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Tirupati Laddu Row: एआर डेयरी को अपना पक्ष रखने का मौका मिला, मद्रास हाईकोर्ट ने FSSAI को दिया निर्देश
Fri, 04 Oct 2024 01:58 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
Published by: नितिन गौतम
Updated Fri, 04 Oct 2024 01:58 PM IST
सार
एफएसएसएआई के कारण बताओ नोटिस में कहा गया कि 'आपकी फर्म द्वारा निर्मित उत्पाद घी, मानकों को पूरा नहीं करता है। आपने खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम 2006, के तहत बनाए गए नियमों और विनियमों का उल्लंघन किया है।'
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मद्रास हाईकोर्ट।
- फोटो : ANI
विस्तार
तिरुपति मंदिर के लड्डू प्रसाद को लेकर जारी विवाद में अब मद्रास उच्च न्यायालय की मदुरै पीठ ने भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) को निर्देश दिया है कि वे मंदिर को घी की सप्लाई करने वाली एआर डेयरी को अनुपूरक नोटिस जारी करे। साथ ही उच्च न्यायालय ने एआर डेयरी को जवाब देने के लिए तय समय देने का भी निर्देश दिया है। इस तरह न्यायमूर्ति एन. सतीश कुमार की पीठ ने एआर डेयरी फूड को अपना पक्ष रखने का मौका दिया है। उच्च न्यायालय ने एआर डेयरी की तरफ से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए ये निर्देश दिए। याचिकाकर्ता ने कंपनी को जारी किए गए कारण बताओ नोटिस को चुनौती दी थी।
कंपनी ने कारण बताओ नोटिस को दी चुनौती
गौरतलब है कि, भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने एआर डेयरी फूड प्राइवेट लिमिटेड को कारण बताओ नोटिस जारी किया था, क्योंकि कंपनी गुणवत्ता मापदंडों को पूरा करने में विफल रही थी और फर्म को तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) द्वारा ब्लैकलिस्ट कर दिया गया था। एफएसएसएआई के कारण बताओ नोटिस में कहा गया कि 'आपकी फर्म द्वारा निर्मित उत्पाद घी, मानकों को पूरा नहीं करता है। आपने खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम 2006, के तहत बनाए गए नियमों और विनियमों का उल्लंघन किया है।'
कारण बताओ नोटिस में कहा गया है, 'आपकी फर्म द्वारा निर्मित उत्पाद 'घी' के उपरोक्त गैर-अनुरूपता के कारण, जो मानकों को पूरा नहीं करता है, आपने खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम 2006, इसके तहत बनाए गए नियमों और विनियमों का उल्लंघन किया है'। एआर डेयरी फूड प्राइवेट लिमिटेड पिछले चार वर्षों से तिरुपति प्रसाद बनाने के लिए घी के आपूर्तिकर्ताओं में से एक है। खाद्य मंत्रालय ने भी एआर डेयरी फूड प्राइवेट लिमिटेड से 23 सितंबर तक जवाब मांगा था। नोटिस में कहा गया, 'खाद्य सुरक्षा और मानक (खाद्य उत्पाद मानक और खाद्य योजक) विनियमन, 2011 के उपरोक्त प्रावधानों के उल्लंघन के लिए आपके केंद्रीय लाइसेंस को निलंबित क्यों न किया जाए, इसका कारण बताएं। इस संबंध में जवाब 23 सितंबर 2024 तक भेजा जाना चाहिए, जिसके न मिलने पर खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम 2006 और उसके तहत बनाए गए विनियमों के अनुसार उचित कार्रवाई शुरू की जाएगी।' हालांकि, एआर डेयरी फूड प्राइवेट लिमिटेड ने मंदिर में मिलावटी घी भेजने के आरोप से इनकार किया है। डेयरी ने आश्वासन दिया कि उनका घी दूषित नहीं है। वे वर्षों से घी भेज रहे हैं, लेकिन गुणवत्ता के बारे में कभी कोई शिकायत नहीं मिली।
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क्या है तिरुपति लड्डू विवाद
