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तिरुपति मंदिर लड्डू घोटाला: पांच साल तक नकली घी से चढ़ा प्रसाद! 250 करोड़ का गड़बड़झाला; जानिए कैसे हुआ खुलासा

Mon, 10 Nov 2025 12:47 PM IST
शिवम गर्ग न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवम गर्ग Updated Mon, 10 Nov 2025 12:47 PM IST
सार

सीबीआई रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तराखंड के भगवानपुर में स्थित डेयरी के संचालक पोमिल जैन और विपिन जैन ने नकली देशी घी यूनिट बनाई और दूध खरीद के झूठे रिकॉर्ड तैयार किए। जब 2022 में भोले बाबा डेयरी को ब्लैकलिस्ट किया गया, तब भी इन लोगों ने अन्य कंपनियों के जरिये नकली घी की सप्लाई जारी रखी।

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Tirupati Temple Laddu Scam: Fake Ghee Offered as Prasad for 5 Years! 250 Crore Fraud Exposed; Know How
तिरुपति लड्डू विवाद - फोटो : Amar Ujala Graphics

विस्तार

देश के सबसे प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों में से एक तिरुमला तिरुपति देवस्थानम में चढ़ाए जाने वाले लड्डू प्रसाद में इस्तेमाल होने वाले घी से जुड़ा बड़ा घोटाला सामने आया है। सीबीआई जांच में खुलासा हुआ है कि उत्तराखंड की एक डेयरी ने 5 साल तक तिरुपति मंदिर को 68 लाख किलो नकली घी की सप्लाई की, जिसकी कीमत करीब 250 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

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सीबीआई की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने बताया कि ‘भोले बाबा ऑर्गेनिक डेयरी’, जो 2019 से 2024 तक घी की आपूर्ति कर रही थी, उसने कभी दूध या मक्खन की असली खरीदारी नहीं की, बल्कि रासायनिक पदार्थों जैसे मोनोडाईग्लिसराइड्स और एसिटिक एसिड एस्टर का इस्तेमाल कर कृत्रिम घी तैयार किया। जांच एजेंसी ने यह जानकारी आरोपी अजय कुमार सुगंध की गिरफ्तारी के बाद दी, जिसने इन केमिकल्स की सप्लाई डेयरी को की थी।

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Tirupati Temple Laddu Scam: Fake Ghee Offered as Prasad for 5 Years! 250 Crore Fraud Exposed; Know How
तिरुपति बालाजी मंदिर में लड्डू का कितना करोबार? - फोटो : Amar Ujala

जाली रिकॉर्ड और फर्जी सप्लाई का खेल
सीबीआई रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तराखंड के भगवानपुर में स्थित इस डेयरी के संचालक पोमिल जैन और विपिन जैन ने नकली देशी घी यूनिट बनाई और दूध खरीद के झूठे रिकॉर्ड तैयार किए। जब 2022 में भोले बाबा डेयरी को ब्लैकलिस्ट किया गया, तब भी इन लोगों ने अन्य कंपनियों के नाम पर जैसे वैष्णवी डेयरी (तिरुपति), माल गंगा डेयरी (उत्तर प्रदेश) और एआर डेयरी फूड्स (तमिलनाडु) के जरिये नकली घी की सप्लाई जारी रखी।

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Tirupati Temple Laddu Scam: Fake Ghee Offered as Prasad for 5 Years! 250 Crore Fraud Exposed; Know How
तिरुपति लड्डू विवाद - फोटो : अमर उजाला

खुलासा: रिजेक्ट घी को फिर मंदिर में भेजा गया
जांच में यह भी सामने आया कि जुलाई 2023 में टीटीडी द्वारा रिजेक्ट किए गए चार टैंकर घी (जिनमें पशु वसा की मिलावट थी) को भोले बाबा डेयरी ने लेबल बदलकर फिर से मंदिर को भेज दिया। एफएसएसएआई और सीबीआई टीम जब तमिलनाडु के डींडिगुल स्थित एआर डेयरी प्लांट पहुंची, तो पता चला कि रिजेक्ट घी वापस नहीं गया, बल्कि स्थानीय स्टोन क्रशिंग यूनिट में भेजा गया, जो वैष्णवी डेयरी के पास स्थित थी।

अगस्त 2024 में वैष्णवी डेयरी ने उसी घी को प्रोसेस कर लेबल बदल दिए और फिर से तिरुपति मंदिर को सप्लाई कर दिया, जिसके बाद वही घी भगवान वेंकटेश्वर के लड्डू प्रसाद में इस्तेमाल हुआ।

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CBI की कार्रवाई जारी
सीबीआई ने अपनी रिमांड रिपोर्ट में बताया कि यह मामला केवल धोखाधड़ी नहीं बल्कि धार्मिक आस्था से जुड़ा गंभीर अपराध है। एजेंसी अब यह जांच रही है कि TTD के किन अधिकारियों की मिलीभगत इस पूरे घोटाले में रही।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर जांच कर रही है एसआईटी
बता दें कि आंध्र प्रदेश में तिरुमला पहाड़ी पर स्थित श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में श्रद्धालुओं को प्रसाद के रूप में दिए जाने वाले प्रसिद्ध तिरुपति लड्डू में कथित मिलावट का मामला पिछले साल सामने आया था। मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रभावित पक्ष इस प्रकरण को सुप्रीम कोर्ट तक ले गया। लोकआस्था से जुड़े इस मुद्दे पर शीर्ष अदालत ने बीते साल अक्तूबर में कहा था कि करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़े इस मामले में राजनीतिक ड्रामा नहीं होना चाहिए। शीर्ष कोर्ट ने इस टिप्पणी के साथ एसआईटी जांच के निर्देश दिए थे।

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तिरुपति मंदिर के प्रसाद को लेकर हुआ विवाद - फोटो : पीटीआई

लड्डू की पवित्रता पर मंदिर प्रबंधन का बयान
विवाद के बाद तिरुपति के लड्डू को लेकर कई सवाल भी खड़े हुए। हालांकि, मंदिर प्रबंधन- तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) ने गत वर्ष 21 सितंबर को दावा किया कि श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर का प्रसाद अब पूरी तरह से शुद्ध व पवित्र है। हम इसे आगे भी बरकरार रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। घी में जानवरों की चर्बी और मछली के तेल की मिलावट जैसे आरोपों के बाद टीटीडी ने कहा था, श्रीवारी लड्डू की दिव्यता व पवित्रता अब बेदाग है।

मंदिर प्रशासन ने दो कर्मचारियों की सेवा समाप्त की
वेंकटेश्वर मंदिर की देखरेख करने वाले तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम ने अपने दो आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवा समाप्त कर दी है। इन दोनों पर अलीपिरी के पास मांसाहारी भोजन करने का आरोप है। TTD की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया TTD ने दो आउटसोर्स कर्मचारियों, रामास्वामी और सरसम्मा, के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। दोनों को अलीपिरी के पास मांसाहार करते पाया गया था। इस घटना की शिकायत तिरुमला टू टाउन पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई गई है। पुलिस ने बताया कि मामला आंध्र प्रदेश चैरिटेबल एंड एंडोमेंट्स एक्ट की धारा 114 के तहत दर्ज किया गया है और जांच शुरू कर दी गई है।
 

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