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गुजरात: एआई, सेमीकंडक्टर में लंबी छलांग, जानिए सीएम भूपेंद्र पटेल के कार्यकाल की क्या-क्या हैं उपलब्धियां
Sat, 12 Sep 2026 01:58 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: नितिन गौतम
Updated Sat, 12 Sep 2026 01:58 PM IST
सार
गुजरात में भूपेंद्र पटेल सरकार के कार्यकाल को पांच साल पूरे हो रहे हैं। भूपेंद्र पटेल सरकार के कार्यकाल की कई बड़ी उपलब्धियां रही हैं, जिनमें एआई, अक्षय ऊर्जा, सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में गुजरात ने लंबी छलांग लगाई है।
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प्रधानमंत्री मोदी के साथ गुजरात के सीएम
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
13 सितंबर, 2026 को मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के कार्यकाल के पांच साल पूरे हो रहे हैं। इन पांच वर्षों के दौरान गुजरात ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय विकास हासिल करते हुए नागरिकों के कल्याण में वृद्धि की है। राज्य के इतिहास का सबसे बड़ा 4.08 लाख करोड़ रुपए के बजट, सेमीकंडक्टर और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे भविष्य के क्षेत्रों में सक्रिय भागीदारी, आधुनिक शहरी एवं औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर तथा वर्तमान समय की जरूरतों के अनुरूप किए गए प्रशासनिक सुधारों ने गुजरात की विकास यात्रा को नई दिशा दी है।
19 नीतियों के जरिए मजबूत नींव का निर्माण
राज्य के विकास को नई गति प्रदान करने के लिए भूपेंद्र पटेल सरकार में पांच वर्षों में 19 महत्वपूर्ण नीतियां लागू की गई हैं। सेमीकंडक्टर, रिन्यूएबल एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन, इलेक्ट्रॉनिक्स, स्पेसटेक, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स, डेटा सेंटर्स, शिपबिल्डिंग और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों को बढ़ावा देने वाली इन नीतियों के कारण गुजरात ने उभरते एवं रणनीतिक क्षेत्रों में निवेश के लिए एक मजबूत इकोसिस्टम तैयार किया है।
क्षेत्रीय विकास को गति : 17.4 लाख करोड़ रुपए के एमओयू
वैश्विक निवेश और औद्योगिक विकास को राज्य के विभिन्न क्षेत्रों तक पहुंचाने के उद्देश्य से चार वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इन चारों कॉन्फ्रेंस में कुल 17.4 लाख करोड़ रुपए के निवेश के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। क्षेत्रीय स्तर पर निवेश और रोजगार के अवसरों को बढ़ाने के लिए गुजरात द्वारा की गई इस पहल से राज्य के सर्वांगीण एवं संतुलित विकास को और मजबूती मिली है।
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सेमीकंडक्टर क्षेत्र में गुजरात की बड़ी उपलब्धि : 6 प्लांट स्वीकृत, 3 कार्यरत
गुजरात ने सेमीकंडक्टर क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्य के तौर पर अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। राज्य में कुल 6 सेमीकंडक्टर प्लांट को मंजूरी मिली है, जिनमें से तीन प्लांट में कमर्शियल प्रोडक्शन भी शुरू हो गया है। सेमीकंडक्टर से लेकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग तक के क्षेत्रों में गुजरात भविष्य की टेक्नोलॉजी-आधारित अर्थव्यवस्था के लिए अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है।
यूसीसी से प्रशासनिक सुधारों तक : गुजरात में सुशासन हुआ मजबूत
