17
नोट - संख्या अरब अमेरिकी डॉलर में है।
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