तिरुपति लड्डू पर विवाद तब शुरू हुआ जब आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने आरोप लगाया कि आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वाईएसआरसीपी नेता वाई.एस. जगनमोहन रेड्डी के कार्यकाल के दौरान तिरुपति मंदिर के लड्डू बनाने में 'पशु चर्बी' का इस्तेमाल किया गया था। इन आरोपों के बाद पूरे देश में इसकी चर्चा हुई और खूब राजनीतिक बयानबाजी हुई। 19 सितंबर को गुजरात स्थित निजी प्रयोगशाला एनडीडीबी कैल्फ की एक रिपोर्ट से पता चला कि तिरुपति के लड्डू बनाने में इस्तेमाल किए गए घी के नमूनों में विदेशी वसा शामिल थी, जिसमें पाम ऑयल, मछली का तेल और सुअर की चर्बी शामिल थी।
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कंपनी ने कारण बताओ नोटिस को दी चुनौती
गौरतलब है कि, भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने एआर डेयरी फूड प्राइवेट लिमिटेड को कारण बताओ नोटिस जारी किया था, क्योंकि कंपनी गुणवत्ता मापदंडों को पूरा करने में विफल रही थी और फर्म को तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) द्वारा ब्लैकलिस्ट कर दिया गया था। एफएसएसएआई के कारण बताओ नोटिस में कहा गया कि 'आपकी फर्म द्वारा निर्मित उत्पाद घी, मानकों को पूरा नहीं करता है। आपने खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम 2006, के तहत बनाए गए नियमों और विनियमों का उल्लंघन किया है।'
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कारण बताओ नोटिस में कहा गया है, 'आपकी फर्म द्वारा निर्मित उत्पाद 'घी' के उपरोक्त गैर-अनुरूपता के कारण, जो मानकों को पूरा नहीं करता है, आपने खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम 2006, इसके तहत बनाए गए नियमों और विनियमों का उल्लंघन किया है'। एआर डेयरी फूड प्राइवेट लिमिटेड पिछले चार वर्षों से तिरुपति प्रसाद बनाने के लिए घी के आपूर्तिकर्ताओं में से एक है। खाद्य मंत्रालय ने भी एआर डेयरी फूड प्राइवेट लिमिटेड से 23 सितंबर तक जवाब मांगा था। नोटिस में कहा गया, 'खाद्य सुरक्षा और मानक (खाद्य उत्पाद मानक और खाद्य योजक) विनियमन, 2011 के उपरोक्त प्रावधानों के उल्लंघन के लिए आपके केंद्रीय लाइसेंस को निलंबित क्यों न किया जाए, इसका कारण बताएं। इस संबंध में जवाब 23 सितंबर 2024 तक भेजा जाना चाहिए, जिसके न मिलने पर खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम 2006 और उसके तहत बनाए गए विनियमों के अनुसार उचित कार्रवाई शुरू की जाएगी।' हालांकि, एआर डेयरी फूड प्राइवेट लिमिटेड ने मंदिर में मिलावटी घी भेजने के आरोप से इनकार किया है। डेयरी ने आश्वासन दिया कि उनका घी दूषित नहीं है। वे वर्षों से घी भेज रहे हैं, लेकिन गुणवत्ता के बारे में कभी कोई शिकायत नहीं मिली।
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क्या है तिरुपति लड्डू विवाद
तिरुपति लड्डू पर विवाद तब शुरू हुआ जब आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने आरोप लगाया कि आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वाईएसआरसीपी नेता वाई.एस. जगनमोहन रेड्डी के कार्यकाल के दौरान तिरुपति मंदिर के लड्डू बनाने में 'पशु चर्बी' का इस्तेमाल किया गया था। इन आरोपों के बाद पूरे देश में इसकी चर्चा हुई और खूब राजनीतिक बयानबाजी हुई। 19 सितंबर को गुजरात स्थित निजी प्रयोगशाला एनडीडीबी कैल्फ की एक रिपोर्ट से पता चला कि तिरुपति के लड्डू बनाने में इस्तेमाल किए गए घी के नमूनों में विदेशी वसा शामिल थी, जिसमें पाम ऑयल, मछली का तेल और सुअर की चर्बी शामिल थी।
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