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में गुजरात में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक पारित किया गया है, जो समानता, न्याय और एकता के संकल्प को और मजबूत करता है। इसके साथ ही, नागरिक सेवाओं को और आसान, तेज और पारदर्शी बनाने के लिए अनेक प्रशासनिक सुधार लागू किए गए हैं। 'सुगम डिजिटल गुजरात' के माध्यम से सरकारी सेवाओं को पेपरलेस, कैशलेस और फेसलेस बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।
गवर्नेंस 2.0 की ओर अग्रसर गुजरात
नीति आयोग की तर्ज पर 'गुजरात राज्य इंस्टीट्यूशन फॉर ट्रांसफॉर्मेशन' (जीआरआईटी) का गठन किया गया है। प्रशासनिक तंत्र की कार्यक्षमता और प्रभावकारिता बढ़ाने के लिए गुजरात प्रशासनिक सुधार आयोग (जीएआरसी) का भी गठन किया गया है। इन विकासोन्मुखी और दूरदर्शी पहलों के माध्यम से डेटा-आधारित नीति निर्माण, कुशल प्रशासन और परिणामोन्मुखी शासन को और मजबूत करने के प्रयास किए गए हैं।
प्रधानमंत्री के विजन के अनुरूप गुजरात ने तैयार किया 'विकसित गुजरात @2047' का रोडमैप
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत @2047' के विजन के अनुरूप 'विकसित गुजरात @2047' का रोडमैप तैयार करने वाला गुजरात देश का पहला राज्य बना है। इस दीर्घकालिक विजन के जरिए गुजरात को आर्थिक रूप से सक्षम, टेक्नोलॉजी से सुसज्जित और सर्वसमावेशी विकास वाले एक मजबूत राज्य के रूप में विकसित करने की दिशा निर्धारित की गई है।
शहरी विकास को प्राथमिकता
तत्कालीन मुख्यमंत्री और मौजूदा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के शहरी विकास के विजन को आगे बढ़ाते हुए, वर्ष 2025 को ‘शहरी विकास वर्ष’ घोषित किया गया। राज्य के शहरों को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाने के लिए आधुनिक एवं विश्व स्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर दिया गया है। शहरी परिवहन, सुविधाओं और नागरिक सेवाओं में सुधार के साथ शहरों में ‘ईज ऑफ लिविंग’ यानी जीवन की सुगमता को बढ़ाने की दिशा में काम किया गया है।
युवा पीढ़ी के सर्वांगीण विकास के लिए कल्याणकारी योजनाएं
युवा पीढ़ी के सर्वांगीण विकास के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं लागू की गई हैं। राज्य की बेटियां माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक शिक्षा पूर्ण करें, इसके लिए 'नमो लक्ष्मी योजना' शुरू की गई है। कक्षा 11-12 में विद्यार्थियों को विज्ञान संकाय में पढ़ने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए 'नमो सरस्वती विज्ञान साधना योजना' लागू है। प्राथमिक स्कूल के बच्चों को मध्याह्न भोजन के अलावा पौष्टिक नाश्ता मिले, इसके लिए ‘मुख्यमंत्री पौष्टिक अल्पाहार योजना’ तथा गर्भवती माताओं के स्वास्थ्य एवं पोषण के लिए 'नमो श्री योजना' लागू की गई है।
राजस्व सुधारों से नागरिक सेवाएं हुईं तेज
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में नागरिकों के लिए सरकारी प्रक्रियाओं को आसान बनाने और सेवाओं को और भी तेज बनाने के लिए महत्वपूर्ण राजस्व सुधार लागू किए गए हैं। टेक्नोलॉजी के उपयोग और प्रक्रियाओं को आसान बनाकर नागरिक-केंद्रित प्रशासन को और मजबूत किया गया है।
वैश्विक मंच पर गुजरात की प्रतिष्ठा बढ़ी
गुजरात ने पिछले पांच वर्षों के दौरान जी-20 बैठकों, वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट और ग्लोबल रिन्यूएबल एनर्जी इन्वेस्टर्स मीट एंड एक्सपो (आरई-इनवेस्ट) 2024 जैसे महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों का सफल आयोजन किया है। इन कार्यक्रमों ने वैश्विक निवेश, व्यापार और उद्योग क्षेत्र में गुजरात की बढ़ती भूमिका को और मजबूत किया है। अब, गुजरात वर्ष 2030 में कॉमनवेल्थ खेलों की मेजबानी के लिए भी तैयार है।
