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SSC SCAM: 100 करोड़ के घोटाले में फंसे पार्थ चटर्जी से मंत्री पद छिना, TMC के सभी पदों से भी हटाया गया

Thu, 28 Jul 2022 06:50 PM IST
सुरेंद्र जोशी एन. अर्जुन, कोलकाता
एन. अर्जुन, कोलकाता Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Thu, 28 Jul 2022 06:50 PM IST
सार

सीएम ममता बनर्जी ने मंत्रिमंडल की बैठक बुलाई थी। इसके बाद ही पार्थ से मंत्री पद छीने जाने का एलान किया गया।

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Partha Chatterjee accused in West Bengal SSC recruitment scam relieved of his duties as Minister
पश्चिम बंगाल शिक्षक भर्ती घोटाले में कई खुलासे - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

100 करोड़ से ज्यादा के बंगाल शिक्षक भर्ती  घोटाले में गिरफ्तार राज्य के उद्योग मंत्री पार्थ चटर्जी पर गाज गिर गई है। बताया जा रहा है कि पश्चिम बंगाल की ममता सरकार से मंत्रिमंडल से पार्थ की छुट्टी हो गई है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पार्थ को मंत्री पद से हटा दिया है। उन्हें तीनों मंत्रालयों से हटाया गया है। गिरफ्तारी के छह दिन बाद उन पर ममता बनर्जी ने कार्रवाई की है। इस दौरान ममता बनर्जी चटर्जी के पास मौजूद उद्योग, अन्य विभागों की जिम्मेदारी संभालेंगी। इससे पहले पार्थ के इस्तीफे को लेकर जिस तरह से सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस में अंदर ही सुर उठने लगे थे, इसे लेकर तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी ने अहम बैठक की। 

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अभिषेक बनर्जी ने बताया कि पार्थ चटर्जी को तृणमूल कांग्रेस के सभी पांच पदों  से तुरंत हटा दिया दिया गया है। जांच जारी रहने तक उन्हें निलंबित कर दिया गया है। दोषी न साबित होने पर वे वापस आ सकते हैं। पार्टी किसी तरह के भ्रष्टाचार को बरदास्त नहीं करती। भ्रष्टाचार के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाती है। किसी के साथ फोटो होना ही, उसके साथ संबंध होना नहीं है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, दुर्गा पूजा के समय करीब 200 से अधिक पांडालों में जाती हैं। उन्हें कैसे पता चल पाएगा कि जो उनके साथ फोटो खींचवा रहा है या रही है, वह कौन है? वे यहां एक पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार जांच में जो भी मदद चाहिए होगी, देगी। उन्होंने भाजपा पर कटाक्ष करते हुए कहा, जो भाजपा में चला जाता है, वह साधु हो जाता है।
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उन्होंने भाजपा के दावे पर कहा कि मिथुन चक्रवर्ती को यह भी नहीं पता कि बंगाल में कितनी विधानसभा सीटें और जिले हैं। वह सिर्फ इस बारे में डींग मारना चाहता है कि वह कितना बड़ा नेता बन गया है, अगर वह खुद का मजाक बनाना चाहता है, तो ऐसा ही हो।
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कैबिनेट बैठक के बाद एलान
मु्ख्यमंत्री बनर्जी ने कैबिनेट की बैठक की। सूत्रों के मुताबिक इस बैठक में भी पार्थ चटर्जी की मंत्री पद का मामला उठा। उल्लेखनीय है कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने ही पार्थ चटर्जी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

मजूमदार बोले- बली का बकरा बनाया गया
बंगाल भाजपा के अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने कहा कि पार्थ चटर्जी को बली का बकरा बनाने के लिए हटाया गया है। BJP का जुलूस देखकर डर से पार्थ चटर्जी को हटा दिया। 5 बजे मीटिंग में निर्णय लेना था,अभिषेक बनर्जी श्रेय लेना चाहते थे लेकिन लोगों का गुस्सा देखकर पार्थ चटर्जी को समय से पहले हटा दिया गया।




सीएम ममता बनर्जी  चटर्जी से पहले ही किनारा कर चुकी हैं। वहीं, तृणमूल कांग्रेस के महासचिव कुणाल घोष ने उन्हें मंत्रिमंंडल समेत सभी पदों से हटाने की मांग की थी। इससे पहले टीएमसी महासचिव कुणाल घोष ने आज ट्वीट कर कहा, 'पार्थ चटर्जी को तुरंत मंत्रालय और पार्टी के सभी पदों से हटाया जाना चाहिए। उन्हें निष्कासित किया जाना चाहिए। 

वॉश रूम में भी मिला नोटों का जखीरा 
ईडी ने पश्चिम बंगाल शिक्षक भर्ती घोटाले को लेकर अर्पिता मुखर्जी के चार ठिकानों को खंगाला है। कमरों के अलावा वॉश रूम में भी नकदी छिपाकर रखी गई थी। अब तक 53 करोड़ से ज्यादा की नकदी और सोना व डॉलर आदि मिले हैं। इसे देखते हुए ईडी को आशंका है कि यह घोटाला 100 करोड़ से ज्यादा का हो सकता है।

ईडी को ‘अदृश्य हाथों’ की तलाश
बंगाल शिक्षक घोटाला मामले में ईडी को अब अदृश्य हाथों की तलाश है। इन लोगों तक घोटाले की रकम पहुंची है। ईडी सूत्रों के अनुसार दोनों से पूछताछ और अर्पिता के घर से मिली तीन डायरियों से पता चलता है कि घोटाले के पैसे कुछ ऐसे लोगों तक पहुंचे हैं, जिनके बारे में अभी सटीक कुछ कहा नहीं जा सकता। इन डायरियों में कई जगह सांकेतिक भाषा में बहुत कुछ लिखा गया है। ईडी पूछताछ में इन सांकेतिक भाषाओं को समझने का प्रयास कर रही है। माना जा रहा है कि इन सांकेतिक भाषा में उन अदृश्य हाथों का भी जिक्र है, जिन तक घोटाले का पैसा पहुंचा है।


दोषी पाया जाए तो सजा दें, मुझे फर्क नहीं पड़ता : ममता
पार्थ चटर्जी को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने पहले ही कह चुकी हैं कि वह चाहती हैं कि सच्चाई सामने आए। वह भ्रष्टाचार का समर्थन नहीं करती हैं। सभी लोग एक जैसे नहीं होते हैं। बनर्जी ने कहा था, 'एक निश्चित समय सीमा के अंदर सच्चाई के आधार पर फैसला दिया जाना चाहिए। अगर कोई दोषी पाया जाता है, तो मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता कि उन्हें आजीवन कारावास की सजा दी जाती है।'


बता दें, ईडी ने राज्य के पूर्व शिक्षा मंत्री व मौजूदा उद्योग मंत्री पार्थ चटर्जी और उनकी करीबी अर्पिता मुखर्जी को इस घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार किया है। उन्हें विशेष कोर्ट ने 3 अगस्त तक ईडी की हिरासत में सौंपा है। उनके अलावा टीएमसी विधायक माणिक भट्टाचार्य व चटर्जी के निजी सचिव सुकांत आचार्य भी घेरे में हैं। 

 

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