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केंद्र के 'पराक्रम दिवस' पर ममता का जवाब, पश्चिम बंगाल मनाएगा 'देशनायक दिवस'

Tue, 19 Jan 2021 10:14 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता Published by: गौरव पाण्डेय Updated Tue, 19 Jan 2021 10:14 PM IST
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TMC MP Saugata Roy says BJP is doing Politics on name of Netaji Subhash Chandra Bose Parakram Diwas
तृणमूल नेता सौगत रॉय - फोटो : फेसबुक/सौगत रॉय

इस साल होने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए पश्चिम बंगाल में सियासी हलचल पहले से ही सातवें आसमान पर है। अब इन राजनीतिक घटनाक्रमों के फेरे में महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस भी आ गए हैं। केंद्र सरकार ने मंगलवार को नेताजी की जयंती (23 जनवरी) को 'पराक्रम दिवस' के तौर मनाने का एलान किया। वहीं, दूसरी ओर बंगाल की तृणमूल कांग्रेस सरकार ने इसे राजनीति से प्रेरित कदम बताया है और कहा है कि हम नेताजी की जयंती अपने अनुसार मनाएंगे। 

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तृणमूल कांग्रेस ने नेताजी का जन्मदिन 'देशनायक दिवस' के रूप में मनाने का एलान किया है। पार्टी की मुखिया और राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पुरुलिया में कहा, 'पश्चिम बंगाल 23 जनवरी को देशनायक दिवस के रूप में मनाएगा। मुझे पराक्रम का ठीक-ठीक मतलब नहीं पता, शायद इसके तीन-चार मतलब हैं इसलिए अभी इस पर चर्चा नहीं कर सकती।' इससे पहले तृणमूल सांसद सौगत रॉय ने भी केंद्र के इस फैसले पर आपत्ति जताई थी।
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तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद सौगत रॉय ने केंद्र के इस फैसले पर नाखुशी जताते हुए कहा कि राज्य सरकार इस दिन को अपने तरीके से मनागी। उन्होंने कहा, 'हम भारत सरकार के इस फैसले से संतुष्ट नहीं हैं कि नेताजी का जन्मदिवस 'पराक्रम दिवस' के तौर पर मनाया जाए। यह 'देशप्रेम दिवस' होना चाहिए था। हम मानते हैं कि नेताजी को इससे कहीं अधिक सम्मान मिलना चाहिए। हम यह दिन अपने तरीके से मनाएंगे और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में एक जुलूस निकाला जाएगा।'
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सौगत रॉय ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार का यह कदम पूरी तरह से राजनीतिक योजना के तहत लिया गया है। उन्होंने कहा, 'पराक्रम दिवस की घोषणा आने वाले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को देखते हुए की गई है। हम नेताजी के नाम पर इस तरह की राजनीति का समर्थन नहीं करते हैं। अगर प्रधानमंत्री ऐसा करना ही चाहते थे तो छह महीने पहले भी तो कर सकते थे, ऐसा नेताजी के जन्मदिन के मौके पर और राज्य में विधानसभा चुनावों से कुछ समय पहले ही क्यों किया गया।'
 

केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद पटेल ने इससे पहले कहा था कि सरकार ने सुभाष चंद्र बोस की जयंती को 'पराक्रम दिवस' के तौर पर मनाने का निर्णय लिया है। पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती के मौके पर 23 जनवरी को कोलकाता में पहले पराक्रम दिवस कार्यक्रम में भाग लेंगे और नेशनल लाइब्रेरी मैदान में एक प्रदर्शनी का भी उद्घाटन करेंगे। बंगाल के 200 पटुआ कलाकार 400 मीटर लंबे कैनवास पर चित्रकारी करेंगे, जिसमें बोस का जीवन दर्शाया जाएगा।




वहीं, पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ओडिसा के कटक में आयोजित होने वाले एक कार्यक्रम में भाग लेंगे, जहां बोस का जन्म हुआ था। इसके अलावा, बोस की जंयती के मौके पर गुजरात के सूरत में स्थित हरिपुरा गांव में एक भी कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जहां बोस वर्ष 1938 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष चुने गए थे। प्रधानमंत्री ने नेताजी की 125वीं जयंती को मनाने के लिए 85 सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है जो साल भर के कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करेगी।

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