रिन्यूएबल एनर्जी से एआई तक : भविष्य के क्षेत्रों में अग्रणी बन रहा गुजरात
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में गुजरात रिन्यूएबल एनर्जी, सेमीकंडक्टर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जैसे उभरते क्षेत्रों में अग्रणी बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उद्योग, निवेश, टेक्नोलॉजी, शिक्षा, स्वास्थ्य, शहरी विकास और सामाजिक कल्याण सहित विभिन्न क्षेत्रों में हुए चहुंमुखी विकास के कारण गुजरात ने पिछले पांच वर्षों में सर्वांगीण विकास का एक नया अध्याय लिखा है।
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19 नीतियों के जरिए मजबूत नींव का निर्माण
राज्य के विकास को नई गति प्रदान करने के लिए भूपेंद्र पटेल सरकार में पांच वर्षों में 19 महत्वपूर्ण नीतियां लागू की गई हैं। सेमीकंडक्टर, रिन्यूएबल एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन, इलेक्ट्रॉनिक्स, स्पेसटेक, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स, डेटा सेंटर्स, शिपबिल्डिंग और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों को बढ़ावा देने वाली इन नीतियों के कारण गुजरात ने उभरते एवं रणनीतिक क्षेत्रों में निवेश के लिए एक मजबूत इकोसिस्टम तैयार किया है।
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क्षेत्रीय विकास को गति : 17.4 लाख करोड़ रुपए के एमओयू
वैश्विक निवेश और औद्योगिक विकास को राज्य के विभिन्न क्षेत्रों तक पहुंचाने के उद्देश्य से चार वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इन चारों कॉन्फ्रेंस में कुल 17.4 लाख करोड़ रुपए के निवेश के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। क्षेत्रीय स्तर पर निवेश और रोजगार के अवसरों को बढ़ाने के लिए गुजरात द्वारा की गई इस पहल से राज्य के सर्वांगीण एवं संतुलित विकास को और मजबूती मिली है।
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सेमीकंडक्टर क्षेत्र में गुजरात की बड़ी उपलब्धि : 6 प्लांट स्वीकृत, 3 कार्यरत
गुजरात ने सेमीकंडक्टर क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्य के तौर पर अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। राज्य में कुल 6 सेमीकंडक्टर प्लांट को मंजूरी मिली है, जिनमें से तीन प्लांट में कमर्शियल प्रोडक्शन भी शुरू हो गया है। सेमीकंडक्टर से लेकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग तक के क्षेत्रों में गुजरात भविष्य की टेक्नोलॉजी-आधारित अर्थव्यवस्था के लिए अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है।
यूसीसी से प्रशासनिक सुधारों तक : गुजरात में सुशासन हुआ मजबूत
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में गुजरात में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक पारित किया गया है, जो समानता, न्याय और एकता के संकल्प को और मजबूत करता है। इसके साथ ही, नागरिक सेवाओं को और आसान, तेज और पारदर्शी बनाने के लिए अनेक प्रशासनिक सुधार लागू किए गए हैं। 'सुगम डिजिटल गुजरात' के माध्यम से सरकारी सेवाओं को पेपरलेस, कैशलेस और फेसलेस बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।
गवर्नेंस 2.0 की ओर अग्रसर गुजरात
नीति आयोग की तर्ज पर 'गुजरात राज्य इंस्टीट्यूशन फॉर ट्रांसफॉर्मेशन' (जीआरआईटी) का गठन किया गया है। प्रशासनिक तंत्र की कार्यक्षमता और प्रभावकारिता बढ़ाने के लिए गुजरात प्रशासनिक सुधार आयोग (जीएआरसी) का भी गठन किया गया है। इन विकासोन्मुखी और दूरदर्शी पहलों के माध्यम से डेटा-आधारित नीति निर्माण, कुशल प्रशासन और परिणामोन्मुखी शासन को और मजबूत करने के प्रयास किए गए हैं।
