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ईआईए अधिसूचना के मसौदे को वापस लेने के लिए 500 शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों ने पर्यावरण मंत्रालय को लिखा पत्र
Fri, 04 Sep 2020 02:58 AM IST
Jeet Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Jeet Kumar
Updated Fri, 04 Sep 2020 02:58 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
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देश भर के विभिन्न शिक्षण संस्थानों के 500 से अधिक शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं ने पर्यावरण मंत्रालय से विवादास्पद मसौदा ईआईए अधिसूचना को वापस लेने और मौजूदा ईआईए 2006 अधिसूचना को एक नए प्रस्ताव से मजबूती प्रदान करने का आग्रह किया है।
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मार्च में अधिसूचना जारी होने के बाद से मंत्रालय को लगभग 17 लाख ई-मेल के जरिये सुझाव मिले हैं, जिसमें कई आपत्तियां भी शामिल हैं। एक अन्य पत्र में, 130 संस्थानों के हस्ताक्षरकर्ताओं ने पर्यावरणीय प्रभाव आकलन (ईआईए) अधिसूचना के मसौदे के बारे में अपनी चिंताओं को सूचीबद्ध किया है, जो कि जारी होने के बाद से ही विवादों में घिरा हुआ है।
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मंत्रालय से इसे वापस लेने का आग्रह किया गया है, क्योंकि यह पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है, मंजूरी प्रक्रिया को कमजोर कर सकता है।
मंत्रालय को पत्र लिखने वाले संस्थानों और विश्वविद्यालयों में भारतीय विज्ञान संस्थान (आईआईएससी), भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (आईआईएसईआर), भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), राष्ट्रीय जैविक विज्ञान केंद्र (एनसीबीसीएस) और भारतीय वन्यजीव संस्थान (डब्ल्यूआईआई) शामिल हैं।
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विवादास्पद अधिसूचना की व्यापार में सुगमता को बढ़ावा देने के लिए पर्यावरण सुरक्षा उपायों को बुनियादी तौर पर खत्म करने को लेकर देश भर के छात्रों, नागरिकों, कार्यकर्ताओं, पर्यावरणविदों ने इसकी कड़ी आलोचना करते हुए इसका विरोध किया है।
पत्र पर हस्ताक्षर करने वालों के द्वारा जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि विभिन्न संस्थानों के पीएचडी छात्रों द्वारा शुरू किए गए इस संस्थागत सहयोग को 105 फैकल्टी, पूर्व फैकल्टी और वरिष्ठ वैज्ञानिकों के साथ ही 400 से अधिक पीएचडी छात्रों, पोस्ट- डॉक्टरेट रिसर्च फेलो, निजी शोधकर्ताओं और अन्य शोध छात्रों ने समर्थन किया है।