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सांसद का दर्द: टीएमसी विपक्ष में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी, फिर भी नहीं मिली स्थायी समिति की अध्यक्षता
Thu, 06 Oct 2022 10:15 PM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: Amit Mandal
Updated Thu, 06 Oct 2022 10:15 PM IST
सार
सुदीप बनर्जी ने कहा कि हम टीएमसी को संसदीय स्थायी समिति में शामिल नहीं करने का कारण जानना चाहते हैं। हम चाहते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी हस्तक्षेप करें।
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TMC MP Sudip Bandyopadhyay
- फोटो : ANI
विस्तार
टीएमसी लोकसभा में तीसरी सबसे बड़ी पार्टी है और विपक्ष में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी है। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि टीएमसी अब किसी भी स्थायी समिति की अध्यक्षता का प्रतिनिधित्व नहीं कर रही है। टीएमसी सांसद सुदीप बनर्जी ने आज यह बात कही। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले संसदीय कार्य मंत्री ने मुझे फोन किया और कहा कि चूंकि भाजपा को पश्चिम बंगाल में संसदीय समिति नहीं दी गई थी, इसलिए हम भी आपके साथ ऐसा ही करेंगे।
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सुदीप बनर्जी ने कहा, मैंने पश्चिम बंगाल विधानसभा के अध्यक्ष को फोन किया और उन्होंने मुझे स्पष्ट रूप से बताया कि हमने भाजपा को 9 राज्य स्थायी समितियों की पेशकश की है। हम चाहते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी हस्तक्षेप करें। हम टीएमसी को संसदीय स्थायी समिति में शामिल नहीं करने का कारण जानना चाहते हैं।
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वहीं, खाद्य और उपभोक्ता मामलों और सार्वजनिक वितरण पर संसदीय स्थायी समितियों का अध्यक्ष नियुक्त किए जाने पर भाजपा सांसद लॉकेट चटर्जी ने कहा कि टीएमसी ने राज्य चुनावों के दौरान बंगाल में लोकतंत्र का गला घोंट दिया। टीएमसी को पहले राज्य को संभालने की जरूरत है। प्रक्रिया के अनुसार पीएससी समितियों के प्रमुख नियुक्त होते हैं।
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