प्रधानमंत्री के विजन के अनुरूप गुजरात ने तैयार किया 'विकसित गुजरात @2047' का रोडमैप
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत @2047' के विजन के अनुरूप 'विकसित गुजरात @2047' का रोडमैप तैयार करने वाला गुजरात देश का पहला राज्य बना है। इस दीर्घकालिक विजन के जरिए गुजरात को आर्थिक रूप से सक्षम, टेक्नोलॉजी से सुसज्जित और सर्वसमावेशी विकास वाले एक मजबूत राज्य के रूप में विकसित करने की दिशा निर्धारित की गई है।
शहरी विकास को प्राथमिकता
तत्कालीन मुख्यमंत्री और मौजूदा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के शहरी विकास के विजन को आगे बढ़ाते हुए, वर्ष 2025 को ‘शहरी विकास वर्ष’ घोषित किया गया। राज्य के शहरों को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाने के लिए आधुनिक एवं विश्व स्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर दिया गया है। शहरी परिवहन, सुविधाओं और नागरिक सेवाओं में सुधार के साथ शहरों में ‘ईज ऑफ लिविंग’ यानी जीवन की सुगमता को बढ़ाने की दिशा में काम किया गया है।
युवा पीढ़ी के सर्वांगीण विकास के लिए कल्याणकारी योजनाएं
युवा पीढ़ी के सर्वांगीण विकास के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं लागू की गई हैं। राज्य की बेटियां माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक शिक्षा पूर्ण करें, इसके लिए 'नमो लक्ष्मी योजना' शुरू की गई है। कक्षा 11-12 में विद्यार्थियों को विज्ञान संकाय में पढ़ने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए 'नमो सरस्वती विज्ञान साधना योजना' लागू है। प्राथमिक स्कूल के बच्चों को मध्याह्न भोजन के अलावा पौष्टिक नाश्ता मिले, इसके लिए ‘मुख्यमंत्री पौष्टिक अल्पाहार योजना’ तथा गर्भवती माताओं के स्वास्थ्य एवं पोषण के लिए 'नमो श्री योजना' लागू की गई है।
राजस्व सुधारों से नागरिक सेवाएं हुईं तेज
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में नागरिकों के लिए सरकारी प्रक्रियाओं को आसान बनाने और सेवाओं को और भी तेज बनाने के लिए महत्वपूर्ण राजस्व सुधार लागू किए गए हैं। टेक्नोलॉजी के उपयोग और प्रक्रियाओं को आसान बनाकर नागरिक-केंद्रित प्रशासन को और मजबूत किया गया है।
वैश्विक मंच पर गुजरात की प्रतिष्ठा बढ़ी
गुजरात ने पिछले पांच वर्षों के दौरान जी-20 बैठकों, वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट और ग्लोबल रिन्यूएबल एनर्जी इन्वेस्टर्स मीट एंड एक्सपो (आरई-इनवेस्ट) 2024 जैसे महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों का सफल आयोजन किया है। इन कार्यक्रमों ने वैश्विक निवेश, व्यापार और उद्योग क्षेत्र में गुजरात की बढ़ती भूमिका को और मजबूत किया है। अब, गुजरात वर्ष 2030 में कॉमनवेल्थ खेलों की मेजबानी के लिए भी तैयार है।
रिन्यूएबल एनर्जी से एआई तक : भविष्य के क्षेत्रों में अग्रणी बन रहा गुजरात
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में गुजरात रिन्यूएबल एनर्जी, सेमीकंडक्टर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जैसे उभरते क्षेत्रों में अग्रणी बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उद्योग, निवेश, टेक्नोलॉजी, शिक्षा, स्वास्थ्य, शहरी विकास और सामाजिक कल्याण सहित विभिन्न क्षेत्रों में हुए चहुंमुखी विकास के कारण गुजरात ने पिछले पांच वर्षों में सर्वांगीण विकास का एक नया अध्याय लिखा है।